मेरा बिलासपुर

एक जुलाई से लागू होगा नया कानून…जनरल परेड में शामिल हुए कप्तान…बताया क्या है BNS, BNSS और BSA..कराया डेमो

बिलासपुर—पुलिस लाइन मैदान में पुलिस कप्तान ने जनरल परेड का निरीक्षण किया। साथ ही आयोजित पुलिस अधिकारियों की कार्यशाला को संबोधित किया। पुलिस कप्तान ने 1 जुलाई से लागू होने वाले नए कानून की बारीकियों से अवगत कराया। इस दौरान विभिन्न अपराधों को लेकर क्राइम सीन तैयार कर लागू होने वाले नए कानून के तौर तरीको के बारे में बताया गया। कार्यक्रम की रिकार्डिंग भी किया गया। इस दौरान पुलिस कप्तान ने किट, यूनिफार्म के अलावा वाहनों का भी निरीक्षण किया।

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एक जुलाई से नया कामून

पुलिस कप्तान रजनेश सिंह पुलिस लाइन मैदान में आयोजित जनरल परेड का निरीक्षण किया। साथ ही कप्तान परेड में शामिल जवानों के किट,यूनिफार्म और वाहनों का अवलोकन किया  और अनुशासन का पाठ भी पढ़ाया। पुलिस कप्तान ने पुलिस कार्यशाला को भी संबोधित किया। रजनेश सिंह ने बताया कि 1 जुलाई 2024 से नवीन भारतीय कानून भारतीय न्याय संहिता यानी BNS, भारतीय न्याय सुरक्षा मतलब BNSS और भारतीय साक्ष्य अधिनियम BSA का लागू हो जाएगा। प्रावधानों के अनुरूप जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी थाना प्रभारी और विवेचना अधिकारी, कर्मचारियों को नए कानून की रीतियों और नीतियों को समझने की जरूरत है।

नए कानून  की बारीकियों की जानकारी

परेड में जिले के 3 अतिरिक्त पुलिस कप्तानों के अलावा 12 राजपत्रित अधिकारी, 19 निरीक्षक, 14 उपनिरीक्षक 41 सहायक उप निरीक्षक, 44 प्रधान आरक्षक, 146 आरक्षक, 45 महिला आरक्षक, BDS, डॉग स्क्वाड समेत कुल 325 अधिकारी और जवान शामिल हुए। भी को अलग-अलग प्रकरणों साधारण, गंभीर मारपीट, चोरी नकबजनी, लूट, हत्या ,डकैती ,हत्या का प्रयास ,धोखाधड़ी झपटमारी, संगठित अपराध ,आतंकवादी कृत्य,देशद्रोह, आबकारी के मामले ,नशीली पदार्थों पर कार्रवाई रोड एक्सीडेंट, दहेज हत्या, एट्रोसिटी के अलावा अन्य मामलों की विवेचना की जानकारी को साझा किया गया।

नए कानून का नाट्य रूपान्तरण

पुलिस कप्तान ने बताया कि नए कानूनी प्रावधानों के अनुरूप अलग-अलग टीमें बनाई गई थी । प्रत्येक टीम में एक राजपत्रित अधिकारी के साथ एक निरीक्षक और उपनिरीक्षक के अलावा  विवेचक, महिला, पुरुष आरक्षकों को शामिल गया था।  टीमों ने  विभिन्न महत्वपूर्ण अपराधों की विवेचना नए कानूनों के अनुरूप किया अभ्यास के लिए नाट्य रूपांतरण भी किया गया।  क्राइम सीन बनाया गया। प्रार्थी, विवेचक के अलावा अन्य भूमिकाओं में रहकर FIR से लेकर चलानी कार्यवाही का अभ्यास कराया गया है।

इस अभ्यास की विधिवत केस डायरी बनाई जा रही है और वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई, जिससे बाद में वीडियो को देखकर जो समस्याएं आ रही हैं और गलतियां हो रही है उनमें सुधार किया जाएगा, ताकि 1 जुलाई से नए कानून के प्रवर्तन होने पर हमारे पुलिस के जांच कर्ता अधिकारी एवं कर्मचारियों के द्वारा कम से कम गलती हो।

नए कानून में जो E FIR ,Zero FIR , पुलिस रिमांड के नए नियम ,नई परिभाषाएं एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को लेकर जो संशोधन किए गए हैं उनकी जानकारी दी गई। किस प्रकार से जप्ती एवं गिरफ्तारी करना है कैसे पीड़ित का गवाहों का कथन लेना है और उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग करनी है और उसे न्यायालय में किस प्रकार प्रस्तुत करना है इसकी जानकारी देकर अभ्यास कराया गया। साथ ही महिला संबंधी अपराधों की जांच को लेकर जो बदलाव किए गए हैं उसकी जानकारी दी गई।

                   

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