मेरा बिलासपुर

संंजू हत्याकाण्ड अपडेटः पढ़ें..कहा से आया पिस्टल..और कहां से खरीदे गए शातिर शूटर

कपिल त्रिपाठी ने पर्दे के पीछे रहकर कपिल ने बड़े भाई संजू को उतारा मौत के घाट

बिलासपुर—- पुलिस नेर संजू त्रिपाठी हत्या मामले में अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बाकी बचे आरोपियों जिसमें 5 शूटर बताए जा रहे हैं कि लगातार तलाश जारी है। पकड़े गए दोनो आरोपी वाराणसी उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं। पुलिस कप्तान के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार कपिल त्रिपाठी ने पर्दे के पीछे रहते हुए पुख्ता प्लान के साथ अपने बड़े भाई संजू ऊर्फ संजीव ऊर्फ प्राणनाथ त्रिपाठी को मौत के घाट उतरवाया। पकड़े गए दो आरोपियों के पहले अलग अलग दिन में कुल 14 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पकड़े गए आरोपियों का नाम,पता,ठिकाना
1) सावन पाठक पिता द्वारिका पाठक उम्र 22 साल निवासी ग्राम कमौली थाना चौबेपुर जिला वाराणसी उत्तर प्रदेश।
2) मोनू उर्फ अभिषेक मिश्रा पिता प्रकाश चंद्र मिश्रा निवासी बिरदोपुर कमाच्छा, भेलूपूर जिला वाराणसी उत्तर प्रदेश।
क्या है अपराध
              पुलिस के अनुसार 14 दिसम्बर 2022 की शाम करीब 4.15 बजे कपिल त्रिपाठी ने सुनियोजित तरीके से साथियों के साथ मिलकर अपने भाई संजू  त्रिपाठी को मौत के घाट उतारा। अन्य राज्य से शूटर बुलाकर गोली मारकर संजू त्रिपाठी की हत्या को अंजाम दिया। जानकारी के बाद पुलिस टीम आनन फानन में मौके पर पहुंची। थाना सकरी में अपराध पंजीबध्द किया गया।
लगातार पतासाजी कर मृतक संजू त्रिपाठी के परिजनों से पूछताछ के बाद परिवार और रिश्तेदारों को हिरासत में लिया गया। सभी आरोपियों को अलग अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया। पहले दिन कपिल समेत कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया। बाद में तीन अन्य आरोपियों को भी धर दबोचा गया।
कैसे दोनों आरोपियों तक पहुंची पुलिस
               मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक प्रेम श्रीवास से पूछताछ किया गया। तथ्यों के आधार पर हथियार आपूर्ति कराने के आरोप में सावन पाठक को ग्राम कमौली थाना चौबेपुर जिला वाराणसी उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया। साथ ही मोनू उर्फ अभिषेक मिश्रा पिता प्रकाश चंद्र मिश्रा को कमाच्छा थाना भेलूपूर जिला वाराणसी से पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान आरोपी सावन पाठक ने बताया कि वह 13 दिसम्बर 202 को एक पिस्टल लेकर वाराणसी से बस में बैठकर बिलासपुर आया। आरोपी प्रेम श्रीवास से मोबाईल पर बात किया और सीपत चौक में संपर्क किया। इसके बाद प्रेम श्रीवास
अपनी कार में बैठाकर कपिल त्रिपाठी के फार्म हाउस लेकर गया। पिस्टल देने के बाद वाराणसी लौट गया।
पूछताछ के दौरान खुला काला सच
पुलिस पूछताछ में आरोपी मोनू उर्फ अभिषेक मिश्रा ने बताया कि 10 नंबवर 2022 को वाराणसी न्यायालय में दानिश अंसारी और ताबीज अंसारी से मुलाकात हुई। दोनों को बताया कि बिलासपुर में एक व्यक्ति को मौत के घाट उतारना है। दोनों से एक लाख रूपये में सौदा हुआ। 14 नवंबर 2022 को  ताबीज और दानिश के साथ बस में बैठकर वाराणसी से बिलासपुर आया। आरोपी प्रेम श्रीवास ने  रूकने की व्यवस्था किया।
कई बार रैकी को दिया गया अंजाम
 मोनू ने बताया कि 6 नवंबर 2022 को कपिल त्रिपाठी से मुलाकात हुई। कपिल ने बताया कि एक व्यक्ति की हत्या करना है। कपिल त्रिपाठी ने हत्या का प्लान समझाया। एक कट्टा और दो पिस्टल  दिखाकर बोला कि जिसकी हत्या करना है। वह स्कूल और चौराहे में आता जाता है। कपिल त्रिपाठी के बताये अनुसार स्कूल और चौराहे पर जाकर रैकी किया। रैकी करने के बाद ताबीज ने  बोला कि घटना करने में और भी हथियार की जरूरत पड़ेगी। इसके बाद 17 नवंबर 2022 को तीनों वापस चले गए।
एक शूटर को एक लाख रूपए
 मोनू के अनुसार कुछ दिनों बाद ताबीज की मोबाईल नंबर पर फोन कर दानिश को फिर से वाराणसी न्यायालय के पास बुलाया। दोनो को बताया कि कपिल त्रिपाठी एक व्यक्ति को हत्या करने के एवज में एक लाख देने के लिये तैयार है। इसके बाद हम तीनों  बस से  बिलासपुर पहुंचे। बिलासपुर में कपिल त्रिपाठी के फार्म हाउस में रुके। इस दौरान कपिल त्रिपाठी ने बताया कि जमीन विवाद के कारण वह अपने बड़े भाई की हत्या कराना चाहता है।
         मोनू ने बताया कि 25-26 नवंबर 2022 को सभी लोग सावाताल फार्म हाउस जाकर रैकी भी किए। 27 नवंबर 2022 को जरूरी काम से घर वापस आ गया। दानिश और ताबीज बिलासपुर में ही रूक गए। पुलिस कप्तान के अनुसार प्रकरण के अन्य फरार शूटरों की तलाश की जा रही है।
 

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