राजस्थान में सियासी ड्रामा! पायलट मंजूर नहीं, स्पीकर सीपी जोशी को रिजाइन देने जा रहे हैं MLA

Rajasthan Congress Legislative Party Meeting: राजस्थान में सीएम बदलने की चर्चाओं के बीच कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है. ये बैठक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के आवास पर होगी. इस बैठक में सीएम अशोक गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद नेतृत्व परिवर्तन पर चर्चा की जाएगी. इस बैठक के लिए कांग्रेस अध्यक्ष ने मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) और अजय माकन (Ajay Maken) को ऑब्जर्वर और इंचार्ज बनाया है. सीएम अशोक गहलोत और दोनों पर्यवेक्षक होटल से सीएम आवास के लिए निकल गए हैं. कुछ देर में विधायक दल की बैठक शुरू हो सकती है. पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट समेत 25 विधायक सीएम आवास पर मौजूद हैं. ये सभी सचिन पायलट ग्रुप के और कुछ अन्य विधायक हैं. 

सूत्रों के मुताबिक, शांति धारीवाल के घर से गहलोत गुट के सभी विधायक स्पीकर सीपी जोशी के घर जा सकते हैं. गहलोत समर्थक विधायकों के सामूहिक इस्तीफों की चर्चा है. करीब 82 विधायकों ने इस्तीफे लिख दिये हैं जिसे वे स्पीकर के घर लेकर रवाना होंगे.इस बैठक के लिए कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह गुढ़ा भी पहुंच गए हैं. राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने बैठक से पहले कहा था कि अगर सभी 101 विधायक सीएलपी की बैठक में शामिल नहीं हुए तो क्या सरकार बहुमत नहीं खो देगी? मैं इस बैठक में शामिल नहीं हो रहा हूं. मेरे घर पर विधायक मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस हाईकमान के फैसले के साथ होंगे. 

तीन और विधायक गहलोत कैंप में पहुंचे

इसी बीच संदीप यादव, वाजिब अली और लाखन मीना, तीन विधायक और शांति धारीवाल के निवास पर पहुंच गए हैं. राजेंद्र गुढ़ा इन्हें अपने साथ पायलट कैंप में बता रहे थे, लेकिन ये तीन विधायक गहलोत कैंप में पहुंच गए हैं. ये ग्रुप अब टूट गया है. 

शांति धारीवाल के घर हुई गहलोत कैंप की बैठक

इस बैठक से पहले अशोक गहलोत के करीबी मंत्री शांति धारीवाल के घर पर भी विधायकों की बैठक हुई है. इस बैठक के कारण विधायक दल की बैठक में देरी हुई है. पहले विधायक दल की मीटिंग 7 बजे से शुरू होनी थी. शांति धारीवाल के घर हुई बैठक में गहलोत गुट के करीब 65 विधायक मौजूद थे. 

सचिन पायलट के नाम पर राजी नहीं

सूत्रों के मुताबिक, इस मीटिंग में विधायकों ने कहा है कि अगर सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में केंद्र में जाते हैं और मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देते हैं तो नया सीएम उन 102 विधायकों में से बनाया जाए जो पायलट की सरकार गिराने की कोशिश के दौरान कांग्रेस के साथ खड़े थे. सचिन पायलट (Sachin Pilot) के नाम पर गहलोत खेमा बगावत पर उतर चुका है. 

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