पुलिस कप्तान ने किया स्काई अस्पताल प्रकरण का खुलासा..बताया..मरीज बनकर पांचो आरोपियों को किया गया गिरफ्तार..आनलाइन किया पत्रकारों के सामने पेश..आईजी ने किया ईनाम का एलान

बिलासपुर— स्काई अस्पताल के डायरेक्टर प्रदीप कुमार अग्रवाल का अपहरण  करने वाले सभी पांचों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बिलासागुड़ी में वर्चुअल खुलासा करते हुए पुलिस कप्तान दीपक कुमार झा ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम पर आईजी रतनलाल डांगी ने बतौर ईनाम तीस हजार रूपए का एलान किया है। अब इन्द्रधनुष सम्मान के लिए डीजीपी से सिफारिश करेंगे। 
 
               संभाग स्तर पर पहली बार वर्चुअल पत्रकार वार्ता कर पुलिस कप्तान ने मुरादाबाद में पकड़े गए अपहरण के आरोपियों से रूबरू करवाया। पुलिस कप्तान दीपक कुमार झा ने खुलासा किया कि उत्तर प्रदेश में लगातार छापामार कार्रवाई के बाद सभी पांचो अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
 
           सवाल जवाब के दौरान पुलिस कप्तान दीपक कुमार झा ने बताया कि स्काई हॉस्पिटल सरकंडा के डायरेक्टर  प्रदीप अग्रवाल पिता प्रमोद अग्रवाल निवासी सूर्या विहार  का 19 सितंबर 21 की शाम करीब 4-5 बजे अपनी कार से बिना बताए कहीं चले गए। मामले की जानकारी सरकन्डा थाना पहुंचकर हॉस्पिटल का मैनेजर राकेश गर्ग ने की। पुलिस ने तत्काल गुमशुदा में दर्ज किया।
 
             रात्रि करीब 7 बजे अज्ञात व्यक्ति ने डायरेक्टर प्रदीप अग्रवाल के कार आया और अस्पताल स्टाफ से चेक बुक मांग कर ले गया। लेकिन प्रदीप अग्रवाल वापस नहीं आया। उसका मोबाइल भी बन्द मिला।
 
                मामले की जानकारी थाना प्रभारी परिवेश तिवारी ने दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उमेश कश्यप ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  निमेष बरैया को आरोपियों की धरपकड़ का निर्देश दिया गया। साथ ही टीम बनाकर साइबर सेल की मदद से आरोपियों की पतासाजी को कहा गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल थाना प्रभारी को साथ लेकर घटनास्थल का मुआयना किया।
 
                    थाना सरकंडा और साइबर सेल के अधिकारियों की टीम ने तलाश के दौरान कई सबूत हाथ लगे। टीम ने अस्पताल के आसपास लगे 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरो और फुटेज को का बारीकी से खंगाला।
 
                        अस्पताल के 30 अधिकारी कर्मचारियों से बारीकी से पूछताछ भी हुई। गुम इंसान के व्यवसाय से संबंधित पूर्व लेनदेन संबंधी विवाद की जानकारी हासिल की गई। जानकारी मिली कि पूर्व में अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर शैलेंद्र मसीह,डॉक्टर मोहम्मद आरिफ और टेक्नीशियन फिरोज खान का प्रदीप अग्रवाल के साथ पैसों की लेनदेन को लेकर विवाद हुआ है। 
 
                 दीपक कुमार झा ने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान जानकारी मिली कि  मोहम्मद आरिफ और फिरोज खान मूल रूप से मुरादाबाद उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं। खबर पुख्ता होते ही तत्काल एक टीम को संभावित स्थल मुरादाबाद उत्तर प्रदेश रवाना किया गया। मुरादाबाद में आरोपियों के संभावित ठिकानों पर  दबिश देकर  सभी पांचों आरोपी डॉ. शैलेंद्र मशीह , डॉ. मोहम्मद आरिफ, फिरोज, रिजवान और एक अन्य ड्राइवर आरिफ को गिरफ्तार किया गया। पांचो आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड में लेकर विधिवत बिलासपुर लाया जा रहा है।
 
                          पुलिस कप्तान ने सवाल के जवाब में बताया कि 500 सीसीटीवी कैमरा को बिलासपुर पुलिस ने खंगाला। फुटेज को बारीक से अवलोकन करते हुए एक एक कड़ी को जोड़ा गया। इस दौरान छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश  समेत उत्तरप्रदेश के रास्तो के सीसीटीवी कैमरा का अवलोकन किया। देखते ही देखते पुलिस आरोपियों के गिरेबान तक पहुंच गयी।
 
      एक सवाल के जवाब में पुलिस कप्तान ने बताया कि आरोपियों ने प्रदीप अग्रवाल से ब्लैन्क पेपर पर हस्ताक्षर भी करवाया था। उसे बरामद किया गया है। साथ ही एक करोड़ से अधिक चेक भी आरोपियों के पास से जब्त किया गया है।
 
.                वर्चुअल पत्रकार वार्ता के दौरान पुलिस कप्तान के निर्देश पर मुराबाद से पुलिस टीम के वरिष्ठ सदस्य धर्मेन्द्र वैष्णव ने एक आरोपियों को आनलाइन पत्रकारों से रूबरू कराया। पुलिस कप्तान ने कहा कि जल्द ही कलेक्टर को दिए गए पत्र के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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