मेरा बिलासपुर

ठण्ड की मार से युवक की मौत…रैन बसेरा बनाने में नगर पालिका नाकाम…गश्ती टीम को भी नज़र नहीं आयी लाश

बिलासपुर–(उस्मान खान)—पिछली रात रतनपुर स्थित नेशनल हाइवे के पास ठंड की मार से युवक ने दम तोड़ दिया। मौत के बाद एक बार फिर रैन बसेरा नहीं बनाए जाने को लेकर रतनपुर के लोगों में आक्रोश है। बताया जा रहा है कि युवक बीमार था। पिछले कुछ दिनों से खुले आससान के नीचे रात गुजार रहा था। बीती रात ठण्ड की चपेट में आने से दम तोड दिया।
 
               खुले आसमान के नीचे ठण्ड की मार से युवक ने दम तोड़ दिया। युवक की मौत के बाद एक बार फिर लोगों में बहस छिड़ गयी है कि आखिर रतनपुर में रैन बसेरा कब मिलेगा। जानकारी के अनुसार  शासन ने रतनपुर में रैन बसेला के लिए नगर पालिका परिषद  को राशि आवंटित किया था। लेकिन रैन बसेरा का काम शुरू नहीं होने पर राशि सरकार के खाते में चली गयी। घटना के बाद लोगों में रैन बसेरा की मांग होने लगी है। 
 
                 जानकारी देते चलें कि बीती रात बिलासपुर – रतनपुर मार्ग स्थित सिद्धी विनायक मंदिर के सामने खुले आसमान के नीचे ठण्ड की चपेट में आने से युवक की मौत हो गयी। जानकारी के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया है। लोगों ने बताया कि युवक बीमार था..उसके पैर में गंभीर चोट भी है। सुबह सिद्धी विनायक मंदिर के सामने खुले आसमान के नीचे संदिग्ध रुप से लेटा पाया गया। शरीर में कोई हरकत नहीं पाए जाने के बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गयी।
 
               लोगों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि युवक जांजगीर चांपा जिले के ग्राम किकिरदा का रहने वाला है। युवक का नाम अनिल ठाकुर है। जानकारी के बाद युवक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। साथ ही वस्तुस्थिति से भी परिचय कराया। 
 
 सुबह सूचना..दोपहर को पहुंची पुलिस
 
             लोगों ने बताया कि सुबह मौत की खबर के बाद भी पुलिस दोपहर को पहुंची। इस दौरान युवक लाश खुले आसमान के नीच पड़ी रही। कुछ लोगों ने दरियादिली दिखाते हुए लाश पर कफन डाला। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
 
नहीं बना रैन बसेरा
 
           लोगों ने बताया कि करीब पांच साल पहले शहर में रैन बसेरा बनाने के लिए शासन ने लाखों रुपए स्वीकृत किया। नगरपालिका परिषद प्रशासन की उदासीनता के चलते आज तक रैन बसेरा का निर्माण नहीं किया गया। जिसके चलते दूर दराज क्षेत्र ेस अस्पताल पहुंचने वाले मरीज और उनके परिजनों को खुलेआसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ती है। यदि रैन बसेरा बन गया होता तो अनिल ठाकुर की ठण्ड से मौत नहीं होती।
 
गस्ती पुलिस को भी नजर नहीं आया युवक
 
 शहर की सुरक्षा व्यवस्था पुलिस के हाथ में है। समय समय पर पुलिस भी दावा करती है कि सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम है। शहर की एक एक गतिविधियों की उन्हे जानकारी भी है। रात्रिकालीन गश्ती टीम नगर का भ्रमण करती है। लेकिन गश्ती टीम को हाइवे से लगे मंदिर के सामने खुले आसमान के नीचे लाश दिखाई नहीं देती है।

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