लक्ष्य के साथ आगे बढ़ें…अपराध के तौर तरीकों में हुआ है बदलाव..एसपी ने कहा…नियम और कानून सबसे ऊपर

बिलासपुर—- अपराधिक गतिविधियों के तौर तरीके बदले हैं। अपराध का स्वरूप में भी बदलाव हुआ है। जब तक लोगों में जागरूकता नहीं आएगी तब तक पढ़ाई का कोई अर्थ नहीं है। 21 वीं सदी की दुनिया बहुत तेज है। जाहिर सी बात है कि 21 वी सदी का भारत भी तेजी से प्रगति कर रहा है। इसमें सभी वर्गों का योगदान है।  लेकिन छात्र छात्राओं का योगदान सबसे ऊपर है। दुनिया में भारत को युवा देश के नाम से भी जाना जाता है। ना केवल भारत को बल्कि दुनिया को भी देश से बहुत उम्मीद है। इसलिए उम्मीद करता हूं कि बिलासपुर जिले के छात्र छात्राएं भी एक लक्ष्य के साथ ना केवल पढ़ाई करें बल्कि देश के विकास में अपना योगदान भी दें। यह बातें बिलासपुर के पुलिस कप्तान मयंक श्रीवास्तव ने तखतपुर स्थित जेएमपी महाविद्यालय के छात्र छात्राओं के बीच कही।

                                   महाविद्यालय समेत अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में पुलिस कप्तान मयंक श्रीवास्तव ने कहा कि जब तक लक्ष्य नहीं होगा पढ़ाई लिखाई का अर्थ भी नहीं है। लक्ष्य छोटा या बड़ा नहीं होता है। क्योंकि देश के समग्र विकास में सभी का योगदान होता है। उन्होने कहा भारत को दुनिया में युवा देश के रूप में जाना जाता है। ऊर्जावान और कर्मठ नौजवानों ने देश दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है। लेकिन समय के साथ लोगों में भटकाव भी महसूस किया जा रहा है। कारण कुछ भी हो सकते हैं। लेकिन परिणाम कभी भी अच्छा नहीं हो सकता है।

                      महाविद्यालय में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए मयंक श्रीवास्तव ने कहा कि विकास के साथ लोगों को जागरूक रहने की भी जरूरत है। कुछ लोग शार्टकट का सहारा लेकर रातों रात धनवान बनना चाहते हैं। यही शार्टकट भविष्य में अपराध को जन्म देता है। बताना चाहूंगा कि शार्टकट कभी फलदायी नहीं होता है। कहने का अर्थ गलत…हमेशा गलत ही होता है। देश का एक कानून है..नियम हैं। हमें देश के कानून और नियमों को हर हालत में सम्मान करना ही होगा। तभी हम अच्छे नागरिक होंगे।

                                 पुलिस कप्तान ने कहा कि शार्टकट के चक्कर में कई युवा रास्ता भटक गए हैं। देर सबेरIMG-20170923-WA0015 वे लोग भी रास्ते पर आ जाएंगे। लेकिन हमें अपराधिक गतिविधियों से दूरी बनाकर रखना है। लेकिन आंख बंद नहीं करना है। अपराधिक गतिविधियों से निपटने के लिए पुलिस से सहयोग लेना है और सहयोग करना भी है। उन्होने कहा कि इस समय अपराध के तौर तरीके और स्वरूप में बदलाव हुआ है। साइबर क्राइम की शिकायतें बढ़ गयी हैं। एटीएम फॉड कर मेहनत की गाढ़ी कमाई को कुछ अपराधिक गतिविधियों के लोग लूटपाट रहे हैं। हमें ऐसे लोगोंं से सतर्क रहना है। यहां पर हमें पढ़ाई लिखाई से अर्जित ज्ञान का सदप्रयोग करना है। मयंक श्रीवास्तव ने छात्राओं को बताया कि महिलाओं के साथ अपराध देश के मान सम्मान को धक्का पहुंचाता है। समाज भी कलंकित होता है। हमें महिलाओं का सम्मान करना होगा। इस दौरान उन्होने अपराध के रास्ते से बचने और लोगों को बचाने की जानकारी भी दी।

                                             मयंक श्रीवास्तव ने कहा कि छात्र छात्राएं और उनके परिचय के लोग फेसबुक के माध्यम से पुलिस से जुड़ें। वाट्सअप पर आपराधिक घटनाओं की जानकारी दें। यदि पुलिस विभाग में कुछ सुधार की जरूरत हैं उसके बारे में भी बताएं। नेट की दुनिया बहुत तेज है। पलक झपकते ही पुलिस मौके पर पहुंचेगी। समस्याओं को दूर करेगी। अपराधियों पर भी नकेल कसने में आसानी होगी। मयंक श्रीवास्तव ने कहा कि आपका जीवन देश के लिए बहुत मायने रखता है। इसलिए यातायात नियमों का भी पालन करें। गाड़ी चलाने के दौरान मोबाइल पर बातचीत ना करें। हेलमेट का हमेशा प्रयोग करें। कार ड्रायविंग के समय सीट बेल्ट का प्रयोग करें। खासतौर पर बच्चे ब्लू व्हेल समेत अन्य ऐसे नेटगेम से बचें जो हमारे जीवन के लिए घातक हो। खासतौर पर मातापिता को भी इस पर ध्यान देना होगा।

                      एक दिवसीय इस कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक मयंक श्रीवास्तव के अलावा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अर्चना झा भी मौजूद थीं। झा ने छात्र छात्राओं को हमेशा अपडेट रहने को कहा। एडिश्नल एसपी ने कहा कि पुलिस का अर्थ सेवा है। पुलिस का काम अपराध पर नियंत्रण करना है। आप लोगों के सहयोग के बिना अपराध पर नियंत्रण मुश्किल है। कार्यक्रम में एसडीओपी कोटा विश्वदीपक त्रिपाठी   भी मौजूद थे। उन्होने बच्चों को संबोधित किया।

                      कार्यशाला में छात्र छात्राओ,कालेज स्टाफ के अलावा गणमान्य लोग समेत पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

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  1. By रवि शुक्ला

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