विधायक और सभापति ने कहा..कोरोना काल में.. मितानिनों ने पेश की मिसाल..लोग नहीं भूलेंगे सेवा

बिलासपुर—-नगर विधायक के जन्मदिन को यादगार बनाने ग्राम पंचायत बैमा में प्रोटोकाल पालन के साथ सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर विधायक शैलेष पाण्डेय और जिला पंचायत सभापति अंकित गौरहा ने नारी शक्ति और कोरोना योद्धाओं का सम्मान किया।
 
              नगर विधायक शैलैष पाण्डेय के जन्मदिन के अवसर पर बैमा ग्राम पंचायत में कोरोना वारियर्स और नारी शक्ति सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शैलेष पाण्डेय और अंकित गौरहा ने बैमा, नंगोई,उर्तुम पौंसरा,परसाही के महिला सरपंच और मितानिन को  कोरोना संक्रमण काल में सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किया। सभी महिला सरपंच और मितानिनों को दोनों नेताओं ने साड़ी, मिठाई  और नारियल भेंट कर योगदान को ना केवल याद किया।बल्कि अपने भावनाओं को भी जाहिर किया।
 
             कार्यक्रम को विधायक शैलेष पाण्डेय, अंकित गौरहा के अलावा प्रदेश सचिव महिला कांग्रेस शिल्पी तिवारी, बैमा सरपंच गायत्री नायक,मितानिन भोज कुमारी पटेल,सचिन धीवर ने संबोधित किया।
      
              इस दौरान नगर विधायक ने अपनी भावनाओं को काफी भावुक होकर जाहिर किया। उन्होने कहा कि कोरोना ने हमसे अपनों को छीन लिया । इसकी पूर्ति संभव नहीं है। इस भीषण त्रासदी को देखकर सच कहूं तो जन्मदिन मनाने का सवाल ही नहीं उठता है। लेकिन यहां आकर कोरोना काल में नारी शक्ति और जान की बाजी लगाने वाले कोरोना वारियर्स का सम्मान कर बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।
 
                  शैलेष ने कहा हमारा प्रदेश और देश कठिन दौर से गुजर रहा है। कोरोना ने ग्रामीण क्षेत्रों को भी नही छोड़ा है। अपनों को अपनों से हमेशा-हमेशा के लिए छीन लिया है। मुझे कहने पर गर्व हो रहा है कि इस दौरान भी मितानीन बहने और सरपंच खासकर महिला सरपंचों ने जिस तरह अपनी भूमिका का निर्वहन किया है। उसे दशकों तक याद किया जाएगा। महामारी में महिला शक्ति ने जैसा काम किया है। उसकी चर्चा आज प्रदेश के कोने कोने में है। खासकर मितानिनों ने ना केवल अपनी जिन्दगी को बल्कि पूरे परिवार को खतरे में रखकर सेवा त्याग और सेवा भावना का परिचय दिया है।  यह जानते हुए भी कि उनके पीछे उनका परिवार भी है। सोचकर मन द्रवित हो जाता है। खुद मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात को संज्ञान में लिया है। 
  
        जिला पंचायत सभापति अंकित गौरहा ने भी  मार्मिक संदेश दिया। उन्होने कहा कि कोरोना काल में मितानिन और महिला सरपंचों ने मां और बहन की भूमिका का निर्वहन किया है। बेहतर काम कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। गौरहा ने बताया कि हमें अपनी माता बहनों पर गर्व है। सीमित संसाधनों में उन्होने वह काम किया…जिसकी केवल कल्पना ही की जा सकती है। 
                  
                 जिला पंचायत सभपति ने बताया कि किसी स्त्री का बेटा और पति होने के साथ..मुझे अच्छी तरह से पता है कि नारी शक्ति की समाज और परिवार में क्या भूमिका होती है। लेकिन कोरोना काल में मितानिनो के सेवा कार्य को देखने के बाद अहसास हुआ कि यदि नारी शक्ति ठान ले तो कठिन से कठिन कार्य को भी साहस के साथ अंजाम तक पहुंचा सकती है।
 
    अंकित ने कहा निश्चित रूप से दिया जा रहा सम्मान..उनके सेवा कार्य के सामने कुछ भी नहीं है। लेकिन हमारी सद्भावनाएं उनके साथ है। शासन प्रशासन भी नारी शक्ति के योगदान को लेकर आज गर्व महसूस कर रहा है। इसकी चर्चा पूरे प्रदेश में है। भूपेश सरकार मितानिनों के हितों को लेकर बहुत ना केवल बहुत गंभीर है। बल्कि हर मोड़ पर उनके साथ खड़ी भी है। अंकित ने दुहराया कि क्षेत्रीय जन प्रतिनिधि होने के नाते वह कल भी मितानिनों के साथ खड़े थे..आने वाले समय में भी सभी मितानिन और महिला सरपंच हमेशा पाएंगे।
 
               कार्यक्रम में नंगोई सरपंच गंगोत्री बुद्धनाथ पैगोर, परसाही सरपंच रुखमणी डोंगरे, शाला विकास समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्र शास्त्री,नूर मोहम्मद,अनिल वर्मा,सत्यशिव तिवारी, जयप्रकाश सिंह,सचिन धिवर,रितेश शर्मा,हितेश धिवर, मितानिन भोज कुमारी पटेल, रागिनी पांडे प्रभा यादव,नवदीप शास्त्री,सकुन खरे विशेष रूप से मौजूद थे।

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