कन्हैयालाल हत्याकांड में चितौड़गढ़ से 3 और आरोपी गिरफ्तार, बैकअप प्लान में थे शामिल

दिल्ली।Udaipur Murder Case Update: कन्हैलाल हत्याकांड में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. पुलिस ने राजस्थान के चितौड़गढ़ से 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. उदयपुर के टेलर कन्हैयालाल हत्याकांड (Udaipur Kanhaiya Lal Murder) की जांच कर रही NIA ने इस मामले में नया खुलासा किया है. NIA की पूछताछ में सामने आया कि इस हत्याकांड में मोहम्मद गौस और रियाज के अलावा कुल पांच लोग शामिल थे. टेलर कन्हैयाला की हत्या को पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया था. वहीं वारदात के दौरान किसी गड़बड़ी से बचने के लिए एक बैकअप प्लान भी बनाया गया था, जिसमें तीन लोग शामिल थे. 

कन्हैयालाल हत्याकांड की जांच कर रही NIA ने इस हत्याकांड के मुख्य आरोपियों मोहम्मद गौस और रियाज के दो साथियों मोसिन और आसिफ को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की. इन दोनों ने NIA की टीम को बताया कि हत्या के बाद मोहम्मद गौस और रियाज को एक सेफ पैसेज देने के लिए बैकअप प्लान भी तैयार था. इस बैकअप प्लान में तीन लोग शामिल थे. प्लान के मुताबिक, मोसिन और उसका साथी आसिफ कन्हैयालाल की दुकान से थोड़ी दूरी पर खड़े थे. वहीं उनका एक अन्य साथी स्कूटी पर नजदीक मौजूद था.

ये थी प्लानिंग

मोसिन और आसिफ ने जांच टीम को बताया कि इनकी प्लानिंग थी कि, अगर कन्हैयालाल की हत्या के बाद किसी वजह से गौस और रियाज पकड़े जाते हैं तो उनको वहां से निकालने का काम इन तीनों का था. इनके पास भी खंजर थे और ये भीड़ पर हमला कर के उनको बचा लेते. 

कन्हैयाला की हत्या में शामिल हत्यारों मोहम्मद गौस और रियाज को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. वहीं इस मामले की जांच कर रही NIA की टीम ने उनके दो साथियों मोसिन और आसिफ को भी गिरफ्तार कर लिया है. इन दोनों को आज जयपुर की NIA की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा. 

टेलर कन्हैयालाल की 28 जून को उनकी दुकान में घुसकर मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने धारदार हथियार से गला रेतकर उनकी हत्या कर दी थी. हत्यारों ने कन्हैयालाल की हत्या का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया था. उन्होंने वीडियो के साथ एक संदेश भी जारी किया जिसमें वो कहते दिखाई दिए कि उन्होंने इस्लाम का अपमान का बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया है. हांलाकि, राजस्थान पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था. मामले की जां NIA कर रहा है, जिसमें राजस्थान पुलिस का आतंकवाद रोधी दस्ता जांच में उनकी मदद कर रहा है.

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