सुप्रीम कोर्ट से भाजपा को झटका..शीर्ष न्यायालय ने कहा..सरकारी कर्मचारी नहीं हो सकता चुनाव आयुक्त

बिलासपुर—- हाईकोर्ट अधिवक्ता संदीप दुबे ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट से गोवा राज्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति को लेकर फैसला दिया है। मामले में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विवेक तन्खा ने जोरदार पैरवी किया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भारतीय जनता पार्टी को गहरा झटका लगा है।

              सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि अनुच्छेद 243 k के तहत किसी भी सरकारी अधिकारी को राज्य चुनाव आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार नहीं  दिया जा सकता है। ऐसा किया जाना संविधान का आघात है। गोवा सरकार को स्वतंत्र चुनाव आयुक्त नियुक्त करना होगा। अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट सरकार को स्वतंत्र चुनाव आयुक्त नियुक्त किए जाने को लेकर आदेश भी जारी किया है। जानकारी देते चलें कि गोवा राज्य सरकार ने राज्य चुनाव आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार राज्य के विधि सचिव को दिया था।
 
             सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने देश के सभी राज्य चुनाव आयुक्तों को भी निर्देश दिया है। जो भी अधिकारी वर्तमान में अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। उन्हें स्पष्ट निर्देश है कि  एक सरकारी कर्मचारी या नौकरशाह चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त का पात्र नहीं है। 
 
                  शीर्ष अदालत ने नगरपालिका आरक्षण के संबंध में उच्च न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा है। साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि  अगले 10 दिनों के भीतर मारमुगाओ, मडगांव, मापुसा, क्यूपेम और सुंगेम नगरपालिकाओं के आरक्षण को अधिसूचित करें। राज्य चुनाव आयोग को 30 अप्रैल तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करवाए।
 
                       संदीप दुबे ने बताया कि मामले में कांग्रेस की तरफ से पैरवी कांग्रेस विधि विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक तन्खा ने किया।

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