कारोबार

Share Market: लाल निशान में खुला शेयर बाजार.. फार्मा, रियल्टी समेत कई सेक्टर में बिकवाली

Share Market/मुंबई। भारतीय शेयर बाजार (Share Market) की बुधवार के सत्र में कमजोरी के साथ शुरुआत हुई। यह लगातार चौथा सत्र है, जब बाजार मंदी के साथ कारोबार कर रहा है। शुरुआती कारोबारी में सुबह 9:25 तक सेंसेक्स 180.42 अंक या 0.26 प्रतिशत गिरकर 73,320.43 अंक पर और निफ्टी 41.50 अंक या 0.21 प्रतिशत गिरकर 22,261 अंक पर था।

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अब तक के कारोबार में गिरावट लार्ज कैप और मिडकैप शेयरों तक ही सीमित है। छोटे शेयरों में तेजी देखी गई है। खबर लिखे जाने तक निफ्टी का मिडकैप 100 इंडेक्स 59 अंक या 0.12 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 49,614 अंक पर था। वहीं, स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 31.35 अंक या 0.19 प्रतिशत की तेजी के साथ 16,398 अंक पर था। एनएसई पर 1275 शेयर हरे निशान में और 731 शेयर लाल निशान में थे।

सेंसेक्स पैक में एलएंडटी, एशियन पेंट्स, एचयूएल, एचडीएफसी और अल्ट्राटेक सीमेंट टॉप लूजर्स हैं। वहीं, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, जेएसडब्लू स्टील, एसबीआई और रिलायंस टॉप गेनर्स हैं।

बाजार में गिरावट की वजह विदेशी निवेशकों द्वारा की जाने वाली बिकवाली भी है। मई माह के अब तक के कारोबारी सत्र में एफआईआई 9,194 करोड़ की बिकवाली कर चुके है। हालांकि, घरेलू निवेशकों यानी डीआईआई ने इस दौरान 5,129 करोड़ की खरीदारी की है।

जियोजित फाइनेंसियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार, वी.के. विजयकुमार ने बताया कि चुनाव के परिणामों को लेकर अनिश्चितता के कारण बाजार में दबाव देखा जा रहा है। इंडिया विक्स का अप्रैल के न्यूनतम स्तर से 72 प्रतिशत बढ़ जाने के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। निवेशकों को समझना होगा कि इंडिया विक्स निफ्टी के ऑप्शन कीमतों पर आधारित होता है। कई निवेश अपने पोर्टफोलियो हेज करने के लिए पुट ऑप्शन खरीदते हैं, जिससे कि चुनाव के परिणाम विपरीत आने पर उन्हें कम से कम नुकसान उठाना पड़े।

आगे उन्होंने बताया कि लंबी अवधि के निवेशकों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। इंडिया विक्स बाजार में अभी मान रहा है कि एनडीए वापस सत्ता में आ रहा है। लेकिन जैसे ही इस पर और अधिक स्पष्टता आएगी बाजार में एक रैली देखने को मिल सकती है।

                   

Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर
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