उत्साह के साथ एसईसीएल ने मनाया आजादी पर्व ..सीएमडी डॉ. सागर ने कहा.हमने हर चुनौतियों को स्वीकारा..अधिग्रहण प्रक्रिया को बनाया गया सरल

 
बिलासपुर—एसईसीएल में आजादी का पर्व गरिमामय वातावरण में मनाया गया। मुख्य अतिथि सह प्रबंध निदेशक ने इस दौरान सभी को संबोधित किया। एसईसीएल परिवार समेत देश प्रदेश वासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ दी है।सीएमडी ने कहा  भूविस्थापितों के प्रदेय को बेहतर बनाने नियमों में बदलाव की बात कही। सह प्रबंध निदेशक ने कहा कि सभी योग्य और पात्र कर्मचारियों को 31 अगस्त से पहले पदोन्नति दी जाएगी।
              एसईसीएल मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह 0 बजे मुख्य अतिथि अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डा. प्रेम सागर मिश्रा ने एसईसीएल मुख्यालय प्रांगण में ध्वजारोहण किया ।  सुरक्षा टुकड़ी की सलामी ली। सुरक्षा टुकड़ी का नेतृत्व व्ही दक्षिणामूर्ति उप प्रबंधक (सुरक्षा)  ने किया।
             कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्य सतर्कता अधिकारी बी.पी. शर्मा] निदेशक तकनीकी संचालन सह कार्मिक एम.के. प्रसाद,निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) एस.के. पाल एवं निदेशक (वित्त) जी. श्रीनिवासन,संचालन समिति सदस्य हरिद्धार सिंह उपस्थित थे।
             कार्यक्रम के दौरान महाप्रवंधक (कार्मिक/प्रशासन) ए.के. सक्सेना] विभिन्न विभागों के अध्यक्ष श्रमसंघ प्रतिनिधि, सीएमओएआई, आल इण्डिया एसएसटी ओबीसी कोआर्डिनेशन कौंसिल,कोलइण्डिया एससी-एसटी एम्पालई एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने समारोह में भाग लिया।  स्कूली बच्चे, महिलाएँ, अधिकारियों-कर्मचारियों की भी उपस्थिति रही। ध्वजारोहण के तत्काल बाद राष्ट्रगान, कोल इण्डिया कॉरपोरेट गीत बजाया गाया।
                 सीएमडी डॉ. प्रेमसागर मिश्रा ने कहा कि स्वतंत्रता संघर्ष की सफलता हमें बताती है कि संकल्प से किसी भी बड़े लक्ष्य की सिद्धी संभव है। युवा कम्पनी एसईसीएल में असीमित संभावनाएँ हैं। किसी भी चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को हासिल करने में संभव है।
                  सीएमडी ने कहा एसईसीएल भूविस्थापितों के रोजगार की दिशा में आगे बढ़कर काम कर रही है। हाल फिलहाल एसईसीएल बोर्ड ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया और दस्तावेजों से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बदलाव  किए हैं। हमारी परियोजनाएँ और तेजी से  सहूलियत के साथ भूमि अधिग्रहण का कार्य कर पाएगी। अप्रैल से जून तिमाही में ही एसईसीएल ने 100 से अधिक भूविस्थापितों को रोजगार दिया है।
              सीएसआर के जरिए एसईसीएल कोयलांचल के समाज को और सामर्थवान बनाने की दिशा में निरंतर प्रयत्नशील है। एसईसीएल ने अपने संचालन क्षेत्रों के लगभग 1000 युवाओं के स्किल डेव्हलपमेंट ट्रेनिंग के लिए सीपेट रायपुर से अनुबंध किया है । लगभग 500 युवाओं का प्रशिक्षण आरंभ हो चुका है।  कोरबा, रायगढ़ तथा मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में, सरकारी स्कूलों में, एसईसीएल की मदद से लगभग 800 स्मार्ट क्लासरूम बनाए गए हैं।
                   एसईसीएल की रेल कॉरिडोर परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ राज्य के कई अंचलों तक पहली बार, रेल यातायात की सुविधा सुलभ हो सकेगी। खरसिया से धर्मजयगढ़ की ईस्ट रेल कॉरीडोर की शुरूआत हो चुकी है। गेवरा-पेन्ड्रा रोड के 135 किलोमीटर लम्बे ईस्ट-वेस्ट रेल कॉरीडोर पर भी तेजी से काम चल रहा है।
                  कम्पनी की बड़ी खदानों से कोयले के ईको फ्रेन्डली और त्वरित डिस्पैच हेतु फस्ट माईल कनेक्टिविटी परियोजनाएँ विकसित की जा रही हैं।  कोल ट्रान्सपोर्न्टेशन और लोडिंग सिस्टम को पूर्णतया मैकेनाईज्ड किया जा रहा है।   कम्पनी का विजन स्प्ष्ट है कि आने वाले 3 से 4 वर्षों में भूमिगत खदानों का उत्पादन दोगुना से अधिक किया जाए। इसके लिए आधुनिक तकनीक जैसे कान्टिन्यूअस माईनर की स्थापना पर बल दिया जा रहा है।
                  सीएणडी डॉ प्रेमसागर ने इसके पहले  नेहरू शताब्दी नगर स्थित सीएमडी आवास में सईसीएल परिवार की प्रथम महिला तथा श्रद्धा महिला मण्डल अध्यक्षा पूनम मिश्रा के साथ ध्वजारोहण किया गया।
            जनसम्पर्क अधिकारी शनिष चन्द्रा ने बताया कि मुख्यालय ने स्वतंत्राता के परिपेक्ष्य में ऑन लाईन ड्राईंग प्रतियोगिता और ऑनलाईन देशभक्ति गीत गायन प्रतियोगिता आयोजन किया था। विजेताओं का मुख्य अतिथि ने सम्मानित किया। स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में उद्घोषणा का दायित्व सविता निर्मलकर उप प्रबंधक (राजभाषा) ने निभाया।

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