हल्दी,कुमकुम,बन्दन के साथ पुलिस की शस्त्र पूजा.. थानेदार ने उतारी आरती..विधि विधान से किया पाठ

बिलासपुर—(रियाज़ अशरफी)— प्राचीन काल से दशहरे के दिन शस्त्र पूजा करने की परंपरा चली आ रही है उस दौर में राजा महाराजा शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए  इसी दिन अपने शस्त्रों का पूजा किया करते थे साथ ही अपने शत्रुओं से लड़ने के लिए शस्त्रों का चयन भी करते थे। परंपरा का निर्वहन करते हुए सीपत थाना में भी थाना प्रभारी टीआई हरिश्चंद्र टांडेकर ने शस्त्रों का मंत्रोच्चारण के साथ पूजा अर्चना किया।
 
                   बुधवार को अश्वनी मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी मनाई गई। इस अवसर पर सीपत थाना में में भी देवी अपराजिता की पूजा की पूजा हुई पूजा में मां रणचंडी के साथ रहने वाली योगनियों जया और विजया को पूजा गया। मालूम हो कि पूजा में अस्त्र-शस्त्रों को सामने रखकर पूजा करने की परंपरा रामायण और महाभारत काल से चली आ रही है पुलिस भी इसी परंपरा  को निभाते हुए आ रही है।
 
                     सीपत पुलिस ने विजयादशमी के दिन थाना में रखे अस्त्र-शस्त्रों को पूजा गया। इस पूजा का उद्देश्य सीमा के सुरक्षा में देवी का आशीर्वाद प्राप्त करना है। मान्यताओं के अनुसार रामायण काल से ही शस्त्र पूजा की परंपरा चली आ रही है भगवान राम ने रावण से युद्ध करने से पहले शस्त्र पूजा की थी शस्त्र पूजा के पूर्व सभी शस्त्रों को इकट्ठा किया गया। इसके बाद सभी शस्त्रों पर  गंगाजल छिड़का गया। हल्दी, कुमकुम का तिलक लगाकर फूल अर्पित किया गया। शमी के पत्तो को भी शस्त्रों पर चढ़ाकर पूजा पाठ को अंजाम दिया गया।
 
                                   इस अवसर पर एस आई राकेश पटेल, प्रधान आरक्षक अकबर अली, प्रधान आरक्षक महादेव खुटे,उमाशंकर राठौर, आरक्षक धीरज, शरद साहू, रामकुमार बघेल, प्रदीप सोनी, चंद्र प्रकाश भारद्वाज सहित अन्य पुलिस कर्मी उपस्थित थे।

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