सरकारी जमीन बेचने वालों पर गिरेगी गाज..एसडीएम ने दिया जांच का आदेश ..रसूखदार और सफेदपोश होंगे बेनकाब

बिलासपुर—-लिंगियाडीह पटवारी हल्का 31 में अपोलो से लगी सरकारी जमीन को बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। राजस्व अनुविभागीय अधिकारी ने मामले में शिकायत के बाद जड़ से जांच का आदेश दिया है। जांच के बिन्दु भी निर्धारित कर दिए गए हैं। एसडीएम के आदेश पर जांच के लिए 6 सदस्यीय जांच टीम का गठन भी कर दिया गया है। टीम को दस दिनों के अन्दर रिपोर्ट पेश करना होगा। 

बाहर आया बोतल से विवाद का जिन्न

                      अपोलो अस्पताल से लगी सरकारी जमीन में निजी जमीन खसरा नम्बर 67 के दो अलग अलग टुकड़ों को बैठाने की शिकायत के बाद कलेक्टर के निर्देश पर नाप जोख का आदेश एसडीएम ने दिया है। बताते चलें कि जमीन को लेकर लम्बे समय तक विवाद भी चला है। मामला कोर्ट और लोकायुक्त तक पहुंचा । बाद में किन्ही कारणों से मामले को दबा दिया गया। एक बार फिर शिकायत के विवाद का जिन्न बोतल से बाहर आया है। मा्मले की जांच राजस्व की टीम करेगी।

राजस्व के पुराने और कोर्ट के दस्तावेजों को खंगाला जाएगा 

                               एसडीएम के आदेश पर जांच टीम ने निर्धारित बिन्दुओं पर जांच करेगी। जांच के लिए स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि अपोलो परिसर स्थित खसरा नम्बर 67 की दो अलग अलग नाम से तीन एकड़ जमीन की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाए। जांच के समय संबधित मामले में व्याहार न्यायालय में संस्थित मूल दावा प्रस्तुत दस्तावेज की छानबीन करते हुए व्यवहार न्यायालय के जांच प्रतिवेदन और आदेश के अलावा वाद भूमि के संबध  में पूर्व में किए गए क्रमिक विक्रय पत्रों को भी खंगाला जाए।बताते चलें कि 67 का एक टुकड़ा दो टुकड़ा और दूसरा टुकड़ा एक एकड़ है। दोनों टुक़ड़ों की जमीन को सफेदपोश और रसूखदारों ने सरकारी जमीन पर बैठाकर बेच दिया है।

          जांच टीम इस दौहान सभी दस्तावेजों को एकत्रित कर जमीन की चौहद्दी और सीमांकन प्रतिवेदन के आधार को देखेगी । इस दौरान जांच टीम चालू नक्शा सीट और मिसल नक्शा का मिलान करेगी। टीम को मौका और अभिलेख के सम्बन्ध में दस दिनों के अन्दर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। 

सरकारी जमीन बेचने वासों में रसूखदार शामिल

                जानकारी देते चलें कि मामला व्यवहार न्यायालय के अलावा लोकायुक्त में भी बहुत दिनों तक चला था। बताते चलें कि विवाद में शहर के रसूखदारों के अलावा. दो एक सफेदपोश भी हैं। सफेदपोश इन दिनों बहुत ऊंचे पद पर काबिज हैं। देखने वाली बात होगी कि जांच टीम इन रसूखदारों के रहते कितनी पारदर्शिता के साथ जांच रिपोर्ट तैयार करती है।

               

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