पुलिस की वर्दी में आए ठग, 21 लाख ठगकर हुए रफूचक्कर

यदि आप पुलिस (Rajasthan Police) को देखते ही डर जाते हैं. टेंशन में आ जाते हैं तो ऐसा मत करिए. आपकी इसी कमजोरी का ठग (thag) फायदा उठा लेंगे. पुलिस की वर्दी (police uniform) में दो ठग आए और 21 लाख रुपए ठगकर रफूचक्कर हो गए. झुंझुनूं के सूरजगढ़ में नकली पुलिस और नकली वर्दी में ठग घूम रहे है. बीते तीन दिन में उन्होंने दो लोगों को बेवकूफ बनाकर उनके साथ रुपए की ठगी कर ली है. पहला मामला एक लाख 80 हजार का था. इसलिए पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया. इसके तीसरे ही दिन आज बदमाशों ने 21 लाख रुपए की बड़ी राशि की ठगी कर ली. 

जानकारी के मुताबिक भीलवाड़ा इतड़िया गांव का रहने वाला राजेंद्र नायक पुष्कर में रेस्टारेंट चलाता है. जिसके रेस्टारेंट पर हरियाणा का कथित राकेश कई बार आया. जिसके बाद राजेंद्र और राकेश बीच जान-पहचान हो गई. राकेश ने राजेंद्र को बड़ा इन्वेस्टमेंट करने का झांसा देते हुए कहा कि उनके यहां हरियाणा में थ्रेसर मशीनें काफी सस्ती मिलती हैं. जिससके बाद राजेंद्र उसके झांसे में आ गया और आज अपने मामा जयसिंह के साथ 21 लाख रूपए लेकर सूरजगढ़ के रघुनाथपुरा टोल बूथ के पास पहुंचा. जहां पर कथित राकेश अपने साथी के साथ उससे मिला और पैदल ही घर जाने की बोलकर सूरजगढ़ गौशाला बीड़ की ओर ले गया. 

राकेश ने राजेंद्र के पास से रुपयों का बैग अपने साथी को दिलवा दिया. बहाना मारकर राकेश भी मौके से गायब हो गया. इतने में ही पुलिस की वर्दी में चार युवक और राकेश के साथी को वांटेड बताते हुए अपने साथ ले गए. साथ ही बैग में रूपए देखकर बोले कि इसकी भी जांच करेंगे. इतने पैसे कहां से आए? इस अचानक हुई घटना से राजेंद्र और उसका मामा जयसिंह भी डर गए, लेकिन बाद में उन्हें गौशाला के बीड़ में केवल मामा-भांजा ही बचे. जिसके बाद उन्हें भी लगा कि उनके साथ ठगी हो गई. वे सूरजगढ़ थाने पहुंचकर आपबीती बताई. इसके बाद चिड़ावा सीआई अनिल कुमार तथा सूरजगढ़ एसएचओ मुकेश कुमार समेत पुलिस सक्रिय हुई और नाकाबंदी करवाई, लेकिन अभी तक पुलिस को खास सफलता हा​थ नहीं लगी.

दो-तीन दिन लगातार गया था खाना खाने
पीड़ित राजेंद्र ने बताया कि करीब तीन महीने पहले राकेश नाम का व्यक्ति दो-तीन दिन तक लगातार उसके रेस्टारेंट पर खाना खाने आया था. तभी उसकी जान पहचान हो गई. कई बार इसके बाद फोन पर भी बातचीत की गई. उसने ही 40 लाख रुपए इन्वेस्टमेंट का प्लान बताया, लेकिन उसने इतना पैसा होने से मना किया तो 21 लाख में थ्रेशर मशीनें दिलवाने की बात कही. इन पैसों में 11 लाख खुद राजेंद्र के है. वहीं 10 लाख रुपए उसके मामा के हैं. 

पूरी फिल्म पहले से थी तैयार
पीड़ित राजेंद्र ने बताया कि सबसे पहले जब वे टोल पर पहुंचे तो वह अपने साथ पैदल ही ले गया. इसके बाद एक गाड़ी आई तो राजेंद्र और उसका मामा तथा राकेश उस गाड़ी में बैठ गए. इसके बाद राकेश किसी से मिलने की बात कहकर खुद चला गया. राकेश का साथी और राजेंद्र अकेले थे. इसी दरमियान कथित पुलिस आई और राकेश के साथी को बैग के साथ ले गई.

पुलिस ने नहीं लिया गंभीर, तो हुई दूसरी वारदात
बताया जा रहा है कि दो-तीन दिन पहले भी कच्छ गुजरात के श्रीकेश जनक से भी इसी तरह की वारदात हुई. श्रीकेश जनक की जयपुर में किसी से मुलाकात हुई. जिसे हरियाणा से सस्ती गाड़ी दिलाने के नाम पर एक युवक अपने साथ बस में बैठाकर इलाके में ले आया. इसके बाद इसी युवक ने अपनी गाड़ी में सूरजगढ़ के आस-पास बैठाया. जहां पर नकली नोट होने का डर फर्जी पुलिसकर्मियों ने दिखाया और उसके एक लाख 80 हजार लेकर चंपत हो गए. इस मामले में पुलिस ने बदमाशों को काफी तलाश किया, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा. पुलिस ने भी मामले को गंभीर नहीं लिया. लेकिन शुक्रवार को बदमाशों ने उसी स्टाइल में दूसरी वारदात कर डाली.

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