हर युग में होगी रावण की हार..सभापति ने कहा..हर दिल में बसते हैं राम..क्योंकि सब पर मातारानी का आशीर्वाद

बिलासपुर–(रियाज अशरपी)-जिला पंचायत सभापति अंकित ने 21 से अधिक ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर दुर्गोत्सव कार्यक्रम में शिरकत किया। स्थानीय लोगों के साथ जनप्रतिनिधियों से सम्पर्क कर मातारानी से आशीर्वाद लिया। क्षेत्र समेत जिला और प्रदेश की उन्नति के लिए मां महामाया के दरबार में मत्था भी टेका। दुर्गा पण्डाल पहुंचकर माता रानी का पूजा अर्चना कर जन जन में साम्प्रदायिक सौहार्द्ध की कामना भी किया।
 
                       पूरे 9 दिनों तक अपने जिला पंचायत क्षेत्र में भ्रमण कर जगह जगह स्थापित दुर्गा समिति पहुंचकर अंकित गौरहा ने जनता के लिए आशीर्वाद मांगा। उपस्थित जनता जनार्दन को संबोधित किया। अंकित ने कहा त्योहार सिर्फ पूजा पाठ ही नहीं..बल्कि आचार विचार भी है। त्योहार पर्व से हमें संस्कारित करते हैं। दुनिया का कोई विरला ही त्योहार होगा जो मानव ही बल्कि जीव जन्तुओं से प्रेम करना नहीं सिखाता है। मानव इस दुनिया में ईश्वर का सर्वश्रेष्ण कृति है। पर्व, धर्म और जाति बेशक अलग हो सकते हैं। लेकिन इन सभी में इंसानियत का रिश्ता सबसे ऊपर है। और उसी इंसानियर के कारण हम मिल जुलकर रहते भी है। सभी लोग सभी की खुशहाली की कामना करते हैं। इसमें ना केवल एक जनप्रतिनिधि बल्कि  एक आम इंसान होने के नाते मातारानी से सभी समाज, क्षेत्र,जिला और प्रदेश की खुशहाली की कामना करता हूं। 
 
                  अंकित ने बताया कि बिलासपुर को मां महामाया की नगरी भी कहा जाता है। प्रदेशवासी यहां की जनता को मातारानी का सबसे सच्चा पुत्र कहा जाता है। मातारानी का सब पर आशीर्वाद है। हम मिलजुलकर रहें। और मातारानी की आदेश का पालन करें। यहीं बताने मां दुर्गा हर साल हमारे बीच में आती है। इसलिए हम मिलकर अपने जिले का नाम रोशन करें। उन्होने कहा कि जिले का तेजी से विकास हो रहा है। खुद मुख्यमंत्री भी जिले और ग्रामीण जन जीवन के विकास को लेकर संकल्पित है।
 
                                 अंकित ने जिला पंचायत क्षेत्र के बैमा, नंगोई, पौंसरा, उर्तुम, परसाही, लगरा, फरहदा,, खैरा (ल), महमंद ,धूमा , ढेंका, मानिकपुर, कोरमी, बसिया, हरदीकला, लिमतरी, पोड़ी (स),मगरउछला,नगरौडी, सिलपहरी, बन्नाकडीह स्थित सभी दुर्गापण्डाल पहुंचकर जनता से रूबरू  हुए। उन्होने इस दौरान मातारानी से आशीर्वाद लेने के बाद मिलजुलकर रहने को कहा।
 
मातारानी की धरती पर रावण आचरण का स्थान कोई स्थान नहीं
 
                  अंकित गौरहा ने महमंद में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में शिरकत किया। उपस्थित भारी भीड़ को संबोधित किया। उन्होने कहा कि रावण विद्वान था। लेकिन उसके गलत आचरण ने उसकी विद्वता को धूमिल कर दिया। कहने का मतलब है कि कोई भी गलत आचरण समाज और देश के लिए कभी हितकर नहीं रहा है। ईश्वर ही नहीं बल्कि समाज भी गलत आचरण को माफ नहीं करता है। उसका फल मिलकर ही रहता है। रावण जैसा पराक्रमी योद्धा ही क्यों ना हो।
 
            उपस्थित लोगों को सभापति ने कहा कि विजयादशमी का पर्व पर बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। अविश्वास पर विश्वास का पर्व है। दुष्चरित पर सच्चरित की जीत का पर्व है। अंकित ने दुरहाया कि राम और रावण एक ही राशि का नाम है। कोई जन्म से महान नहीं होता है। राम ने महानता का कर्म किया। और रावण ने राक्षसों का। हम सदियों से विजयदशमी पर्व मना रहे है। और सदियों तक मनाएंगे। हमारी एकता के सामने रावण को हमेशा मरना होगा। और जनता के दिल में रहते हुए राम हमेशा बुराई पर जीत हासिल करते रहेंगे।

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