मेरा बिलासपुर

आत्मानन्द स्कूल के 104 बच्चों पर निलंबन की गाज…पालकों में हड़कम्प..चंदाखोरी का मामला आया सामने..एक दूसरे की गलतियों पर प्रबंधन डाल रहा पर्दा

छात्रों ने बिना अनुमति शहर के बाहर हॉटल में फेयरवेल पार्टी में शिरकत किया

बलौदा बाजार–भाटापारा में आत्मानंद स्कूल प्राचार्य ने अनुशासनहीनता के आरोप में 104 बच्चे निलंबित कर दिया है। प्राचार्य के सख्त कदम से पालकों में खलबली मच गयी है। बताया जा रहा है कि स्कूल के सभी छात्र बिना अनुमति शहर के बाहर हॉटल में फेयरवेल पार्टी में शिरकत किया। स्कूल के बच्चों की मौज मस्ती करने की जानकारी  मिलते ही मैनेजमेंट में खलबली मच गयी। आनन-फानन में प्रिंसिपल देवांगन ने  फेयर वेल  अनुशासनहीनता के आरोप में सभी विद्यार्थियों को एक सप्ताह के लिए सस्पेंड करने का फरमान सुना दिया हैं। यकाएक कार्रवाई से पालकों में हड़कंप मच गया है।
 
 भाटापारा सथित आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के कक्षा 11 और 12 के स्टूडेंट्स की फेयरवेल पार्टी का आयोजन शहर के एक हॉटल में किया गया। स्कूल के बच्चे बिना शिक्षक और प्राचार्य की अनुमति के फेयरवेल पार्टी में शिरकत किया। बच्चों की मौज मस्ती की खबर स्कूल प्रबंधन तक पहुंच गयी। जानकारी मिलते ही प्राचार्य देवांगन ने फेयरवेल पार्टी में शामिल सभी 104 बच्चों को तत्काल निलंबित कर दिया। व्यापक स्तर पर हुई इस कार्रवाई की खबर बिजली की तरह प्रदेश के साथ ही पालकों को भी मिली। स्कूल के प्राचार्य देवांगन ने बताया कि बिना अनुमति किसी भी बच्चे का बाहर जाना या पार्टी में शिरकत करना अनुशासनहीनता है। इसलिए सभी बच्चों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गयी है। 
जानकारी मांग रहे…
            
मामले में जिला शिक्षा अधिकारी सी एस ध्रुव ने बताया आत्मानंद  अंग्रेजी माध्यम शाला भाटापारा में हुई कार्यवाही को लेकर अलग से एक टीम भेजा जाएगा। क्या कुछ हुआ और क्यों कठोर कदम उठाया गया…रिपोर्ट के बाद ही जानकारी मिलेगी। छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होगा।
प्राचार्य के सख्त कदम और फेयरवेल पार्टी मनाए जाने को लेकर भाटापारा विकास खंड शिक्षा अधिकारी से सम्पर्क का प्रयास किया गया। लेकिन उन्होने फोन ही नहीं उठाया।
आज लगेगी पालकों की क्लास
स्कूल मैनेजमेंट के इंचार्ज प्रिंसिपल ने बताया कि मामले को लेकर सभी अभिभावकों को बुलाया गया है। अभिभावकों को बच्चों की हरकतों से अवगत कराया जाएगा। इसके बाद ही सभी बच्चों को बहाल किया जाएगा। ताकि भविष्य में दोबारा इस प्रकार की गलती की पुनरावृत्ति छात्र ना करें। 
पालकों ने कहा…स्कूल प्रबंधन दोषी
बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि अनुशासन बनाए रखने का काम  प्राचार्य का है। बिना किसी नोटिस के बच्चों पर इतनी बड़ी  कार्यवाही उचित नहीं है। बिना किसी रिपोर्ट के बच्चों के आचरण को अमर्यादित करार देना ठीक बात नहीं। पालकों को स्कूल में सुनवाई के लिए बुलवाना उचित नहीं है। प्राचार्य अपना पल्ला झाड़ने के लिए बेतुका फरमान जारी कर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं । स्थानीय शिक्षाविद ने बताया कि बाल मन और बाल भविष्य संरक्षण को देखते हुए स्कूल प्रबंधन को पेरेंट्स मीट के बाद चेतावनी  देकर एक अवसर दिया जाना चाहिए था। दरअसल अनुभवहीन शिक्षकों को संचालन का जिम्मा देने से ही ऐसे हालत बनते हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जानकारी नही
 मामले की तहकीकात में पाया कि आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम भाटापारा में अनुशासनहीनता और लापरवाही के मामले आम हैं। दरअसल अनुभवहीन प्राचार्य की प्रबंधन एवं व्यवस्था संचालन में पकड़ नही है। इसमें जिला प्रशासन की अनदेखी साफ नजर आ रही है।  शिवलाल मेहता स्कूल के वरिष्ठ प्राचार्य की जगह  ग्रामीण इलाके के अनुभवहीन लेक्चरर को प्रभारी प्रिंसिपल की सीट थमा दिया गया है। बबूल के बीज बोने पर आम फल की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। इन्ही तमामा लापरवाही के कारण ही आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम भाटापारा में आए दिन पालको और बच्चों को लेकर झड़प होती है।  शाम होने के बाद विद्यालय परिसर में  नशेड़ियों का जमावड़ा हो जाता है। स्कूल में बैठने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है।
संचालन में भारी लापरवाही
विभाग के ही एक अधिकारी ने बताया कि स्कूल में पेरेंट्स कमेटी भी नहीं बनी है।अनेकों बार प्रिंसिपल और टीचर मनमाने समय मे स्कूल आना जाना करते है।  विकासखंड शिक्षा अधिकारी भी स्कूल  के बेहतर संचालन में रुचि नहीं लेते है। एक दिन पहले हुए बच्चो को निलंबन के पीछे और भी कई कारण है। इसमें एक कारण चंदा खोरी भी है। स्कूल वाले फेयरवेल पार्टी बच्चों के साथ स्कूल में करवाना चाहते थे। ताकी एकत्रित चंदा को मिलकर खपाया जा सके।
 
निलंबन की वजह चंदाखोरी
देखने वाली बात होगी कि क्या इसी तरह मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट का संचालन भाटापारा शिक्षा प्रबंधन करेगा। या फिर अनुभवी संचालकों को आत्मानन्द स्कूल की जिम्मेदारी  दी जाएगी। बहरहाल एक सौ से अधिक बच्चों का निलंबन तूल पकड़ता जा रहा है। क्या कुछ परिणाम निकलेगा यह तो आने वाला समय ही बतायाएगा।

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