हमार छ्त्तीसगढ़

School Education: स्कूल शिक्षा विभाग में भर्ती, पदोन्नति नियमों में विसंगतियों को दूर करने बनी 9 सदस्यीय कमेटी

रायपुर।भर्ती पदोन्नति नियमों में विसंगतियों को दूर करने लोक शिक्षण संचालनालय ने 9 सदस्ययी कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी को लेकर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने एतराज जताया है।

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संघ के प्रताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने इस संबंध में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है नीचे पढ़े क्या कुछ लिखा है प्रेसनोट में…

”शिक्षा विभाग की ये कैसी समिति ? जिसमे लगभग 2 लाख शिक्षक (एल.बी.) संवर्ग का प्रतिनिधित्व नही!! शालेय शिक्षक संघ ने किया माँग जब होना है भर्ती पदोन्नति नियम में बदलाव तोसमिति में शिक्षक एल.बी.संवर्ग के प्रतिनिधि भी करे शामिल…

भर्ती पदोन्नति नियम के संशोधन समिति के सारे सदस्य नियमित शिक्षकों का समूह, प्रदेश में अब सिर्फ लगभग 15000 नियमित शिक्षक ही बचे हैं, जबकि स्कूलों में लगभग 2लाख शिक्षक LB संवर्ग निभा रहे अध्यापन दायित्व…

शिक्षा विभाग द्वारा आज भर्ती पदोन्नति नियम में संशोधन हेतु एक समिति का गठन कर आदेश जारी किया गया। आदेश के जारी होते ही प्रदेश के शिक्षकों में बवाल मच गया क्योंकि इस संशोधन समिति के सभी सदस्य नियमित शिक्षकों के समूह से हैं, इसमे शिक्षक LB संवर्ग का एक भी प्रतिनिधि शामिल नही है। छग शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने इसे प्रदेश के लगभग 2 लाख शिक्षक LB संवर्ग की उपेक्षा बताते हुए आशंका जाहिर किया कि प्रदेश में शिक्षा की बागडोर सम्भाले कर्मचारियों का सबसे बड़ा समूह शिक्षक LB संवर्ग का प्रतिनिधित्व नही होने इस समिति की उपादेयता कितनी निष्पक्ष और सर्व संवर्ग के हित मे होगी?? शिक्षक LB संवर्ग के प्रतिनिधित्व बिना बनी इस समिति क्या इस संवर्ग के हितों की रक्षा कर पायेगी ये बड़ा प्रश्न है इसलिए इस संशोधन समिति में हमारे LB संवर्ग को शामिल किया जाय।

प्रांतीय महासचिव धर्मेश शर्मा और प्रदेश मीडिया प्रभारी जितेंद्र शर्मा ने कहा कि संशोधन समिति में केवल एक पक्ष के सम्मलित रहने से निष्पक्षता का अभाव हो सकता है। समिति में केवल लगभग 15000 कर्मचारी समूह को प्राथमिकता दी गई जबकि लगभग 2 लाख कर्मचारियों के समुह को समिति में स्थान नही दिया गया है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। शिक्षक समूह में हर कैडर की अपनी अलग मांग होती है समस्या होती है, आज गठित समिति में व्याख्याता,शिक्षक, सहायक शिक्षक भी कोई नही है, केवल सहायक संचालक, प्राचार्य,प्रधानपाठक व लिपिक संवर्ग बस शामिल है। संशोधन समिति को लेकर पुनर्विचार हो और सभी संवर्ग को उचित स्थान मिले ताकि नई भर्ती पदोन्नति नियम सर्वसम्मति से सभी संवर्ग की स्वीकार्यता हो।”

                   

Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर
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