राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस ने EC से की BJP की शिकायत, हॉर्स ट्रेडिंग में FIR दर्ज करने की मांग

जयपुर/नई दिल्ली-राज्यसभा चुनाव को लेकर राज्यसभा में सियासत गर्म है. कांग्रेस में भय है. निर्दलीय प्रत्याशी कांग्रेस विधायकों के समर्थन का दावा कर रहे हैं. ऐसे में कांग्रेस ने अब चुनाव आयोग की शरण ली है और पत्र भेजकर बीजेपी समर्थित राज्यसभा प्रत्याशी सुभाष चंद्रा के साथ ही बीजेपी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है. कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी और चंद्र हॉर्स ट्रेडिंग कर रहे हैं. ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए. कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी पहले भी इस तरह की हॉर्स ट्रेडिंग कर चुकी है, इसके अलावा वो हरियाणा में पेन बदलने का हथकंडा अपनाकर भी खेला कर चुकी है. ऐसे में उसके खिलाफ कार्रवाई बेहद जरूरी है. 

हॉर्स ट्रेडिंग में FIR दर्ज करने की मांग
राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस के डिप्टी चीफ ह्विप महेंद्र चौधरी (Deputy Chief Whip of the Congress Mahendra Chaudhary) ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में साफ तौर पर कहा है कि एक राज्यसभा सदस्य के चुनाव के लिए 41 वोटों की जरूरत होगी. लेकिन बीजेपी के पास सिर्फ एक सीट पर अपने प्रत्याशी को जिताने लायक वोट हैं. बीजेपी ने धनश्याम तिवारी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है. इसके अलावा उसने राज्यसभा के लिए निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा को समर्थन दिया है, हालांकि ये आधिकारिक तौर पर नहीं है. लेकिन बीजेपी का सुभाष चंद्र को समर्थन इस बात से समझा जा सकता है कि पर्चा दाखिल करते समय सुभाष चंद्रा के समर्थन में आए सभी 10 विधायक बीजेपी के हैं. पत्र में आगे लिखा है कि एक भी निर्दलीय विधायक ने सुभाष चंद्रा के नामांकन पत्र का अनुमोदन नहीं किया.

साफ है कि बीजेपी के पास एक राज्यसभा उम्मीदवार को चुनने के लिए 41 विधायक हैं. इसके अलावा भी उसके पास 30 वोट हैं. अगरहनुमान बेनीवाल की RLP दल को भी इसमें जोड़ लिया जाए, तो बीजेपी+RLP के पास मात्र 33 विधायकों का वोट है. यहां यह दोहराना जरूरी है कि 41 विधायकों के वोट से कम राज्यसभा सदस्य नहीं चुना जा सकता. साफ है कि बीजेपी और सुभाष चंद्रा हॉर्स ट्रेडिंग, धन-बल व ED, CBI तथा Income Tax जैसी केंद्रीय सरकारी एजेंसियों की धौंस दिखाकर जबरदस्ती एक राज्यसभा सीट जीतने का कुत्सित षडयंत्र कर रहे हैं. खुद सुभाष चंद्रा ये दावा कर चुके हैं, कि उनके पास 4 कांग्रेस विधायकों का भी समर्थन है.

पहले भी निर्दलीय उम्मीदवारों को जिताने के लिए गलत काम कर चुकी है बीजेपी
कांग्रेस ने अपने पत्र में बीजेपी पर आरोप लगाते हुए लिखा है कि बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार पहले भी जून 2016 में हरियाणा विधानसभा में बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर राज्यसभा में चुने गए थे. उस समय भी बीजेपी के पास हरियाणा विधानसभा में राज्यसभा सदस्य चुने जाने के लिए वोट नहीं थे. षडयंत्रकारी तरीके से राज्यसभा की पूरी चुनावी प्रक्रिया बदनाम हुई, जब चुनाव में इस्तेमाल होने वाला पेन ही रहस्यमयी तरीके से बदल दिया गया. तब भी 14विधायकों के वोट नाज़ायज़ तरीके से पेन बदलने के कारण खारिज हुए थे और INLD पार्टी की 1 वोट ‘क्रॉस वोट’ हो गई थी. चुनावी प्रक्रिया की इस भारी बदनामी के बाद चुनाव आयोग को राज्यसभा की चुनावी प्रक्रिया को ही बदलना पड़ा था.

बीजेपी नेताओं, सुभाष चंद्रा पर दर्ज हो एफआईआर, रोकी जाए हॉर्स ट्रेडिंग
कांग्रेस ने सुभाष चंद्रा के बयान को आधार बनाते हुए भी उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. कांग्रेस ने पत्र में लिखा है, ‘राज्यसभा चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग, खरीद फरोख्त और धन-बल के दुरुपयोग की कलई पूरी तरह से खुल गई, जब सुभाष चंद्रा ने पत्रकार वार्ता कर साफ तौर से यह कहा कि उन्हें ‘‘4 और विधायकों का समर्थन आ चुका है.’’ उसी पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि ‘‘आठ लोग जो क्रॉस वोटिंग करेंगे, वो कांग्रेस के ही हैं.’’ साफ है कि बीजेपी और सुभाष चंद्रा सीधे-सीधे हॉर्स ट्रेडिंग कर रहे हैं, आप जानते हैं कि हॉर्स ट्रेडिंग का आधार धन-बल व केंद्र की सरकारी एजेंसियों – ED, CBI, Income Tax आदि का भय है.

एक तरफ बीजेपी और सुभाष चंद्रा विधायकों की क्रॉस वोटिंग करवाने का दावा कर दंभ भर रहे हैं, और दूसरी ओर भाजपाई ED और Income Taxकी धौंस जमा रहे हैं.  साफ है कि यह कानूनी अपराध है तथा इसका संज्ञान लेकर चुनाव आयोग व पुलिस को राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष, राजस्थान बीजेी विधायक दल के नेता, बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा और अन्य बीजेपी नेताओं के खिलाफ जरूरी संवैधानिक व कानूनी कार्रवाई कर अपराधिक मुकदमा दर्ज करना चाहिए.

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