संसद में उठा..पीएम आवास मुद्दा..अरूण साव ने बताया.गरीबों से धोखा.सरकार नही दे रही राज्यांश

बिलासपुर—-सांसद अरुण साव ने पीएम आवास का मुद्दा संसद में उठाया। शीतकालीन सत्र के पहले दिन सांसद अरूण साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में राज्य सरकार की घोर उपेक्षा को लोकसभा में पुरजोर तरीके से पेश किया। उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ के लाखों गरीबों को प्रदेश सरकार की लापवाही का खामियाजा भुगतने को मजबूर होना पड़ रहा है।
 
               संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवम्बर से प्रारंभ हुआ। सत्र के पहले दिन ही सांसद अरुण साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना का मुद्दा लोकसभा में उठाया। सांसद अरूम साव ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के साथ ही नरेन्द्र मोदी ने गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का प्रारंभ किया ।
 
           सदन को सांसद साव ने बताया कि 2019 के बाद राज्य में कांग्रेस सरकार बनने के बाद गरीबों के साथ अन्याय हो रहा है। राज्य सरकार गरीबों को मकान से वंचित करने का घोर पाप कर रही है। केन्द्र सरकार के बार-बार आग्रह और निर्देश के बाद भी  राज्य सरकार घोर उपेक्षा करते हुए न तो नए आवास का पंजीयन और स्वीकृति कर रही है। न ही पुराने स्वीकृत आवासों को पूरा कर रही है। राज्यांश भी उपलब्ध नहीं करा रही है।
 
                    अरूण साव ने बताया कि राज्य सरकार की घोर उपेक्षा से छत्तीसगढ़ के लाखों गरीब परिवार, प्रधानमंत्री आवास जैसे अति महत्वाकांक्षी योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
 
       यहां उल्लेख करना आवश्यक है, कि छत्तीसगढ़ राज्य में 2016-17 में 2,26,363, 2017-18 में 200900, 2018-19 में 3,25,212, 2019-20 में मात्र 69,365, 2020-21 में मात्र 02 एवं 2021-22 में 0 (शून्य) प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) बने हैं।
 
       सांसद साव ने राज्य सरकार से आग्रह किया  कि गरीबों के साथ अन्याय बंद कर उन्हें प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराये। उन्होंने केन्द्र सरकार से आग्रह किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के समुचित कियान्वयन हेतु राज्य सरकार को निर्देशित करे, ताकि राज्य की गरीब जनता को उनका हक मिल सके।

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