स्वावलंबी छत्तीसगढ़ के माध्यम से युवा शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने की सकारात्मक पहल- कुलपति प्रो. चक्रवाल

बिलासपुर। गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (केन्द्रीय विश्वविद्यालय) के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ने वाराणसी में शनिवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के सफल क्रियान्वयन के अंतर्गत किये जा रहे सकारात्मक प्रयासों एवं बेस्ट प्रैक्टिसेज के विषय में व्याख्यान दिया। वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेशन सेंटर में 7 से 9 जुलाई तक आयोजित तीन दिवसीय अखिल भारतीय शिक्षा समागम- राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 क्रियान्वयन पर विमर्श किया गया। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था।
शिक्षा समागम में देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. चक्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य रोजगार लेने वाला नहीं बल्कि देने वाले युवाओं को तैयार करने का है जिसके अंतर्गत गुरु घासीदास विश्वविद्यालय ने अग्रीणी पहल करते हुए युवा शक्ति विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वावलंबी छत्तीसगढ़ योजना प्रारंभ की है। उन्होंने कहा कि मुझे यह बताते हुए हर्ष और गौरव हो रहा कि स्वावलंबी छत्तीसगढ़ योजना के क्रियान्वयन के लिए पोर्टल भी प्रारंभ कर दिया गया है जिस पर विद्यार्थी और कंपनियों ने पंजीयन शुरू कर दिये हैं।
कुलपति प्रो. चक्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 अकादमिक उत्कृष्टता, आर्थिक विकास, मूल्य संवर्धन में हमारे अर्जित और उपलब्ध ज्ञान की प्रत्यक्ष भूमिका का एक रोडमैप है। एनईपी-2020 का उद्देश्य 21वीं सदी के कौशल और नवाचार, जटिल समस्याओं का समाधान, रचनात्मकता और डिजिटल साक्षरता को बढ़ाने के साथ-साथ प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के साथ विद्यार्थियों को ज्ञान प्रदान करना है।

प्रो. चक्रवाल ने कहा कि गुरु घासीदास विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन की नीति के अनुक्रम में शैक्षणिक सत्र 2022-23 से पीजी स्तर पर अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट बनाकर विद्यार्थियों को इसका लाभ प्रदान करने हेतु अध्यादेश, विनियम एवं एमओयू का मसौदा प्रारूपित किया है। अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट का उद्देश्य पूरे देश में मल्टीपल एंट्री एंड एक्जिट ऑप्शन के साथ अधिक अंतरविषयक एवं बहुविषयक अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए उच्च शिक्षा में छात्र केन्द्रित, शिक्षार्थी अनुकूल दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना है।
एबीसी छात्रों को इस रूप में सक्षम बनाता है कि वे अपनी अभिरुचि एवं ज्ञान पिपासा के अनुसार श्रेष्ठ पाठ्यक्रमों या सटीक पाठ्यक्रम समूह का चयन कर सकें। यह छात्रों को अपनी पसंद के अनुसार विषय चयन कर उपाधि प्राप्त करने या विशिष्टिकरण का अवसर प्रदान करता है।
इस आयोजन में विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थान के प्रमुखों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन के संबंध में गहन मंथन किया।

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