केन्द्रीय कृषि मंत्री बोले-मंत्री पर जमीन हड़पने के आरोप को हो रही जांच,क्यों नहीं लगा वर्षामापक यंत्र

IMG20170828144613बिलासपुर— आज पूरा भारत वर्ष आजादी आंदोलन का 75 वा वर्षगांठ मना रहा है। संकल्प से सिद्दी तक जिला पंचायत सम्मेलन में भाग लेने आया हूं। वर्षगांठ को भारत और राज्य सरकार ने संकल्प के रूप मे मनाने का फैसला किया। सरकार और जनता ने फैसला किया है कि जब देश की आजादी का 75 वर्षगांठ मनाएंगे तो साल 2022 में दुनिया के नक्शे में भारत का नाम सशक्त राष्ट्र के रूप में होगा। दुनिया में भारत की पहचान विकसित राष्ट्र के रूप में होगा। राज्य और भारत सरकार ने संकल्प लिया है कि 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करना है। देश को आतंकवाद के साये से निकालना है। साम्प्रदायिक सौहार्द्ध से लेकर गरीब जनता को गरीबी की दुष्चक्र से बाहर निकालना है। किसानों की आय को दुगुगी करना है। यह बातें पत्रकारों से केन्द्रीय कृषि मंत्री सुदर्शन भगत ने कही। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने छत्तीसगढ़ भवन में पत्रकारों के सवालों का जवाब भी दिया।

डाउनलोड करें CGWALL News App और रहें हर खबर से अपडेट
https://play.google.com/store/apps/details?id=com.cgwall

                                फसल बीमा योजना में किसानों के साथ अन्याय हुआ है। बीमा कम्पनी को दस किलोमीटर के दायरे में वर्षामापी यंत्र लगाना था…लेकिन नहीं लगाया गया। बिना सर्वे बीमा कम्पनी ने किसानों को चंद रूपए देकर हाथ झाड़ लिया। आप 2022 में किसानों की आय दुगूनी करने की बात करते हैं। कैसे होगा। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि विभिन्न माध्यमों से यह मामला मेरे सामने आया है। इसे हम गंभीरता से लेंगे। राज्य सरकार से बातचीत करेंगे। पता लगाएंगे की शर्तों के अनुसार वर्षामापी यंत्र क्यों नहीं लगाया गया। ऐसी क्या वजह है कि जिसके कारण वर्षामापी यंत्र नहीं लगाया गया।  भगत ने कहा कि फसल बीमा को लेकर राज्य और केन्द्र सरकार किसानों के हितों को लेकर सजग है। ज्यादा से ज्यादा किसानों को फसल बीमा का लाभ मिले।

                                टेल हाईजेनिक फिश मार्केट योजना पूरी तरह से फ्लाफ हो गया। केन्द्र ने तोरवा में डेढ करोड की लागत से बिलासपुर में योजना की शुरूआत की। उद्घाटन भी आपने किया। फ्लाफ होने की वजह क्या है। भगत ने बताया कि एक विशेष अभियान के तहत योजना की शुरूआत हुई। फ्लाफ होने का सवाल ही नहीं है। पता लगाया जाएगा कि देरी का क्या कारण है। भगत ने कहा कि योजना अभी प्रारम्भिक चरण में है।मुझे विश्वास है कि राज्य सरकार योजना को आगे बढ़ाएगी। पता लगाएंगे कि किन कारणों से योजना का संचालन ठीक से नहीं किया जा रहा है। यदि कुछ अड़चनें दूर होंगी तो उसे दूर भी किया जाएगा।

                                        किसानों की आय 2022 तक दुगुनी हो जाएगी…योजना को लेकर कोई ठोस तैयारी नहीं दिखाई दे रही है। सवाल का जवाब देते हुए सुदर्शन भगत ने कहा कि सात सूत्रीय कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों की आय को बढ़ाने के लिए ही लाया गया है। खेती के अलावा भी आय के श्रोत हैं। पशुधन के जरिए भी किसानों की आय को बढ़ावा जाएगा। बकरी पालन,मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन समेत कई योजनाएं हैं जिनसे किसानों की आय में इजाफा होगा।

             योजनाओं के बाद भी किसान आत्महत्या कर रहे हैं। सुदर्शन ने कहा कि योजनाएं अभी आयी हैं। आप देखेंगे के इसका परिणाम भी जल्द ही आने लगेगा। किसानों की आय दुगूनी होगी।

                                                         पशुसंवर्धन की बात कह रहे हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ में एक साथ 350 से अधिक गायों की मौत गयी। सुदर्शन भगत ने कहा कि सरकार ने गायों की मौत की जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई की है। गौशाला आयोग को जवाब तलब किया है। गौशाल प्रबंधक और कई कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गयी है। सरकार ने जांच के लिए टीम का गठन किया है। रिपोर्ट आने के बाद दोषी किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा जाएगा।

                 पिछले पन्द्रह साल में पहली बार किसी मंत्री पर भ्रष्टाचार का आरोप और जमीन हड़पने का मामला सामने आया है।सवाल का जवाब देते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कार्रवाई भी हो रही है। कार्रवाई का परिणाम भी सामने आने लगा है।

                        पत्रकारों से चर्चा करते समय प्रदेश के नगरीय निकाय मंत्री अमर अग्रवाल,विधानसभा उपाध्यक्ष बद्रीधर दीवान, ग़ृहनिर्माण मंडल के अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी,सांसद लखनलाल साहू,महापौर किशोर राय भी मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *