मेयर ने बताया प्रभारी मंत्री को देंगे बायसन मौत की रिपोर्ट..स्थिति चिंताजनक..लैब की भी करेंगे मांग

बिलासपुर—कानन पेंडारी में लगातार हो रही वन्यप्राणियों के मौत के मामले में प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल के निर्देश पर महापौर रामशरण यादव और सभापति शेख नजीरूद्दीन, कानन पेंडारी पहुंचे। इस दौरान दोनों नेताओं ने वस्तुस्थिति का जायजा लिया। डीएफओ कुमार निशांत ने मृत बायसन के बारे में जानकारी दी।
 
             निगम मेयर रामशरण यादव और सभापति शेख नजरूद्दीन बायसन की मौत की जानकारी लेने कानन पेन्डारी पहुंचे। इस दौरान मेयर और सभापति ने कानन पेण्डारी की व्यवस्था का भी जायजा लिया। साथ बायसन की मौत की जानकारी भी मांगा।
 
       मेयर और सभापति को डीएफओ निशांत कुमार ने बताया कि बायसन तीन दिन से बीमार था। खाना भी नहीं खा रहा था । एक दिन पहले उसे इंजेक्शन भी लगाया गया था।  पशु विभाग से तीन डॉक्टर की टीम डॉ.आर.एम. त्रिपाठी, डॉ.अनुप चटर्जी और डॉ. राम ओत्तलवार की टीम ने बायसन का खून लिया और जांच के लिए जबलपुर भेजा है। लेकिन रिपोर्ट आने से पहले ही बायसन की मौत हो गई।
 
            महापौर ने बायसन के केज का निरीक्षण किया। डीएफओ से जानकारी ली कि इससे पहले कितने और बायसन की मौत हो चुकी है। डीएफओ ने बताया कि तकरीबन दो महीने पहले एक बायसन की और मौत हो चुकी है। दोनो मृत बायसन भाई थे। दोनों को  हैदराबाद के जू से लाया गया था। अभी जिस बायसन की मौत हुआ है..उनका जन्म 26 फरवरी 2018 को हुआ था। उसकी मौत 30 जुलाई 2021 को कानन में हो गया है।
 
              डीएफओ ने बताया कि बायसन की उम्र 3 साल 4 माह के आसपास थी। मेयर को डीएफओ ने बताया कि बायसन की औसतन उम्र 25 से 30 साल होती है। इससे पहले मरने वाले बायसन तीस साल का था।
 
                    नि्रीक्षण के बाद मेय रने बताया कि रिपोर्ट प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल को देंगे। निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य राजेश शुक्ला, बजरंग बंजारे, पुष्पेंद्र साहू, पार्षद रामप्रकाश साहू,रशीद बख्स, बाटू सिह, डीएफओ निशांत कुमार, कानन अधीक्षक संजय लूथर समेत अन्य लोग मौजूद थे।
 
 1 साल में 8 वन्यप्राणियों की मौत शेर, अभी 678 जानवर है मौजूद*
 
           डीएफओ निशांत कुमार ने बताया कि कानन में करीब 6 करोड़ पर्यटक हर साल आते हैं। 114 हेक्टेयर में फैले हुए जू में 60 स्पीशीज के लगभग 679 जानवर मौजूद है। मौजूदा वक्त में 7 शेर  हैं। इनमें 3 नर शेर है। 3 सफ़ेद बाघ भी और  4 बंगाल टाइगर हैं। यहां पर एक शुतुरमुर्ग के साथ साथ पहले 6 बायसन मौजूद थे। पिछले दिनों दो बायसन की मौत के बाद बायसन की संख्या 4 हो गयी है। इस वर्ष कुल 7 वन्यप्राणियों की मौत हुर्ह है।
 
 दवा और चारे का किया निरीक्षण
 
             बायसन केज के साथ ही मेयर यादव ने कानन के सभी वन्यप्राणियों के केज का निरीक्षण किया। केजो की हालत जर्जर पायी गयी। 20 साल से केज के जाली नहीं बदले गए है। डीएफओं ने मेयर को वन्यप्राणियों को दी जाने वाली दवा की जानकारी दी। निशांत ने बताया कि कैट प्रजाती यानी शेर, तेदुंआ, लकड़बघ्घा समेत अन्य मांसाहारी जानवरों को तीन माह में इंजेक्शन दी जाती है। शाकाहारी जानवरो को खाने में मिलकार दवा दी जाती है। 
 
              निशांत ने मेयर को जानवरों के खान पीन के बारे में भी बताया। निशांत ने बताया कि मांसाहारी वन्यप्राणियों के लिए प्रतिदन 14 से 15 बकरे काटे जाते है। शाकाहारी जानवरों को हरा खाना के साथ पपीता,नीम के पत्ते, पैरा कटीया, केला और उसका छिलका, नेपियर और बरसींग घास दिया जाता है।
 
बिसरा रिपोर्ट आने में लग जाता है समय
 
              मेयर के सवाल पर निशांत ने बताया कि मृत बायसन का पोस्टमार्टम किया गया है। हमारे पास लैब नहीं है। पोस्टमार्टम के बाद बिसरा जबलपुर के लैब भेजा जाता है। रिपोर्ट आने में कभी-कभी दो से 6 माह तक लग जाता है। निशांत ने जानकारी दी कि कानन पेन्डारी में दो डॉक्टर तो है लेकिन एक भी असिस्टेंट नहीं है। मेयर ने कहा कि प्रदेश स्थापना के बाद कानन जू और रायपुर में जंगल सफारी बन गया । लेकिन अभी तक वन्य प्राणियों के बिसरा के लिए लेब नहीं बन पाया । चिंता की बात है..लैब की मांग शासन से करेंगे।
 
प्रभारी मंत्री को जल्द सौपी जाएगी रिपोर्ट–मेयर
 
           मेयर ने बताया कि कानन पेंडारी का अस्पताल काफी पुराना है। यहां डॉक्टर और अस्टिेंट की कमी है। एक्सरे समेत अन्य उपकरणों की भी कमी है। बीमार जानवरों का तत्काल उपचार नहीं हो पाता है। कानन पेंडारी के कमियों को पूरा करने शासन स्तर पर मांग की जाएगी। कानन पेंडारी से संबंधित रिपोर्ट प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल को जल्द ही सौपा जाएगा।

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