शिक्षकों को अब तक नहीं मिली मार्च महीनों की तनख़्वाह,BEO दफ़्तर की लापरवाही से कोरोना काल में बढ़ गईं मुश्किलें

बिलासपुर।कोरोना महामारी के दौर में बिल्हा ब्लॉक के करीब ढाई सौ शिक्षकों को मार्च महीने की तनख़्वाह अब तक नहीं मिल पाई है। वज़ह बताई जा रही है कि इन शिक्षकों के बिल में कुछ ख़ामियां थीं, जिन्हे दुकुस्तर करने के लिए ट्रेज़री की ओर से बिल्हा बी.ई.ओ. को ज़ानकारी दी गई थी । लेकिन ख़ामियां अब तक नहीं सुधारी गईं हैं। तनख़्वाह नहीं मिलने से शिक्षकों को काफ़ी दिक़्क़तों का सामना कतरना पड़ रहा है। जानकारी दी गई है कि बी ई ओ बिल्हा कार्यालय के निष्क्रियता के कारण विकास खंड बिल्हा के अधीन मिडिल स्कूलों में कार्यरत लगभग 250 शिक्षक मार्च के अपने नियमित वेतन से वंचित हैं । कोरोना जैसे महामारी में शिक्षक अपने ड्यूटी मुस्तैदी से जान की परवाह किये बगैर कर रहे है । फिर भी मासिक  वेतन से शिक्षक वंचित हैं । बिलासपुर जिले में 14 अप्रेल से 26 अप्रेल तक लॉक डाऊन था ।

जिसे जिला प्रशासन 6 मई तक बढ़ा दिया है । पूरा महीना बीतने जा रहा है । फिर भी वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है । बिना वेतन के किराना सामान, सब्जी,दवाई जैसे आवश्यक चीजों के लिए शिक्षकों को कर्ज लेना पड़ रहा है । छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ बिलासपुर ने मांग की है कि ऐसे    कृत्यों की जिम्मेदारी तय कर शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए शिक्षकों को दो दिवस में वेतन दिलाये ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *