मेरा बिलासपुर

कांग्रेस नेता ने कहा…सेवा हमारी संस्कृति का अहम् हिस्सा..स्वस्थ्य रहेंगे..तभी विकास करेंगे..मिलकर बचाएंगे पर्यावरण

हमारी अति महत्वाकांक्षा ने सृमृद्ध जंगल को खतरे में डाल दिया

बिलासपुर—स्वामी विवेकानन्द ने कहा है कि स्वस्थ्य शरीर में स्वस्थ्य दिमाग का निवास होता है। और स्वस्थ्य वातावरण में ही मानव जीवन का स्वस्थ्य विकास होता है। यह बातें मस्तूरी विकासखण्ड के मल्हार स्थित बूढीखार में आयोजित एनएसएस के कार्यक्रम में युवा कांग्रेस नेता जयंत मनहर ने कही। मनहर ने कहा दुनिया गंभीर पर्यावरण संकट के दौर से गुजर रही है। आज पथ्वी का सबसे घना अमेजन का जंगल भी खतरें  में है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। कहने को तो छत्तीसगढ मेे सर्वाधिक क्षेत्र में जंगल है। लेकिन हमारी अति महत्वाकांक्षा ने सृमृद्ध जंगल को खतरे में डाल दिया है। हमारी जिम्मेदारी है कि अपनी विरासत को संभाले। यह काम केवल और केवल युवा जगत ही कर सकता है। मनहर ने कहा कि जंगल ही स्वस्थ्य पर्यावरण की पहली ईकाई है।

          मस्तूरी विकासखण्ड के मल्हार स्थित शासकीय सरदार तारा सिंह उच्चत्तर माध्यमिक पाठशाला बूढीखार में राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय कैम्प का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम पेश किया। समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथित युवा कांग्रेस नेता जयंत मनहर ने शिरकत किया।

           मुख्यअतिथि जयंत मनहर ने उपस्थित बच्चों को उत्साहवर्धन करने के साथ ही उपस्थित गणमान्य लोगों को संबोधित किया। मनहर ने कहा राष्ट्रीय सेवा योजना गांधी विचारधारा की महति उपज है। योजना का मूल उद्देश्य बच्चों में सेवा भावना का संस्कार गढ़ना है। स्वावलम्बन का पाठ पढ़ाना है।

 मनहर ने बताया कि हमारी जिन्दगी की मूलधारणा में सेवा के साथ ही पर्यावरण को संरक्षित भी करना है। महापुरूषों ने अपने जीवन में नैतिक मूल्यों को सबसे ऊपर रखा है। जिन्होने नैतिक मूल्यों का सम्मान किया..आज उन्हें हम महापुरूष के रूप में जानते है। इस दिशा में राष्ट्रीय सेवा ईकाई ने अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से अंजाम दिया है। 

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            अपने संबोधन में जयंत मनहर ने बताया कि जब तक हम मन वचन और कर्म से एकाग्र होकर काम नहीं करेंगे..लक्ष्य को पाना मुश्किल ही नही नामुमकिन है। लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमें स्वस्थ्य रहना होगा। स्वामी विवेकानन्द ने कहा भी है कि स्वस्थ्य शरीर मे स्वस्थ्य दिमाग का निवास होता है। हमें अपने युवा साथियों पर पूरा विश्वास है। स्वामी विवेकानन्द के पदचिन्हों पर चलकर ना केवल लक्ष्य को हासिल करेंगे। बल्कि अपने गांव शहर और जिले का नाम रोशन भी करेंगे। समाज को एक नई और सकारात्मक दिशा भी देंगे। 

             मनहर ने कहा कि निरोगी रहने के लिए स्वच्छता को जीवन का मूल मंत्र बनाना होगा। इसके लिए पर्यावरण को भी बचाना होगा।  सामुहिक प्रयास से छत्तीसगढ़ को हरियर प्रदेश बनाना होगा। क्योंकि पेड़ पौधों से ही हमारी जिन्दगी है। उन्होने दुहराया कि योग क्रिया हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। आज पूरी दुनिया में योगासन का बोलबोला है। इसके पहले लोग हमसे आगे निकले..हमें अपनी विरासत का अनुशरण करते हुए आगे निकलना होगा। योग के महत्व को समझना होगा। योग  क्रिया से ना केवल बौद्धिक विकास को बल मिलता है बल्कि शरीर स्वस्थ्य..और मन शुद्ध होता है।

युवा नेता ने बताया युवा जगत का लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए। बाकी काम सरकार का है। भूपेश सरकार ने गांधी विचारधारा के नक्शेकदम पर चलकर प्रदेश का तेजी से विकास का संकल्प लिया है। महात्मा गांधी ने कहा है कि भारत का विकास ग्रामीण जीवन को केन्द्र में रखकर किया जाए। आज प्रदेश के मुखिया वही कर रहे हैं..ग्रामीम संस्कृति को ना केवल बढ़ावा दे रहे हैं..बल्कि प्रदेश का तेजी से चहुमुखी विकास भी कर रहे हैं।

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                 कार्यक्रम के दौरान आयोजक मण्डल ने युवा नेता जयंत मनहर का तिलक लगाकर शाल श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।

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