कुपोषण दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान,5 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ को पुरस्कार से नवाजा गया

नारायणपुर-प्रदेश सहित नारायणपुर जिले में कुपोषण दूर करने के लिए राज्य शासन द्वारा विशेष प्रयास किये जा रहे है। कलेक्टर अभिजित सिंह के मार्गदर्शन एवं  निर्देश  पर महिला एवं बाल विकास के तत्वावधान में विभाग के मैदानी अमलो द्वारा बेहतर ढंग से पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं को पहुंचाया जा रहा है। कुपोषण दूर करने के उद्देश्य से पोषण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 5 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आउटलुक ग्रुप द्वारा सम्मानित गया है। इन कार्यकर्ताओं को 21 दिसम्बर 2020 को पोषण क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य को प्रोत्साहित करने के लिए आउटलुक पोषण छत्तीसगढ़ अवार्ड से नवाजा गया।  पुरस्कार से सम्मानित इन सभी कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं अन्य विभागीय अधिकारीयों की उपस्थिति में कलेक्टर से मूलाकात की।

इस दौरान कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जिले की इन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पुरस्कार से सम्मानित होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी । उन्होनें विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि वे भविष्य में भी इसी प्रकार के नवाचार कर बच्चों एवं पात्र हितग्राहियांे तक पोषण आहार उपलब्ध कराने के लिए सदैव तत्पर रहेंगीं। उन्होने अन्य कार्यकर्ताओं के लिए अनुकरणीय बताया।उल्लेखनीय है कि नारायणपुर जिले के ओरछा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती निर्मल सक्सेना को विषम भौगौलिक परिस्थितियों के बावजूद स्थानीय भोजन को बढ़ावा देने के लिए इन्नोवेटिव तरीके अपनाने के लिए पुरस्कृत किया गया, वहीं बेनूर आंगनबाड़ी केन्द्र की कार्यकर्ता कुमाारी जयश्री टिकी को लोगों तक स्वच्छ और पोषक आहार की पहुंच बढ़ाने के लिए पुरस्कृत किया गया।

इसके अलावा दुर्काडोंगरी की चक्रवती पात्र को पोषित भोजन अपनाने के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने की कैटेगरी अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही नारायणपुर बखरूपारा आंगनबाड़ी केन्द्र में कार्यरत कार्यकर्ता अनीता ठाकुर को लोगों तक स्वच्छता और पोषक आहार की पहुंच बढ़ाने के सराहीय प्रयास के लिए पुरस्कृत किया गया, वहीं मलसाकट्टा आंनगाबाड़ी केन्द्र मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुमारी सेवती मांझी को आपात परिस्थितियों में पात्र लोगों तक पोषित भोजन पहुंचाने के लिए सम्मानित किया गया। बताते चले कि जिले में सुपोषण अभियान के कुशल संचालन की बदौलत कुपोषण दर में कमी देखने को मिली है। पहले जो कुपोषण दर 31 प्रतिशत से अधिक थी वह अब घटकर लगभग 1़9 प्रतिशत के करीब हो गई है इस प्रकार विगत 2 वर्षो में जिले में कुपोषण दर में 12.42 प्रतिशत की कमी आई है।

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