कलेक्टर सिन्हा की दो टूक,फिल्ड में काम नहीं करने वाले ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को किया जाएगा निलंबित

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राजनांदगांव। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में गोधन न्याय योजना की समीक्षा के लिए वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियों की बैठक ली। इस अवसर पर सभी विकासखंडों के जनपद सीईओ, तहसीलदार एवं समिति प्रबंधक एवं शाखा प्रबंधक वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए जुड़े। कलेक्टर ने कहा कि जिले में सर्वाधिक गोबर खरीदा गया है और वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि गोबर खरीदी के अनुपात में वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण होना चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा लाभ मिले। कृषि विस्तार अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि खरीदा गया गोबर सुरक्षित रहे और वर्मी भी सुरक्षित रहे। कृषि विभाग एवं समिति के शाखा प्रबंधक आपसी समन्वय से वर्मी कम्पोस्ट के विक्रय की व्यवस्था करें। इसके लिए यह आंकलन करें कि सभी समितियों में कितना वर्मी कम्पोस्ट विक्रय के लिए देना है। उन्होंने कहा कि वर्मी कम्पोस्ट विक्रय के कार्य में प्रगति आनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्राथमिकता वाली योजना है। इसके लिए विशेष रूप से कार्य करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी जो फिल्ड में कार्य नहीं करेंगे उन्हें निलंबित करने की कार्रवाई भी की जाएगी। वर्मी कम्पोस्ट के विक्रय का कार्य युद्ध स्तर पर होना चाहिए।कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि कृषि विभाग वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग करने के लिए किसानों से संपर्क कर उन्हें प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रेरित करें। मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतें परती जमीन पर फलदार वृक्ष लगाएंगे जिससे 3 साल तक 10 हजार रूपए की राशि मिलेगी।

इस योजना से किसानों को लाभान्वित करने के लिए उनका पंजीयन कराएं। कलेक्टर ने कहा कि फसल बीमा योजना के संबंध में शिकायत मिल रही है और इसकी जांच के लिए समिति बना दी गई है। उन्होंने कहा कि धान के उठाव के लिए मिलर्स एवं ट्रांसपोटर्स से कहा गया है कि समस्या का निदान करें एवं धान का उठाव जल्द करें। ऐसा नहीं करने वाले मिलर्स एवं ट्रांसपोटर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। धान को शीघ्र ही धान संग्रहण केन्द्रों में भेजना होगा। जिला पंचायत सीईओ श्री लोकेश चंद्राकर ने कहा कि गोधन न्याय योजना के संबंध में विस्तृत समीक्षा आगे की जाएगी। सभी समितियों में कितना वर्मी कम्पोस्ट विक्रय के लिए देना है, इसकी मैपिंग दो दिन में करें। संयुक्त संचालक दुर्ग आरके राठौर ने कहा कि गोधन न्याय योजना के तहत निर्मित वर्मी कम्पोस्ट के वितरण में देरी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए समितियों के मैपिंग का कार्य आरंभ कर दें। उन्होंने कहा कि खाद का विक्रय करने के बाद पॉज मशीन में एन्ट्री जरूर करें। जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के महाप्रबंधक सुनील वर्मा ने बताया कि जिले में निर्मित 32 हजार क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट में से 19 हजार क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का विक्रय किया गया है। इस अवसर पर उप संचालक कृषि जीएस धु्रर्वे, सहायक संचालक उद्यानिकी श्री राजेश शर्मा, सहायक संचालक कृषि टीकम ठाकुर, सहायक खाद्य अधिकारी भुनेश्वर चेलक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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