पीएससीःकठिन प्रश्नों को देख प्रतियोगियों को छूटा पसीना..सामान्य ज्ञान ने जमकर रूलाया..परीक्षा के बाद..सोशल मीडिया में मिम्स की बौछार

बिलासपुर— प्रदेश में एक साथ अलग अलग केन्द्रों में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2021 का आयोजन किया। 17 जिलों में करीब 250 परीक्षा केंद्रों में कुल 171 पदों के लिए प्रारम्भिक परीक्षा में बैठकर परीक्षार्थियों ने मुख्य परीक्षा के लिए भाग्य आजमाया।
 
         रविवार को प्रदेश के 250 केन्द्रों में लोकसेवा आयोग ने 171 पदों के लिए प्रारम्भिक परीक्षा का आयोजन किया। पीएससी ने 2021 परीक्षा के लिए 26  नवंबर को नोटिफिकेशन जारी किया  था। 13 फरवरी को दो पालियो में प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन किया गया। पहली पाली में सामान्य ज्ञान और दूसरी पाली में जनरल एप्टीट्यूड की परीक्षा का आयोजन किया गया। प्रारम्भिक परीक्षा में चयन होने के बाद प्रतियोगी मुख्य परीक्षा 26, 27, 28 और 29 मई को इन्टरव्यू के लिए भाग्य आजमाएंगे। 
 
                  परीक्षा देने के बाद बहुच ही कम प्रतियोगियों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली।   सामान्य ज्ञान के पर्चे ने प्रतियोगियों को बहुत निराश किया। स्थानीय गर्ल्स कॉलेज सेंटर में प्रतिभागियों ने बातचीत के दौरान   बताया कि सामान्य ज्ञान का पर्चा लीक से हटकर पूछा गया। हल करने में काफी परेशानी हुई।  कूट मिलान और लंबे विकल्पों के कारण परीक्षार्थियों को सही उत्तर के चयन में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा है।
 
           परम्परा से अलग हटकर सवाल किया गया। जैसे कांग्ला मांझी, चांग देवी का मंदिर, किस जनजाति में लाल बंगला प्रचलित है?  छत्तीसगढ़ में प्रथम आदिवासी नृत्य समारोह की तिथि क्या है?  छत्तीसगढ़ में पौधरोपण प्रोत्साहन योजना का आरंभ कब हुआ? चेंदरू मंडावी का कार्यक्षेत्र को लेकर सवाल पूछा गया।
 
                      छात्रों ने बताया कि सामान्य त्रान के प्रश्न पत्र में मराठा काल से छत्तीसगढ़ में सूबेदारों का क्रम को पूछा गया। 1933 की यात्रा में गांधी को भाषण के लिए आमंत्रित करने वाले राजकुमार कॉलेज के प्राचार्य का नाम भी पूछा गया है। इसके अलावा  द्वितीय सविनय अवज्ञा आंदोलन के समय डॉ राधाबाई की गिरफ्तारी? विपणन  वर्ष 2019-20 में सर्वाधिक एवं सबसे कम धान खरीदी वाले जिले का नाम ? धान की वह किस्म जिसे 2021 में जीआई टैग दिया  गया है? ऐसे तमाम सवाल ने परीक्षार्थियों का सिर घुमा दिया।
 
                           सामान्य ज्ञान में GNU आपरेटिंग सिस्टम, डिस्ट्रीब्यूटेड denial-of-service अटैक,NAVic के फुल फार्म, आवृत्ति माड्यूलेशन, वयस्को  को दी जाने वाली को भी फील्ड की प्रत्येक डोज की मात्रा, भारत और पुर्तगाल के बीच करार आधारित समुद्री विरासत परिसर का सवाल काफी कठिन रहा। युगो के कालक्रम, ओलंपिक और टेनिस, बड़े बांधों का क्रम, हिमनदों की लंबाई के आधार पर घटते क्रम,cop 26 के संबंध में भारत की प्रतिबद्धता, आईएमएफ में भारत का एसडीआर और वोटिंग प्रतिशत के प्रश्नों पर विद्यार्थी बगलें झांकते नजर आए।
 
                परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों ने प्रश्न पत्र के बदले हुए प्रकृति पर आश्चर्य के साथ निराशा को जाहिर किया। परीक्षा के बाद सोशल मीडिया में प्रश्न पत्र की कठिन प्रकृति को लेकर तरह-तरह के मिम्स भी जारी किए जा रहे हैं। परीक्षार्थियों की स्थिति को पूछे गए प्रश्न “फुटहा कर्म के फुठहा दोना पेज गवागे के चारों कोना” जैसी होना बताया जा रहा है।
 
               प्रश्न पत्र  को देखते हुए वन थर्ड माइनस मार्किंग के प्रावधान के साथ महज 50% अंक प्राप्त करने वाले सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों का मुख्य परीक्षा के लिए चयन काफी बताया जा रहा है। अन्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए कटऑफ 40% तक गिर सकता है।
 
                जानकारी देते चलें कि द्वितीय प्रश्न पत्र सामान्य एप्टिट्यूड का केवल क्वालीफाइंग है। अभ्यार्थियों को सिर्फ पासिंग मार्क प्राप्त करना होता है।

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