रात..मच्छर से जंग में गुजरी..खिलाड़ियों ने बताया. पंखा चालू होते,ठण्ड ने किया परेशान.वर्जेश स्कूल में रूके बच्चों के बीच खान-पान को लेकर झगड़ा

बिलासपुर—-21 वीं राज्यस्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारम्भ बिलासपुर में हुआ। प्रतियोगिता में शामिल होने प्रदेश के कोने कोने से युवा खिलाड़ी देर रात तक बिलासपुर पहुंचे। सभी खिलाड़ियों को शहर के अलग अलग स्थानों में ठहराया गया है। लेकिन हमेशा की तरह सभी खिलाड़ियों को एक बार फिर अव्यवस्था का शिकार होना पड़ा है। मेजमान बिलासपुर जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों की माने तो व्यवस्था में जो भी निर्देश थे..उसका पालन किया गया है। यदि व्यवस्था में कहीं कोई कमी है…तो इसके लिए हम कहीं भी जिम्मेदार नहीं है।

                चार दिवसीय 21 वीं राज्यस्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारम्भ बिलासपुर में हुआ। प्रदेश को चार जोन में बांटकर खिलाड़ियों को अलग अलगों स्थानों मेें ठहराया गया। सभी खिलाड़ियों को इस व्यवस्था के साथ सरकन्डा, तिलकनगर, जरहाभाठा और वर्जेश स्कूल में रखा गया कि उन्हें पिछली बार की तरह अव्यवस्था का सामना नहीं करना पड़ेगा। लेकिन ऐसा कुछ नया नहीं दिखाई दिया कि कह सकें खिलाडियों को मिलने वाली सुविधा पिछली बार से बेहतर है। यद्यपि जिला शिक्षा विभाग की माने तो मेजमान को व्यवस्था के लिए जो भी निर्देश दिए गए..उसे पूरा किया गया है।

                  सरकन्डा उच्चत्तर माध्यमिक विधायक में दुर्ग जोन के खिलाड़ियों ने बताया कि 18 की शाम को हम लोग आए। यहां व्यवस्था के नाम पर केवल और केवल टेन्ट का गद्दा दिया गया है। तकिया और चादर हम लोगों को नहीं दिया गया है। हम लोग घर से कम्बल लाए हैं। लेकिन रात बहुत आंखों में गुजरी है। फिर भी हम पूरे दम खम से अपने संभाग के लिए प्रदर्शन करेंगे। जीत भी हासिल करेंगे। 

                      युवा खिलाड़ियों ने बताया कि यहां मच्छर बहुत हैं। हम लोगों की रात बहुत पीड़ा में गुजरी है। मास्किटो क्वायल भी नहीं दिया गया। ठण्ड में पंखा चलाने का सवाल ही नहीं उठता है। फिर भी हमने पंखा चलाया…फिर ठण्ड में रात काटना मुश्किल हो गया है।

 वर्जेश स्कूल में खाना के लिए मारपीट 

             दोपहर में खाना को लेकर युवा खिलाड़ियों और केटरर्स  के बीच में खाने को लेकर मारपीट हुई। खबर के अनुसार खिलाड़ी दोपहर को जब मैदान से भूखे अपने स्थान पर पहुंचे तो उन्हें खाना कम पड़ गया। इसी बात को लेकर व्यवस्थापक और खिलाड़ियों में झगड़ा हो गया। स्थिति मारपीट तक पहुंच गयी। खाना की व्यवस्था के बाद खिलाड़ियों का आक्रोश शांत हुआ है। 

 हमारी व्यवस्था में खाना और कंबल नहीं

              शिक्षा विभाग के मेजमान अधिकारी पी.दासरथी ने बताया कि कोरोना काल को ध्यान में रखकर कुछ गाइडलाइन है। हमने गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन किया है। खिलाड़ियों के लिए हमें केवल गद्दा की व्यवस्था करना था। हमने किया है। व्यवस्था में चादर और तकिया शामिल नहीं है। दासरथी ने बताया कि सभी जोन के जीएम और स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि तकिया,चादर और कम्बल की व्यवस्था उन्हें ही करना है। मतलब घर से लाना है। खान पीन के लिए भी निर्देश है….। कोरोना को देखते हुए टीम को खाना खजाना की व्यवस्था का भी निर्देश दिया गया है। प्रत्येक जोन टीम के साथ खानसामा भी शामिल है। वर्जेश में खाने को लेकर लड़ाई-झगड़ा की जानकारी उन्हें नहीं है। यदि खाना में कमी की शिकायत आयी है..भी तो यह संभाग की टीम की जिम्मेदारी है।

               पी.दासरथी ने यह भी बताया कि कोरोना को देखते हुए ही इस प्रकार का निर्देश दिया गया है।  

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