Chhath Puja: बीमारी और कर्ज से चाहिए मुक्ति तो छठ पर जरूर करें दान, अपनी राशि के अनुसार दें ये चीजें

छठ का पर्व चार दिन चलता है और आज दूसरा दिन है. दूसरे दिन खरना पर खीर-रोटी खाकर व्रती अगले 36 घंटे का निर्जला व्रत करेंगे. ये व्रत तन और मन की शुद्धि के साथ ही कई तरह की समस्याओं से मुक्ति का भी होता है.

संतान की लंबी उम्र और स्वास्थ्य के लिए छठी मइया का व्रत और भगवान सूर्य की पूजा का विधान है लेकिन इस व्रत को करने और व्रत के दौरान कुछ चीजों का दान पूरे परिवार को रोग-ब्याद और कर्ज जैसी समस्याओं से मुक्ति दिलाता है, तो चलिए जानें कि राशि के अनुसार छठ के महापर्व पर किन चीजों का दान आपकी कई समस्याओं से मुक्ति दिला सकता है.

इस राशि का स्वामी मंगल है.मंगल को ग्रहों का सेनापति कहा जाता है.मंगल मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी है.यह मकर राशि में उच्च होता है, जबकि कर्क इसकी नीच राशि है. आप लाल चीजों का दान करें. 

दान सामग्री- लाल वस्त्र, गुड़, मूंगा, लाल पुष्प, केसर, तांबा, रक्त चंदन, मसूर की दाल आदि.

वृषभ राशि

इस राशि का स्वामी शुक्र ग्रह है.यही ग्रह जीवन में भौतिक सुख प्रदान करता है.शुक्र वृषभ और तुला राशि का स्वामी है और मीन इसकी उच्च राशि है, जबकि कन्या इसकी नीच राशि कहलाती है. आप सफेद चीजों का दान करें. 

दान सामग्री- श्वेत वस्त्र, श्रृंगार की वस्तुएं, हीरा, स्फटिक, चांदी, चावल, शकर, इत्र, श्वेत चंदन, श्वेत पुष्प, दूध, दही आदि.

मिथुन राशि

इस राशि के स्वामी बुध है.इसे ग्रहों का राजकुमार भी कहा जाता है.बुध मिथुन और कन्या राशि के स्वामी हैं.कन्या इसकी उच्च और मीन नीच राशि है. आप हरी चीजों का दान करें. 

दान सामग्री-हरा वस्त्र, साबुत मूंग, हरे फल, पन्ना, कांस्य, किताबें

कर्क राशि

इस राशि के स्वामी चंद्रमा हैं.चंद्रमा राशियों में कर्क और नक्षत्रों में रोहिणी, हस्त और श्रवण नक्षत्र का स्वामी होता है.चंद्रमा नौ ग्रहों के क्रम में सूर्य के बाद दूसरा ग्रह है. आप सफेद चीजों का दान करें. 

दान सामग्री-श्वेत वस्त्र, चावल, शकर, सफेद पुष्प, कर्पूर, दूध, दही, चांदी, मोती, शंख, घी, स्फटिक आदि.

सिंह राशि

इस राशि के स्वामी स्वयं भगवान सूर्यदेव हैं.मेष राशि में यह उच्च होता है, जबकि तुला इसकी नीच राशि है.ये ग्रह पिता और आत्मा का कारक है. आप लाल चीजों का दान करें. 

दान सामग्री-सूर्य के लिए गेहूँ, ताँबा, घी, गुड़, लाल कपड़ा, लाल कनेर के फूल, सोना, गाय-बछड़ा आदि

कन्या राशि

इस राशि का स्वामी बुध ग्रह है.27 नक्षत्रों में बुध को अश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती नक्षत्र का स्वामित्व प्राप्त है.ये ग्रह बुद्धि गणित, चतुरता और मित्र का कारक माना जाता है. आप हरी चीजों का दान करें. 

दान सामग्री--हरा वस्त्र, साबुत मूंग, हरे फल, पन्ना, कांस्य, किताबें.

तुला राशि

इस राशि का स्वामी शुक्र ग्रह है.शुक्र भरणी, पूर्वा फाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्रों का स्वामी है.शुक्र एक राशि में क़रीब 23 दिन तक रहता है. आप सफेद चीजों का दान करें. 

दान सामग्री-श्वेत वस्त्र, श्रृंगार की वस्तुएं, हीरा, स्फटिक, चांदी, चावल, शकर, इत्र, श्वेत चंदन, श्वेत पुष्प, दूध, दही आदि.

वृश्चिक राशि

इस राशि का स्वामी मंगल है.मंगल ग्रह लाल रंग का प्रतिनिधित्व करता है.ये ग्रह मृगशिरा, चित्रा और धनिष्ठा नक्षत्र का स्वामी है. आप लाल चीजों का दान करें. 

दान सामग्री-लाल वस्त्र, गुड़, मूंगा, लाल पुष्प, केसर, तांबा, रक्त चंदन, मसूर की दाल आदि.

धनु राशि

इस राशि के स्वामी बृहस्पति हैं.ये देवताओं के गुरु हैं.यह धनु और मीन राशि के स्वामी हैं.कर्क इसकी उच्च और मकर नीच राशि है. आप पीली चीजों का दान करें. 

दान सामग्री-पीला वस्त्र, स्वर्ण, पुखराज, साबुत हल्दी, गाय का घी, चने की दाल, पीले पुष्प, पीले फल आदि

मकर राशि

इस राशि के स्वामी शनिदेव हैं.इन्हें न्यायाधीश कहा जाता है.यह मकर और कुंभ राशि के स्वामी हैं.तुला शनि की उच्च और मेष इसकी नीच राशि मानी जाती है, आप काली चीजों का दान करें. 

दान सामग्री-शनि के लिए काला कपड़ा, साबुत उड़द, लोहा, अलसी, तेल, काला पुष्प, कस्तूरी, काले तिल, चमड़ा, काले कंबल का दान किया जाता है.

कुंभ राशि

इस राशि के स्वामी भी शनिदेव हैं.शनि एक राशि में ढाई साल तक रहता है, इस अवधि को ढय्या कहते हैं.शनि की दशा साढ़े सात वर्ष की होती है जिसे साढ़ेसाती कहते हैं. आप काली चीजों का दान करें. 

दान सामग्री-शनि के लिए काला कपड़ा, साबुत उड़द, लोहा, अलसी, तेल, काला पुष्प, कस्तूरी, काले तिल, चमड़ा, काले कंबल का दान किया जाता है

मीन राशि

इस राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं.ये ग्रह 27 नक्षत्रों में पुनर्वसु, विशाखा, और पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र के स्वामी भी हैं. गुरु ज्ञान, शिक्षक, संतान, बड़े भाई का कारक है. आप पीली चीजों का दान करें. 

दान सामग्री-पीला वस्त्र, स्वर्ण, पुखराज, साबुत हल्दी, गाय का घी, चने की दाल, पीले पुष्प, पीले फल आदि

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. सीजी वाल हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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