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RSS Headquarter Nagpur: नागपुर में RSS मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा

RSS HQ in Nagpur: नागपुर आरएसएस (Nagpur RSS Headquarter) मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली है।

RSS HQ in Nagpur: महाराष्ट्र (Maharashtra) के नागपुर (Nagpur) में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय को एक अज्ञात शख्स ने शनिवार (31 दिसंबर, 2022) को बम से उड़ाने की धमकी दी है। धमकी के बाद इलाके की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

पुलिस उपायुक्त (DCP), जोन तीन, गोरख भामरे ने कहा कि पुलिस नियंत्रण कक्ष में दोपहर एक बजे एक फोन आया। एक व्यक्ति ने महल इलाके में आरएसएस मुख्यालय (RSS Headquarter) को बम से उड़ाने की धमकी दी। उन्होंने बताया कि बम जांच एवं निरोधक दस्ते (BDDS) और डॉग स्क्वायड दस्ते को बुलाया गया तथा परिसर की गहन जांच की गई, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।

डीसीपी ने कहा कि एहतियात के तौर पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। पुलिस कॉल करने वाले की पहचान करने के लिए फोन नंबर की लोकेशन ट्रेस कर रही है। धमकी मिलने के बाद आरएसएस मुख्यालय (RSS Headquarter) की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है। साथ ही आसपास रहने वाले लोगों गतिविधियों पर खास नजर रखी जा रही है।

बता दें, नागपुर आरएसएस मुख्यालय (Nagpur RSS Headquarter) में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहती है। यहां सीआरपीएफ की एक टुकड़ी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहती है। इसके अलावा नागपुर पुलिस का बाहरी सर्किल पर सुरक्षा का घेरा रहता है। यहां किसी तरह के ड्रोन या वीडियोग्राफी पर पाबंदी है।

27 सिंतबर, 1925 को हुई थी आरएसएस (RSS) की स्थापना

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना केशव बलराम हेडगेवार ने की थी। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ 27 सितंबर 1925 को विजयदशमी के दिन आरएसएस की स्थापना की गई थी। 2025 में यह संगठन 100 साल का हो जाएगा। नागपुर के अखाड़ों से तैयार हुआ संघ मौजूदा समय में विराट रूप ले चुका है। संघ के प्रथम सरसंघचालक हेडगेवार ने अपने घर पर 17 लोगों के साथ गोष्ठी में संघ के गठन की प्लानिंग बनाई थी। इस बैठक में हेडगेवार के साथ विश्वनाथ केलकर, भाऊजी कावरे, अण्णा साहने, बालाजी हुद्दार, बापूराव भेदी आदि मौजूद थे।

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संघ का क्या नाम होगा, क्या क्रियाकलाप होंगे यह सब कुछ समय के साथ धीरे-धीरे तय होता गया। उस वक्त हिंदुओं को सिर्फ संगठित करने का विचार था। यहां तक कि संघ का नामकरण ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ भी 17 अप्रैल 1926 को हुआ। इसी दिन हेडगेवार को सर्वसम्मति से संघ प्रमुख चुना गया। हेडगेवार सरसंघचालक नवंबर 1929 में बनाए गए।

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