कृषि विभाग ने दुकान लगाकर बेचा धान बीज, नई किस्म DELTA की पैदावार होगी या नहीं .. ? किसान चिंतित , बीज की क्वालिटी पर उठ रहे सवाल ….

सुरजपुर: ( मनीष जायसवाल )। जिले का कृषि विभाग धान के बीजों की ट्रेडिंग, मार्केटिंग की गद्दी पर बैठ गया है। यहाँ के कर्ताधर्ता हाई ब्रीड धान को बगैर उच्च अधिकारियों के कागजी आदेश लिए खुद का हाट बाजार लगा कर किसानों को बेच दिए है। मजेदार बात यह है कि बीज विकास निगम का इसमें कोई लेना देना नही है। इस बिना अनुमोदन वाले धान के बीज को किसानों को औने पौने दामों में बेच कर लाखों रुपये के ट्रेडिंग करने का सनसनी खेज मामला सामने आया है।
बीज का उपयोग किये हुए पीड़ित किसान का कहना है कि सितम्बर खत्म हो गया पर धान अब तक फूटा भी नही है।इसकी आबो हवा यहाँ की मिट्टी इस प्रजाति के लायक है कि नही इस पर सरकारी आदेश जारी किया जाना चाहिये । कृषि विभाग के अधिकारी इस मामले में अपनी गलती छुपाने के एक महीने की लंबी छूट्टी का फार्मूला पेश कर रहे है।

सुरजपुर के सामाजिक कार्यकर्ता का कहना है कि यह किसानों का शोषण और खेतों में प्रदूषण पहुंचाने के लिए कोई पैतरा तो नहीं …? यह जनता और जनप्रतिनिधियों के लिए चर्चा का विषय हो सकता है । क्योकि अडानी के कथित प्रदूषण के बाद भी सुरजपुर जिले की आबोहवा और यहाँ का किसान स्वच्छ और निर्मल है। यहाँ के लोगो को व्यवस्था में बैठे जिम्मेदार लोगो पर भरोसा इस कदर है कि कृषि विभाग का बेचा गया डेल्टा जेआरएच – 8 संकर धान इस लिए खरीद लिया कि यह सरकार की अच्छी योजना का हिस्सा होगी। इस बीज से हो सकता है कि फसल और पैदावार बहुत अच्छी होगी।

मालूम हो कि यह क्षेत्र कर्क रेखा ट्रॉपिक मध्य भारत से गुजरता है । जिले की जलवायु गर्म और शीतोष्ण है। सर्दियों का मौसम आम तौर पर नवंबर से फरवरी के महीने तक होता है। सूरजपुर राज्य के सबसे ठंडे जिले में से एक है। इस लिए किसानों को फसल के पकने की चिंता सता रही है।

डेल्टा जेआरएच – 8 संकर धान का मामला

2021 जुलाई – अगस्त महीने में सुरजपुर विकासखण्ड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय में डेल्टा जेआरएच – 8 संकर कंपनी के धान के बीज एक पैकेट में 3 किलों की भर्ती वाले धान बिकने को आते है। किसानों को बताया जाता है कि 50 डिसमिल में 3 किलो का पैकेट लगता है। हर बोरा में 10 पैकेट धान आता है। जिसे कृषि विभाग ने डेल्टा कंपनी के धान करीब 500- 600 बोरा किसानों को सीधे बेच देता है प्रति तीन किलो पैकेट की कीमत 600 रुपये कही 700 रुपये में बेची दी जाती है।

जो धान खुले बाजार के कृषि केन्द्र में बिकना चाहिए था । इसे सरकार के महत्वपूर्ण अंग कृषि विभाग के अधिकारी अपनी कथित दुकान लगा कर इस हाईब्रीड धान को जिला कलेक्टर, बीज विकास निगम के अधिकारियों के द्वारा दिये हुए वैध दस्तावेजों की पुष्टि किये बिना बेच देते है। इस वजह से इसकी गुणवत्ता पर सवाल स्थानीय मीडिया में उभर कर आते है। जिससे यहां इस बीज का उपयोग किये हुए किसान अब फसल को लेकर चिंतित है।

बाजार में सस्ता विभाग में महंगा

मिली जानकारी के मुताबिक कृषि विभाग ने डेल्टा जेआरएच – 8 संकर धान के बीज के डीलर से मिल करके इसे अपने दफ्तरों में बड़ी बोरियां मंगवा डंप कर लिया बाद में डीलर को लाखों का नगद भुगतान कर दिया गया है। मामला तब और संगीन हो जाता है। जब MRP 1140 रुपये लिखा हुआ यही कंपनी का बीज कृषि सेवा केंद्रों में आधे से भी कम कीमतों में मिलने लगता है। जिसे कृषि विभाग के अफसर 600 से 700 रुपये पैकेट में किसानों को बेच देते है ।

गलती किसकी और फॉयदा किसे ..?

सुरजपुर विकास खण्ड के प्रभारी कृषि विस्तार अधिकारी रघुनाथ पांडेय स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अपने सहयोगी एनपी सिंह के द्वारा खरीदने का बात करते हुए पल्ला झाड़ लेते है।

कृषि उप संचालक डीडीए दिनेश चंद कोशले भी डेल्टा धान बीज मामले पर नियम कानून प्रोत्साहन की बाते बात कर धान के बीज खरीदने का बहाना बनाते हुए नजर आए । जब दस्तावेज के विषय मे जानकारी मांग की गई तो उन्होंने कहा कि बजट नही आया तो धान की बोरियों को वापस कर दिए है। जिसमे से करीब 15 किवंटल धान खरीदने की बातें स्वीकार रहें है। भुगतान के सम्बंध में वे कहते है कि हमने नगद में भुगतान किया है। बीज उधार में मिला था। कृषि विभाग के उप संचालक का यह भी कहना है कि आप शिकायक्त दीजिये मैं कार्यवाही करवा दूंगा ..!

किसान और कृषि मंत्री की साख

किसान अगर हाई ब्रीड धान लगा रहे है तो ये तकनीक की ओर बढ़ रहे है। यह कृषि मंत्रालय की लिए भी अच्छे संकेत है। धान के उत्पादन के क्षेत्र में कई बड़े प्रयोग हुए हैं जिनका लाभ किसानों को होता है…! यहाँ पर मामला डेल्टा जेआरएच – 8 संकर धान की गुणवत्ता पर अभी सवाल उठाने का नही है। किसानों की शंका समाधान का है ….! चूंकि मामला विभाग के दस्तावेजों की अनुमति से जुड़ा हुआ है। जिला कृषि अधिकारी जब एक महीने की छूट्टी पर थे तब यह डेल्टा जेआरएच – 8 संकर कंपनी के धान के बीज का मामला रफा हो गया है। इस लिए शासन को इस डेल्टा हाई ब्रीड धान की गुणवत्ता और कृषि विभाग की इस कार्य प्रणाली की जांच की जाने की जरूरत है ..! क्योंकि राजनीतिक और अपने मंत्रालयीन विभाग में पकड़ के धनी प्रदेश के कृषि मंत्री रवींद्र चौबे के सुरजपुर कृषि विभाग की यह कार्य शैली से …. उनसे बिल्कुल विपरीत मालूम पड़ती है …… !

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