छात्र नेताओं ने बताया..गरीब बच्चे बीच में छोड़ रहे पढ़ाई..महाविद्यालय में बढाई जाए सीटों की संख्या

बिलासपुर-(रियाज अशरफी)—-सीपत स्थित मदनलाल शुक्ला महाविद्यालय के छात्र नेताओं ने कॉलेज में विज्ञान वाणिज्य और कला संकाय की सीट संख्या  बढाने की मांग की ह। छात्र नेताओ ने स्थानीय नेता मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष और महाविद्यालय के प्राचार्य को मांग पत्र दिया। राजेन्द्र धीवर और प्राचार्य राजीव शंकर ने छात्रों को आश्वासन दिया कि मांग पत्र को उचित जगह दिया जाएगा। साथ ही वस्तुस्थिति से अवगत भी कराया जाएगा।
        छात्र नेताओं ने सीपत स्थित शासकीय मदनलाल शुक्ल महाविद्यालय सीपत में विज्ञान वाणिज्य व कला संकाय की सीट बढाए जाने की मांग की है। एनएसयूआई ब्लाक अध्यक्ष वीरेंद्र सूर्या की अगुवाई छात्रों ने अपनी मांग को मछुआ कल्याण बोर्ड उपाध्यक्ष राजेंद्र धीवर और शासकीय मदनलाल शुक्ल महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ राजीवशंकर खेर के सामने रखा।
        जानकारी देते चलें कि सीपत स्थित शासकीय मदनलाल शुक्ल महाविद्यालय क्षेत्र का एक मात्र  सरकारी कालेज है। महाविद्यालय में आसपास के लगभग 70 गांव के विद्यार्थियों का पढ़ाई लिखाई का केंद्र भी है। कॉलेज में पर्याय सीट नही होने के कारण बहुत से गरीब गरीब बच्चों का प्रवेश नहीं हो पाता है।
प्रवेश नहीं होने छोड़ रहे पढ़ाई
            जबकि गांव से कोसो दूर शहर के बड़े कॉलेजो के फीस और आने जाने में होने वाली आर्थिक परेशानियों का  कारण सैकड़ों बच्चे हायर सेकेंडरी स्कूल के बाद पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं।  ग्रामीण छात्रों के भविष्य की चिंता करते हुए सीट बढाने की मांग को लेकर  छात्र नेताओं ने छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष राजेंद्र धीवर व कॉलेज के प्राचार्य डॉ खेर को ज्ञापन सौंपा है। 
                        इस अवसर पर एनएसयूआई ब्लॉक अध्यक्ष वीरेन्द्र सूर्या, देवेंद्र सुनहरे, गौतम खरे, अरुण खरे, रविशंकर भार्गव ,संदीप विजय, सूरज कुमार, ऋषभकांत विजय, राकेश यादव, हिमेंन धीवर सहित एनएसयूआई के सदस्य शामिल रहे।
सीट बढ़ाने की मांग
            मामले में प्राचार्य ने बताया कि शासकीय मदलाल शुक्ल महाविद्यालय में इस समय बीए में मात्र 200 सीट है। बीएससी बायो मैथ्स बीकॉम में 100 सीट ही है।  एनएसयूआई छात्र नेताओं ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर बीए में 100 और बीएससी बायो मैथ्स के अलावा बीकॉम में 50 — 50 सीट वृद्धि करने किए जाने की मांग की है।

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