PWD ईई पर भड़के अध्यक्ष अरूण चौहान.कहा. ..सीएम से करेंगे निलंबन की मांग..सभापति जितेन्द्र का गंभीर आरोप..बीईओ बेच रहा मातृत्व अवकाश …गलत साबित हुआ तो सदस्यता से दूंगा इस्तीफा

बिलासपुर— जिला पंचायत सामान्य सभा की हंगामेदार बैठक में 20 महत्वपूर्ण एजेन्डा पर चर्चा हुई। सड़क,पानी,बिजली,मनरेगा,स्वास्थ्य,किसान समेत शासन की जनहित योजनाओं गंभीर चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने पिछले सामान्य सभा में दिए गए निर्देशों को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा। निर्देशों के पालन नहीं होने पर नाराजगी भी जाहिर किया। इस दौरान नाराज जिला पंचायत अध्यक्ष ने पीडब्लूडी डीवीजन एक और दो के ईई को तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पत्र जारी करने को कहा। चौहान ने बताया कि दोनो अधिकारी खुद को सिस्टम से बड़ा समझने की भूल कर रहे हैं। कापसे और चौरसिया को निलंबित किए जाने की मांग मुख्यमंत्री से करेंगे।
              जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक हुई। इस दौरान पिछले निर्देशों को लेकर अधिकारियों ने जवाब पेश किया। साथ ही जनप्रतिनिधियों ने  कुछ समास्याओं को गंभीरता से लेने को कहा। अंकित गौरहा ने किसानों को  सम्मान निधि नहीं दिए जाने को लेकर नाराजगी जाहिर किया। उर्तुम में स्वास्थ्य केन्द्र खोले जाने की बात कही। राजेश्वर भार्गव ने बताया कि जयरामनगर चिकित्सालय में पदस्थ चिकित्सक  शराब पीकर ड्यूटी करता है। मीनू सुमन्त यादव ने घुटकू में उप-स्वास्थ्य केन्द्र खोले जानी की बात कही।
 बीस एजेन्डों पर हुई चर्चा
                सामान्य सभा की बैठक में कृषि विभाग,मत्स्य पालन विभाग, स्वास्थ्य, पीएचई, आईएस, मनरेगा, पीएमजीएसवाय,वन विभाग,महिला बाल विकास विभाग,लोक निर्माण विभाग, खाद्य विभाग,शिक्षा और उद्योग विभाग वन विभाग समेत अन्य विभागों से जुड़े 20 प्रमुख बिन्दुओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने जन समस्या को जल्द से जल्द दूर किए जाने की बात कही।
कापसे और चौरसिया को सस्पेन्ड करने की मांग
          बैठक में हमेशा की तरह बिलासपुर लोक निर्माण विभाग से सटीक जानकारी नहीं मिलने पर जनप्रतिनिधियों ने आक्रोश जाहिर किया। जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण चौहान ने बिलासपुर और पेन्ड्रा ईई की अनुपस्थिति को लेकर नाराजगी को जाहिर किया। चौहान ने कहा कि बर्दास्त की सीमा होती है।  बिलासपुर लोक  निर्माण विभाग डीविजन एक और दो के अधिकारी बुलाए जाने के बाद भी बैठक में उपस्थित नहीं हुए। जबकि अनुपस्थिति को लेकर कई बार नाराजगी भी जाहिर किया जा चुका है। 
                    अरूण चौहान ने कहा कि बीएल कापसे और अरविन्द चौरसिया के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई किया जाना जरूरी है। दोनो के खिलाफ निन्दा प्रस्ताव लाया जाता है। दोनों अधिकारियों को यदि जनहित  की बैठक में शामिल होने में शर्म मसहसूस होती है तो अपना स्थानान्तरण करवा ले। बिलासपुर में उनकी जरूरत नहीं है।दोनों की शिकायत मुख्यमंत्री से कर निलबंबन की मांग करेंगे।
              जिला पंचायत अध्यक्ष ने नाराजगी जाहिर करते हुए पेन्ड्रा पीडब्ल्डी अधिकारी के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई करने को कहा। चौहान ने कहा कि तीनो अधिकारियों के खिलाफ मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्री, मुख्य सचिव,सीईओ,और कलेक्टर को भी कार्रवाई के लिए शिकायत पत्र भेजा जाए।
 जिला शिक्षा अधिकारी पर भड़के सभापति
              बैठक में जिला शिक्षा विभाग अधिकारियों पर जनप्रतिनिधियों ने जमकर गुस्सा उतारा। खासकर पिछले सामान्य सभा में दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किए जाने को लेकर नाराजगी भी जाहिर किया। अटैचमेन्ट से लेकर स्कूल में शिक्षकों की अनुपस्थित का मुद्दा बैठक में जमकर गूंजा।
                              सभापति जितेन्द्र पाण्डेय के सवाल पर जिला शिक्षा अधिकारी कौशिक ने बताया कि बिल्हा डीईओ पर रूपये लेकर मातृत्व अवकाश का आरोप झूठा है। जांच के दौरान सभी आरोप गलत पाए गए है। यदि प्रमाण हो तो दें..। 
सदस्यता से इस्तीफा दे दूंगा
               इतना सुनते ही सभापति जितेन्द्र फाण्डेय भड़क गए। उन्होने कहा कि बिल्हा बीईओ दस हजार रूपये में मातृत्व अवकाश बेचता है। हमारे पास प्रमाण है। हमारे साथ चलें..दस हजार रूपए देकर किसने मातृत्व अवकाश खरीदा है पता चल जाएगा। फोन से जांच नहीं होती। आफिस में बैठकर जानकारी नहीं मिलती। आखिर बिल्हा बीईओ को बचाया क्यों जा रहा है।
               हमारे साथ चलें और जांच के लिए तैयार रहें। यदि मैं गलत साबित हुआ तो जिला पंचायत की सदस्यता से इस्तीफा दे दूंगा। इसके बाद सामान्य सभा की बैठक में सन्नाटा छा गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *