तहसीलदार तुलसी को हटाने..लिपिकों ने बनाया दबाव..कहा..खुद को बचाने बाबूओं को बनाया बकरा..कलेक्टर से करेंगे निष्पक्ष जांच की मांग

बिलासपुर,, छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ प्रांताध्यक्ष रोहित तिवारी ने प्रेसवार्ता कर प्रशासन से  सीपत तहसीलदार तुलसी राठौर को हटाए जाने की मांग की है। परोहित ने बताया कि 15 सितंबर को लिपिक संघ कलेक्टर से लिखित शिकायत करेगा। निष्पक्ष जांच की मांग के साथ सीपत तहसीलदार को हटाए जाने की भी मांग करेगा ।

        रोहित तिवारी ने बताया कि सीपत तहसीलदार की तानाशाही ने कर्मचारियों से लेकर आम जनता का जीना मुश्किल कर दिया है। क्षेत्र के लोग तुलसी राठौर के क्रियाकलापों से परेशान है। कुछ दिनों पहले तुलसी राठौर की गतिविधियों के चलते एक बाबू को जान से हाथ धोना पड़ा है। तहसीलदार का आचरण शासन के निर्धारित नियमों के खिलाफ है। अधीनस्थ कर्मचारियों को जब तब  अनावश्यक रूप से परेशान करती है।
 
      कर्मचारियों को दबाव में रखकर काम कराना तुलसी राठौर की नीयत बन चुकी है। सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन करने से भी बाज नहीं आती हैं। तहसीलदार की गतिविधियों से शासन की छवि धूमिल हुई है। इन्ही सब कारणों से सूर्यवंशी को जान से हाथ धोना पड़ा है।
 
                पत्रकारों को लिपिक नेता ने बताया कि 4 सितंबर 2021 को सीपत तहसील कार्यालय में पदस्थ भरतलाल सूर्यवंशी को तुलसी राठौर ने चेंबर में बुलाकर जमकर फटकारा। नौकरी चाटने की धमकी भी दी। इस दौरान कार्यालय में पदस्थ दूसरा बाबू बीपी मिश्रा भी मौजूद थे। तहसीलदार से फटकार खाने के बाद परेशान सूर्यवंसबी बाबू घर गए। पत्नी को अपमानित करने वाली घटना की जानकारी दी। करीब देर रात्रि करीब 11:00 बजे सूर्यवंशी को अटैक आया और उसकी मौत हो गयी। 
 
       भरत लाल सूर्यवंशी की मौत की जानकारी के बाद तहसीलदार तुलसी राठौर ने बीपी मिश्रा पर दबाव बनाया। बताने का प्रयास किया कि सूर्यवंशी बाबू की मौत डांट फटकार से नहीं हुई है । उन्होंने कहा कि  इस बात की जानकारी  पत्रकारों को दें । लेकिन बीपी मिश्रा ने बात मानने से इनकार कर दिया।
 
              बात बनती नही देख तहसीलदार ने बीपी मिश्रा के खिलाफ  थाने में लिखित शिकायत कर की। एकल लाख रुपयों की मांग का आरोप लगाया। तहसीलदार के दबाव में सीपत पुलिस ने भागवत प्रसाद मिश्रा के खिलाफ आईपीसी की धारा 384 के तहत अपराध दर्ज किया ।
 
         जमानती धारा होने के कारण बेगुनाह बाबू अब न्याय पाने के लिए दर-दर भटक रहा है। बीपी मिश्रा की उम्र 58 साल के करीब है। तीन दशक से शासकीय सेवक है। यदि सूर्यवंशी की तरह मिश्रा की भी हालत हो जाए तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।
 
     रोहित तिवारी ने खुलासा किया कि कार्यालय में तहसीलदार के इशारे पर नियम के खिलाफ काम किया जा रहा है। अनाप-शनाप काम के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर और एक वकील की भूमिका संदिग्ध है। विभागीय जांच के बाद सच और झूठ सामने आ जायेगा।  कर्मचारी नेता ने कहा कि  संगठन के बैनर तले  15 सितंबर को कलेक्टर से मुलाकात कर सीपत तहसीलदार को हटाने और स्वर्गीय भारत लाल सूर्यवंशी की आकस्मिक मौत के कारणो का पता लगाने न्यायिक जांच की मांग करेंगे।  संबंधित दोषी अधिकारी और कर्मचारी पर कार्यवाही के लिए दबाव भी बनाएंगे।
 
      रोहित ने कहा कि सहायक ग्रेड 2 बीपी मिश्रा के ऊपर लगाए गए 100000 रुपये की मांग पूरी तरह से फर्जी है। खुद को बचाने के लिए तहसीलदार ने  थाने में मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया है। हमारी मांग है कि बीपी मिश्रा के ऊपर लगाए गए एफआईआर को निरस्त किया जाए । सीपत में तुलसी राठौर के पदस्थापना से लेकर अब तक के सारे राजस्व मामलों की जांच की जाए। हमारे पास पर्याप्त प्रमाण  हैं ।  यदि निष्पक्ष जांच होती है तो बहुत कारनामे सामने आएंगे। यदि जिला प्रशासन ने  तहसीलदार के खिलाफ उचित कदम नहीं उठाया तो उग्र आंदोलन भी करेंगे ।

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