यहाँ कोरोना ने फिर पकड़ी रफ्तार, एक दिन में सामने आए 31,445 नए मामले

तिरुवनंतपुरम-केरल में कोरोना वायरस का संक्रमण कम होने का नाम नहीं ले रहा है, केरल स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार बुधवार को राज्य में 31445 नए कोरोना मामले सामने आए हैं। सिर्फ मामले ही नहीं बढ़ रहे हैं बल्कि केरल में कोरोना की वजह से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी चिंताजनक है, बुधवार को राज्य में कोरोना की वजह से 215 लोगों की जान चली गई है। राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण की दर बढ़कर 19 प्रतिशत से भी ऊपर हो गई है।केरल में कोरोना संक्रमण के 31,445 नए मामले सामने आने के साथ ही कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 38,83,429 हो गई। वहीं 215 और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 19,972 हो गई। इससे पहले राज्य में 20 मई को 30 हजार से ज्यादा 30,491 मामले सामने आए थे। राज्य सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार बुधवार को जांच संक्रमण दर 19 फीसदी के पार हो गई।

ओणम के बाद चिकित्सा विशेषज्ञों ने संक्रमण दर 20 फीसदी के पार जाने और नए मामलों में वृद्धि की आशंका जताई थी। बकरीद के मौके पर राज्य में प्रतिबंधों में छूट दिए जाने के बाद 27 जुलाई से केरल में रोजाना ही 20,000 से ज्यादा या इसके आसपास मामले सामने आ रहे हैं। यहां फिलहाल 1,70,292 मरीजों का उपचार चल रहा है। इस बीच केरल सरकार सितंबर के आखिर तक 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को कोविड-19 वैक्सीन की कम से कम एक खुराक लगा देने के लक्ष्य पर काम रही है और इस संबंध में सभी जिलों को वैक्सीनेशन योजना बनाने का निर्देश दिया गया है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जार्ज के फेसबुक पेज के एक पोस्ट के मुताबिक, मंत्री ने अपने विभाग की एक आपात बैठक में ये निर्देश दिये।

यह बैठक राज्य में कोविड-19 मरीजों की बढ़ती संख्या की समीक्षा और यथासंभव अधिकाधिक लोगों के लिए वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने को लेकर बुलायी गयी थी। फेसबुक पोस्ट के मुताबिक, मंत्री ने बैठक में निर्देश दिया कि वैक्सीनेशन लगाने में देरी से बचने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीरिंज की कमी की समस्या का समाधान किया जा रहा है। जार्ज ने कहा कि केंद्र ने राज्य को 1.11 करोड़ वैक्सीन देने का वादा किया है और ऐसे में शीघ्र ही अधिक खुराक उपलब्ध होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि ओणम के बाद कोरोना वायरस के मामले बढ़ने की आशंका है, इसलिए अस्पतालों को ऐसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की जरूरत है। 

उन्होंने कहा कि इसके अलावा, तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर जिला स्तर पर अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड, आईसीयू एवं वेंटीलेटर का इंतजाम करके उस स्थिति से निपटने की व्यवस्था की जा रही है। मंत्री ने कहा कि चूंकि ऐसी आशंका है कि तीसरी लहर बच्चों को अधिक प्रभावित कर सकती है, क्योंकि उन्हें अब तक वैक्सीन नहीं लगा है, ऐसे में उनके इलाज पर विशेष ध्यान दिया जाएगा तथा उसके लिए बालचिकित्सा वार्ड एवं आईसीयू का भी इंतजाम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मृत्युदर कम से कम रखने पर ध्यान दिया जाना चाहिए तथा इस बात का भी ख्याल रखा जाना चाहिए जो लोग घरों में पृथक वास में हैं, वे दिशानिर्देशों का सही सही पालन करें।

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