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फर्जी प्रतिनिधि का गरमाया मामला.. सभापति अंकित गौरहा ने लिखा सीईओ और एसपी को पत्र..कहा दोषियों को खिलाफ करें कार्रवाई

जिला पंचायत सामान्य सभा में बेलतरा विधायक रजनीश सिंह का प्रतिनिधि बनकर शिरकत किया

बिलासपुर—जिला पंचायत सभापति अंकित गौरहा ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी और पुलिस कप्तान से लिखित शिकायत कर फर्जी विधायक प्रतिनिधि के खिलाफ कानून कार्रवाई की मांग किया है। शिकायत में अंकित गौरहा ने कहा कि विक्रम सिंह पिछले तीन साल से जिला पंचायत सामान्य सभा में बेलतरा विधायक रजनीश सिंह का झूठा प्रतिनिधि बनकर शिरकत किया है। जबकि बेलतरा विधायक की तरफ से प्रतिनिधि नियुक्ति किये जाने का जिला पंचायत को कोई पत्र ही नही मिला। पिछले दिनों जांच पडताल के दौरान जानकारी मिली कि विक्रम सिंह ने पिछले दरवाजे से नवम्बर 2022 को विधायक का एक लिखित पत्र जरूर दिया। लेकिन पत्र नवम्बर 2022 का है।  सवाल उठता है कि आखिर इसके पहले भाजपा नेता बिना विधायक की अनुमति से कैसे सामान्य सभा में शिरकत किया। पुलिस कप्तान और सीईओ मामले की जांच करें।
 जिला पंचायत सभापति अंकित गौरहा ने पुलिस कप्तान और जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भाजपा नेता के खिलाफ लिखित शिकायत किया है। शिकायत में अंकित ने जांच पड़ताल के साथ ही भाजपा नेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग किया है। अंकित गौरहा ने बताया कि जिला पंचायत बिलासपुर के सामान्य सभा की बैठक में साल 2019-20, 2020-21 और 2021-22 में अनाधिकृत रूप से बिना किसी लिखित आदेश के बेलतरा विधायक रजनीश सिंह का विधायक प्रतिनिधी बनकर विक्रम सिंह ने जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक में शिरकत किया है।
अंकित ने कहा कि विधायक प्रतिनिधि विक्रम सिंह ने 14 दिसम्बर 2022 के सामान्य सभा बैठक में  अनावश्यक रूप से हंगामा कर शासकीय कामकाज में बाधा पहुंचाया है। सामान्य सभा के बाद अध्यक्ष की तरफ से परियोजना सहायक से सांसद और विधायक प्रतिनिधियों की जानकारी देने को कहा गया। अधिकारी ने बेलतरा विधायक प्रतिनिधी को सूचना देकर बेक डेट में एक महीने पूर्व का एक पत्र पेश किया।
जांच पड़ताल के दौरान पता चला कि परियोजना सहायक ने 2 नवम्बर 2022 का पत्र मंगवाकर अनाधिकृत रूप से आवक-जावक शाखा में जमा कराने का प्रयास किया। आवक जावक शाखा में पदस्थ कर्मचारी ने बताया कि मामले की जानकारी उसे नहीं है। इसके बाद जिला पंचायत के ही एक कर्मचारी ने 21 दिसम्बर 2022 को लगभग 7 दिन बाद एक पत्र दिखाया। कर्मचारी ने बताया कि पत्र उसे परियोजना सहायक ने फाइल में रखने को कहा था। जाहिर सी बात है कि तथाकथित बेलतरा विधायक प्रतिनिधि ने जिला पंचायत अधिकारियों के साथ मिलिभगत कर षड़यंत्र को अंजाम दिया है। बिना अनुमति या प्रतिनिधि बनकर जिला पंचायत जैसी सर्वोच्च संवैधानिक संस्था को गुमराह करते हुए तीन साल से सामान्य सभा की बैठक में अनाधिकृत रूप से शामिल हुआ है। अंकित ने कहा कि मामले में जांच के साथ ही षड़यंत्र में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

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