कांग्रेस विधायक दल की बैठक खत्म, नए CM को लेकर…..

Shri Mi
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दिल्ली।पंजाब कांग्रेस में सियासी घमासान एक बार फिर से शुरू हो गया है. 40 विधायकों के मोर्चा खोलने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. इसके बाद बुलाई गई कांग्रेस के विधायक दल की बैठक में फैसला लिया गया कि राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम को कांग्रेस आलाकमान तय करेगा. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी पंजाब के नए सीएम पर फैसला लेंगी. बैठक में इसी सिलसिले में दो प्रस्ताव भी पारित किए गए हैं. मीटिंग में कुल 78 विधायक मौजूद रहे, जिसमें से कई कैप्टन अमरिंदर सिंह के समर्थक भी थे.

पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने बैठक के बाद बताया कि इसमें दो प्रस्ताव पारित हुए हैं. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने की सराहना करते हुए रावत ने कहा कि उन्होंने पूरी काबिलियत और योग्यता के साथ नेतृत्व किया और बहुत अच्छी सरकार पंजाब को दी. जो चुनौतियां पंजाब के सामने थीं, उनका उन्होंने सामने किया और हल निकाले. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से बात करने के बाद अपना पद छोड़ने का फैसला लिया और राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया.इससे पहले, राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने के बाद राजभवन के बाहर से मीडिया को संबोधित करते हुए कैप्टन ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में तीसरी बार यह हुआ है. इससे वह अपमानित महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सुबह ही इस्तीफा देने का फैसला कर लिया था और इसकी जानकारी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी दे दी थी.

मीडिया से बात करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, ”जिस पर आलाकमान को भरोसा है, उसे पंजाब का अगला मुख्यमंत्री बनाए. मुझे ऐसा लगा कि उन्हें मुझपर भरोसा नहीं है.” हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह अभी कांग्रेस में ही हैं और भविष्य में समय आने पर फैसला लेंगे. सूत्रों के मुताबिक, सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोनिया गांधी को फोन करके AICC द्वारा बिना उन्हें विश्वास में लिए कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाए जाने पर ऐतराज दर्ज कराया था. उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह से पार्टी में उन्हें दरकिनार किया जाता रहा तो वो बतौर सीएम बने रहने के इच्छुक नहीं हैं.

वहीं, विधायक दल की बैठक में पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत शामिल थे. इसमें दो केंद्रीय पर्यवेक्षक अजय माकन और हरीश चौधरी भी मौजूद रहे. पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने भी ट्वीट कर कहा, कांग्रेस पार्टी के निर्देश पर 18 सितंबर को विधायक दल की बैठक बुलाई गई है. इधर, पंजाब कांग्रेस के महासचिव परगट सिंह ने स्वीकार किया कि विधायकों ने हाई कमान को लिखी चिट्ठी थी जिसके चलते गुरुवार को CLP की बैठक बुलाई गई है.  उन्होंने कहा कि ये किसी की अहंकार का सवाल नहीं है. विधायक लंबे समय से बैठक की मांग कर रहे थे, जो अभी तक हुई नहीं थी. वहीं परगट ने माना कि कांग्रेस में किसी तरह की गुटबाजी नहीं है और किसी भी तरह का एजेंडा विधायकों तक नहीं पहुंचाया गया है. सिर्फ उनको कांग्रेस दफ्तर में आने और बैठक में भाग लेने के लिए कहा गया है. 

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