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आत्मानन्द स्कूल प्राचार्या पर छात्राओं का गंभीर आरोप..अभिभावकों ने बताया..बच्चों को मारा थप्पड़..अब नाम काटने की धमकी

प्राचार्य पर आरोप थप्पड़ मारने का आरोप..स्कूल से निकालने की धमकी

बिलासपुर—तारबाहर स्थित शेेख गफ्फार आत्मानन्द अंग्रेजी माध्यम स्कूल के बच्चों से मारपीट की शिकायत कलेक्टर तक पहुंची है। बच्चों के साथ अभिभावकों ने कलेक्टर ने बताया कि प्राचार्या ने ना केवल बच्चों को मारापीटा है। बल्कि स्कूल से टीसी देने की धमकी दे रही है। बच्चियों को उस गलती की सजा  दी जा रही है। जिसे उन्होने किया ही नहीं। अभिभावकों ने कलेक्टर को बताया कि  प्राचार्या उषा चन्द्रा ने बच्चों को प्रायवेट स्कूल में भर्ती के लिए दबाव बनाया है। 

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 शेख गफ्पार स्वामी आत्मानन्द स्कूल तारबाहर में पढ़ाई कर रही सातवीं की 6 छात्राओं और उनके अभिभावकों ने कलेक्टर सौरभ कुमार से प्राचार्या की शिकायत की है। अभिभावकों के साथ बच्चियों ने कलेक्टर को बताया कि प्राचार्य उन्हें उस बात की सजा दे रही है जिन्हें उन्होने किया ही नहीं।

उस गलती की सजा जिसे किया ही नहीं

छात्रा अनुष्का की मां अंजलीना लवंग ने बताया कि उनकी बच्ची कक्षा सातवीं की छात्र है। उनकी बच्चियां जिस स्कूल के जिस कमरे में पढ़ती हैं वह प्लारस्टिक के वाल से दो भागों में बटा है। बच्चे कभी बच्चे आगे बैठते हैं तो कभी बीच या अन्तिम में । उनकी बच्चियां घटना के दिन यानि 16 अप्रैल को पीछे बैठी थीं। कुछ समय बाद प्राचार्या ऊषा चन्द्रा ने कक्षा सात की अन्तिम में बैठने वाली 6 बच्चियों को बुलाया। और गाल में जोर से तमाचा मारकर कहा कि उन्होने पार्टिशन को तोड़ा है। शायद कुछ अन्य सामान को भी तोड़े जाने का आरोप लगाया। साथ ही सभी बच्चियों के अभिभावकों को नोटिस भी जारी किया।

नोटिस के बाद हम प्राचार्या से मिलने स्कूल गए। उन्होने कहा कि अच्छा होगा कि यहां से टीसी कटवा लें। और किसी निजी स्कूल में अपने बच्चों को प्रवेश दिलाएं। सरकारी स्कूल में मुंह उठाकर प्रवेश तो दिला दिए लेकिन किसी बच्चों को संस्कार नहीं दिया है।

अदालत खोलकर नहीं बैठी हूं

अंजलिना लवंग ने बताया कि बातचीत के दौरान प्राचार्या से हमने सीसीटीवी देखने को कहा। यदि सीसीटीवी में बच्चियां गलती करते पायी जाती हैं तो उन्हें सजा जरूर मिले। इतना सुनते ही प्राचार्या  भड़क गयी। और उन्होने सबके सामने अनाप शनाप बोलना शुरू कर दिया। उन्होने कहा कि यहां हम अदालत खोलकर नहीं बैठे हैं। बेहतर होगा कि अपनी बच्चियों का यहां नाम कटवाए और प्रायवेट स्कूल में प्रवेश लें। 

प्राचार्या उषा चन्द्रा ने यह भी कहा कि यदि बच्चियां  पास भी हो गयी तो उन्हें कक्षा आठवी में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यदि प्रवेश संभव हुआ तो किसी को पास नहीं होने दिया जाएगा। हम सीसीटीवी फुटेज नहीं दिखाएंगे ।जिसे जो करना है वह कर ले। 

गरीब बच्चों के लिए खोला गया स्कूल

अंजलिना ने बताया कि हम सब डरे हुए हैं। हमने यह सोचकर आत्मानन्द स्कूल में प्रवेश कराया कि हम गरीब अभिभावकों की बच्चियों का भविष्य आत्मानन्द स्कूल में संवर जाएगा। मुख्यमंत्री ने विशेष कर गरीब बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए आत्मानन्द स्कूल खोला। लेकिन तारबाहर आत्मानन्द स्कूल की प्राचार्य खुले आम बच्चियों का भविष्य बरबाद करने की धमकी दे रही है।

कलेक्टर ने कहा कराएंगे जांच

अभिभावकों ने बताया हमने सारी बातों को कलेक्टर महोदय के सामने रखा है। उन्होने आश्वासन दिया है कि मा्मले में प्राचार्य से पूछताछ होगी। सीसीटीवी को भी खंगाला जाएगा। दोषी पाए जाने पर उचित कदम भी उठाया जाएगा।

प्रताड़ित हुई बच्चों का नाम…

अनुष्का लवंग. माही मेहरा, साक्षी यादव, जान्हवी कश्यप, अलिशा सुबोध और मानसी निषाद। सभी बच्चियां कक्षा सात में बढ़ती है। थप्पड़ की शिकायत सभी छात्राओं के अभिभावकों को प्राचार्य ने नोटिस जारी कर नाम कटवाने को कहा है।

                   

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