SECL के सहयोग से बनेगा शहर में दो इलेक्ट्रिक शवदाह गृह..मेयर ने बताया..लोगों की परेशानियां होंगी कम..अस्थियों को लाकर में रखा जाएगा

बिलासपुर– एसईसीएल ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मांग पर शहर में विद्युत शवदाह गृह के लिए सीएसआर  मद से राशि स्वीकृत किया है। 149.71 लाख रूपये की लागत से विद्युत शवदाह गृह शहर के सरकण्डा और भारतीय नगर स्थित  मुक्तिधाम में स्थापित किया जाएगा।

             प्रबंधन ने बताया कि एसईसीएल से वीकृत राशि से  इलेक्ट्रिक क्रिमेटोरियम सिस्टम के साथ प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम, अवशेष निष्कासन सिस्टम, विद्युत यंत्रों की स्थापना होगी। यंत्रों यानि ट्रान्सफार्मर, पोल आदि की व्यवस्था और जुड़े सिविल कार्य पाँच वर्षों के लिए अनुरक्षण एसईसीएल करेगा।

          जानकारी हो कि हाल फिलहाल पर्यावरण हितैषी तकनीक के रूप में विद्युत शवदाह गृहों का चलन बढ़ा । खासकर कोविड संक्रमण काल में विद्युत शवदाह गृह लगने से आम जनता को होने वाली कई प्रकार की आने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।

 
बानया जाएगा अस्थियों का लाकर..बाद में सौपेंगे
 
               महापौर रामशरण यादव ने बताया कि एसईसीएल से मिली राशि से स्थापित होने वाले शवदाह गृह में इलेक्ट्रिक क्रिमेटोरियम सिस्टम के साथ प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम , अवशेष निष्कासन सिस्टम , विद्युतयंत्रों जैसे ट्रान्सफार्मर , पोल आदि की व्यवस्था होगी। इसमें सिविल कार्य और पांच वर्षों के लिए संचालन और संरक्षण का कार्य भी शामिल है ।
 
                              मेयर रामशरण यादव ने बताया कि अभी कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले लोगों का सुरक्षित दाह संस्कार किया जा रहा है। लेकिन अब मुक्तिधाम में शव जलाने के लिए जगह की कमी हो रही है। ऐसे में विद्युत शवदाह गृह बनने से समस्या का निवारण होगा। वर्तमान में सुरक्षा के लिहाज से अस्थियां तक परिजनों को नहीं सौंपा जा रहा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए दोनो मुक्तिधामों में अस्थि लॉकर की व्यवस्था की जाएगी। जिसमें कोरोना प्रभावित मृतकों की अस्थियां रखी जाएंगी। बाद में उनके परिजनों को सौंपा जाएगा। विद्युत शवदाह गृह के शुरू होने से लकड़ी की भी आवश्यकता नहीं होगी । पेड़ो की कटाई में अंशिक विराम आएगा। निश्चित रूप से पर्यावरण भी बेहतर रहेगा।

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