हर महीने करोड़ों का फटका..पूर्व एल्डरमैन ने लिखा पीएम को पत्र..बताया.ठेका कम्पनी को ब्लैकलिस्ट में डाला जाए..निगम लगा रहा अभियान को पलीता

बिलासपुर—-भाजपा नेता मनीष अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खुला पत्र लिखकर स्मार्ट सिटी बिलासपुर की शिकायत की है। आरोप लगाया है कि बिलासपुर निगम स्वच्छ भारत अभियान योजना को पलीता लगा रहा है। बिलासपुर शहर स्मार्ट सिटी की जगह स्मार्ट गांव में तब्दील हो रहा है।ष
 
                भाजपा नेता मनीष अग्रवाल ने प्रधानमंत्री को खुला पत्र लिखकर स्मार्ट सिटी बिलासपुर की शिकायत की है। अपने पत्र में पूर्ण एल्डरमैन ने लिखा है कि बिलासपुर नगर पालिक निगम में स्मार्ट सिटी का दर्जा मिला..लेकिन शहर स्मार्ट की जगह स्मार्ट गांव बनता नजर आ रहा है।
 
           पूर्व एल्डरमैन ने बताया कि सॉलि़ड वेस्ट मैनेजमेंट योजना के तहत घर-घर से कचरा उठाने के लिए जनता से रेशिडेंशियल और कमर्शियल यूजर चार्ज लिया जाता है। 6 साल पहले टेन्डर की शर्तों पर शहरवासियों को स्वच्छ और सुंदर बनाने को लेकर सॉलि़ड वेस्ट मैनेजमेंट योजना के तहत सूखा और गीला कचरा रखने हरा और नीला रंग का डस्टबिन दिया गया। 
 
                    कचरा उठाने के लिए रामके कंपनी को ठेका दिया गया । शुरुआती दौर में योजना का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से किया गया। लेकिन सरकार बदलते ही योजना बेलगाम हो गयी। मनीष ने बताया कि योजना के तहत अभी तक कचरा एकत्रित कर अलग-अलग जगहों पर बड़े वाहन के माध्यम से कछार स्थित डंपिंग यार्ड में डंप किया जा रहा है। शर्तों के अनुसार कचरा को अनलोड करने से पहले तौल किया जाता है। तौल का रिकार्ड भी दर्ज किया जाता है। और फिर रिकॉर्ड के अनुसार कम्पनी को पेमेंट किया जाता है।
 
            टेन्डर शर्त के अनुसार कचरा डम्प करने से पहले मिट्टी मालवा ईटा पत्थर नहीं होना चाहिए। लेकिन कम्पनी मलवा ईटा पत्थर मिट्टी को कचरा के साथ डम्प कर जनता की गाढ़ी कमाई को लूट रही है। निगम कर्मचारी गोरख धंधा कर स्मार्ट सिटी का रूपया जमकर लूट रहे हैं।   साथ ही  टैक्स के पैसों का जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है। 
 
         कचरा उठाने वाली ठेका कंपनी को बिना तस्दीक किए निगम निगम प्रशासन हर माह  लगभग डेढ़ करोड़ रूपयों का भुगतान करता है। मनीष ने बताया कि 29सितंबर बुधवार को व्यापार विहार से कचरा ढोने वाली बड़ी गाड़ियों में कचरा के साथ मिट्टी, ईटा, पत्थर डंपिंग यार्ड ले जाते पकड़ा गया। इससे जाहिर होता है कि गोरखधंधा का खेल बहुत दिनों से चल रहा है। यद्यपि निगम प्रशासन ने कम्पनी पर 1000000 रूपया का जुर्माना किया है। लेकिन इस छोटे से जुर्माने से क्या इस प्रकार की भ्रष्टाचार को विराम लगाया जा सकता है। इसलिए कंपनी के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही जरूरी है।तारी फिर कोई कम्पनी इस प्रकार की पुनरावृत्ति ना  कर सके।
 
                    मनीष अग्रवाल ने निगम प्रशासन से कम्पनी को ब्लैकलिस्ट में डाले जाने की मांग की है। साथ ही ठेका निरस्त कर किसी दूसरे कम्पनी को दिया जाने की मांग की है। ताकि स्वच्छ भारत अभियान को पलीता लगाने वालों की हिम्मत किसी दूसरी कम्पनी भी नही कर सके।

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