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क्रमोन्नति व पूर्ण पेंशन के लिए मुहिम चलाएगा टीचर्स एसोसिएशन

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि वन टाइम रिलेक्सेशन के तहत क्रमोन्नति देने व प्रथम नियुक्ति तिथि से अर्हकारी सेवा (पूर्व सेवा को पेंशन योग्य सेवा) मान्य करते हुए पुरानी पेंशन की गणना कर 20 वर्ष में पूर्ण पेंशन देने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन जल्द ही सक्षम अधिकारियों से मिलकर मांग पत्र सौंपेगा।छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष संजय शर्मा, जिलाध्यक्ष परमेश्वर निर्मलकर प्रदेश उपाध्यक्ष, देवनाथ  साहू ,प्रांतीय पदाधिकारी यशवंत बघेल, विनोद सिन्हा, पूरन लाल साहू, गीता शरणागत, भुवन यदू, नंदकुमार रामटेके, सुरेश केला, सलीम मेमन, मनोज तिवारी, टिकेन्द्र यदू, धनश्याम दिवाकर ब्लॉक अध्यक्ष जितेन्द्र सोनवानी,  हुलस साहू, संतोष साहू, धवलेश्वर बेहरा, गोविंद पटेल, संजय यादव, आर एस कंवर, धनश्याम देवांगन, भूपेन्द्र पुरी गोस्वामी, किरण साहू,  इरफान कुरैशी, यशंवत नाग, खेमराज यादव, संजीव सोनटेके, लता धुव्र ईश्वरी सिन्हा, प्रतिभा सकरिया, सनत यादव, महेन्द्र प्रधान ने संयुक्त विज्ञप्ति में कहा कि पदोन्नति में वन टाइम रिलेक्सेशन का लाभ सहायक शिक्षकों को मिला है, आगे शिक्षक संवर्ग को भी पदोन्नति का लाभ प्राप्त होगा, पर पदोन्नति से वंचित सहायक शिक्षकों के लिए क्रमोन्नत वेतनमान व शिक्षक एवं व्याख्याता संवर्ग के लिए समयमान वेतनमान के लिए सरकार को निर्णय लेना होगा। इस विषय पर फार्मूला के तहत शासन के समक्ष ज्ञापन दिया जाएगा। प्रथम नियुक्ति तिथि की गणना कर 20 वर्ष में पूर्ण पेंशन देने ज्ञापन सौंपा जाएगा।

संजय शर्मा ने कहा कि अब छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन लागू हो गई है, किन्तु पूर्ण पेंशन 1 लाख 65 हजार शिक्षकों का मामला है जिसमें एल बी संवर्ग के 70 हजार सहायक शिक्षक एवं 95 हजार शिक्षक, प्रधान पाठक प्राथमिक शाला व व्याख्याता है, पुरानी पेंशन में अभी बड़ी पेंच है, शिक्षक संवर्ग के एनपीएस कटौती की राशि के सम्बंध में मुख्यमंत्रीजी प्रयासरत है, किन्तु अब तक पीएफआरडीए द्वारा राशि जारी नहीं किये जाने से शिक्षक संवर्ग चिंतित है, शिक्षक संवर्ग का पेंशन राशि शिक्षकों के खाता में प्रक्रिया अपनाकर जल्द किये जाने की मांग किया।

1 अप्रैल 2022 से पुरानी पेंशन लागू होने के बाद अब तक सैकड़ों शिक्षक संवर्ग खाली हाथ रिटायर हो गए है, उनकी व्यवस्था शासन शीघ्र करे, प्रदेश में संविलियन हुए शिक्षक अपनी पेंशन की अनिश्चितता हेतु बड़ी चिंता में है, इसका सकारात्मक समाधान जरूरी है।

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शासन द्वारा 1 नवंबर 2004 से पेंशन की गणना करने उल्लेख किया गया है परंतु एल बी संवर्ग के शिक्षकों के संबंध में शासन को स्पष्ट निर्देश जारी करना चाहिए।  1 नवंबर 2004 के पूर्व व बाद में नियुक्त पंचायत संवर्ग के शिक्षक जिनकी एनपीएस कटौती 1 अप्रैल 2012 से प्रारंभ हुई है। इस सम्बंध में शासन प्रथम नियुक्ति के आधार पर सेवा अवधि की गणना सेवानिवृत्त व दिवंगत के मामले में पेंशन सम्बन्धी सभी प्रकरणों का निराकरण करें।

सहायक शिक्षक स्वतंत्र रूप से वेतन विसंगति के लिए लड़े पर अब तक कुछ नहीं मिला है, यह समझते हुए हजारों सहायक शिक्षकों ने प्रधान पाठक प्राथमिक शाला के पद पर पदोन्नति प्राप्त कर लिया है।

एक ही सूची के वरिष्ठ सहायक शिक्षकों को पदोन्नति मिल रही साथ ही उसी सूची के पात्र हजारों शिक्षक पद न होने से पदोन्नति से वंचित है, ऐसे हजारों सहायक शिक्षकों को वन टाइम रिलेक्सेशन के तहत क्रमोन्नति वेतनमान दिया जाए।प्रथम नियुक्ति तिथि से सहायक शिक्षक को क्रमोन्नति में शिक्षक व व्याख्याता को समयमान में वित्तीय लाभ मिलेगा, प्राचार्य के पद को वन टाइम रिलेक्सेशन में शामिल नहीं किया गया, इन सबसे शासन को ही लाभ मिल रहा है।

पूर्व सेवा अवधि की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से 20 वर्ष की सेवा को पूर्ण पेंशन हेतु मान्य कर पुरानी पेंशन लागू करने,  2013 में लागू शिक्षक समतुल्य वेतनमान को 1.86 गुणांक के आधार पर वेतनमान निर्धारण कर संशोधित एलपीसी जारी करने, पूर्व सेवा अवधि को जोड़ते हुए सहायक शिक्षकों को प्रचलित नियम अनुसार सीधे उच्च वर्ग शिक्षक का 4200 ग्रेड पे का उच्चतर वेतनमान देते हुए क्रमोन्नति का आदेश करने तथा शिक्षक व व्याख्याता के लिए समयमान वेतनमान का आदेश जारी करने की मांग की जाएगी।

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