काम आया किसानों का दबाव..हरकत में मस्तूरी पुलिस…धीरेन्द्र ने बताया..उपस्थित नहीं होने पर कम्पनी मालिक जालान को किया जाएगा गिरफ्तार

बिलासपुर—मस्तूरी पुलिस ने जमीन अफरा तफरी और नियम विरूद्ध किसानों की जमीन हड़पने के आरोप में वसुंधरा स्टील प्लान्ट मालिक को तलब किया है। भारतीय किसान संघ जिलाध्यक्ष धीरेन्द्र दुबे ने बताया कि किसानों के लगातार दबाव के बाद शासन प्रशासन ने किसानों को भी बयान दर्ज करने बुलाया है। उम्मीद है कि किसानों को न्याय मिलेगा। जमीन की वापसी भी होगी।
            धीरेन्द्र दुबे ने बताया कि मस्तूरी विकासखंड के  ग्राम पाराघाट ,भनेशर ,बेलटुकरी के किसानों की जमीन वसुंधरा स्टील एंड पावर लिमिटेड कंपनी ने उद्योग स्थापित करने सस्ते दर पर जमीन खरीदा। बाद में उद्योग स्थापित नही करते हुए जमीन को महंगे दाम पर दूसरे प्लान्ट को बेच दिया। जानकारी के बाद किसानों ने लगातार प्रदर्शन किया। अब कहीं जाकर शासन प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है।
              धीरेन्द्र ने बताया कि वसुन्धरा पॉवर प्लान्ट के लिए डायरेक्टर ने किसानों की जमीन को सस्ते दर पर खरीदा। मामले में 5 मार्च 2010 को सुनवाई हुई। 139 से अधिक किसानों ने जनसुनवाई में हिस्सा लिया। बताया गया कि पाराघाट में वसुंधरा स्टील प्लांट एवम् पावर प्लांट डाला जाएगा। दो किसानों को छोड़कर सभी ने उद्योग स्थापना का समर्थन किया। कम्पनी डायरेक्टर सुशील कुमार जालान ने किसानों को आश्वासन दिया कि  राज्य ओद्योगिक नीति के अनुसार मुआवजा ,स्थापन ,पुनर्वास और प्रत्येक परिवार के सदस्य को नौकरी दिया जाएगा। 
                  लेकिन कंपनी प्रबंधक ने राज्य शासन और किसानों को धोखे में रखकर सस्ते दर पर खरीदी गयी जमीन को ऊँचे दाम पर गोपनीय तरीके से राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड कंपनी को रातो रात बेच दिया गया। जमीन की रजिस्ट्री भी हो गयी। किसानों से खरीदी गयी  जमीन को बेचने से पहले ना तो इश्तहार दिया गया और ना ही मुनादी ही हुई।
                   किसान नेता ने बताया कि वसुंधरा कंपनी ने किसानों की जमीन को रजिस्ट्री के समय  कृषि कार्य का प्रयोजन बताया है। उद्योग के लिए खरीदी गयी जमीन की गलत जानकारी देना आपराधिक श्रेणी में आता है। जिसका उलंघन क्रेता और विक्रेता दोनों ही कंपनियों ने किया है। ऐसा किया जाना दंडनीय अपराध है। जानकारी के बाद भारतीय किसान संघ ने किसानों के साथ नामांतरण पर रोक लगाने मस्तूरी तहसील पहुंचकर आपत्ति किया। शिकायत के बाद नामांतरण पर रोक लगाया गया। 
            भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष धीरेन्द्र दुबे ने  बताया कि मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को पत्र भी लिखा गया। पत्र के माध्यम से वसुंधरा कंपनी के मालिक सुशील कुमार जालान पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाने का निवेदन किया।  अब मतूरी थाना प्रभारी ने किसानों को बयान दर्ज करने को बुलाया है। 
                    किसानों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर कंपनी मालिक पर दंडात्मक कार्यवाही कर जमीन वापसी का सामूहिक बनाया है। नामांतरण पर रोक लगने के बाद भी निर्माण कार्य को लेकर विरोध जाहिर किया है। मस्तूरी पुलिस ने बताया कि कंपनी मालिक को दिल्ली से बुलाकर बयान लिया जाएगा। नही आने की सूरत में गिफ्तारी वारंट जारी कर अपराध पंजीबद्ध किया जाएगा । 

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