लखीमपुर कांड: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का बेटा गिरफ्तार

लखीमपुर खीरी-उत्तर प्रदेश में लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में पिछले रविवार को हुयी हिंसा में आठ लोगों की मौत के मामले में पुलिस की अपराध शाखा ने केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्र उर्फ मोनू को लगभग 12 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया।पुलिस उप महानिरीक्षक उपेन्द्र अग्रवाल ने देर रात पत्रकारों को बताया कि आशीष पुलिस से पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा है और कई सवालों का जवाब नहीं दे रहा हैं। लिहाजा उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उसका मेडिकल कराने के बाद न्यायालय में पेश किया जायेगा और न्यायालय से पूछताछ के लिये पुलिस रिमांड में लेने की अपील की जायेगी।

आशीष शनिवार सुबह 1038 बजे क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के सामने पेश हुआ था। वह स्कूटी से पुलिस लाइन पहुंचा और मीडियाकर्मियों को चकमा देते हुये पिछले गेट से प्रवेश कर गया। एसआईटी की टीम ने सुबह 11 बजे उससे पूछताछ शुरू कर दी। लगभग 12 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद डीआईजी ने रात करीब पौने 11 बजे बाहर निकल कर पत्रकारों को आशीष की गिरफ्तारी की औपचारिक घोषणा की।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि आशीष साथ लाये साक्ष्यों में यह साफ नहीं कर सका कि वह घटना के समय कहां था। साथ लाये वीडियो में तिकुनिया में घटी हिंसक घटना के समय दंगल में होने की पुष्टि नहीं हो सकी है। आशीष की सफाई और साक्ष्यों से अधिकारी संतुष्ट नहीं हुये जिसके बाद उसे आईपीसी की धारा 302 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। उसका मेडिकल कराया जा रहा है जिसके बाद संभवत: रविवार सुबह उसे अदालत में पेश कर रिमांड में लेने की अपील की जायेगी। इस बीच जिले में एहतियात के तौर पर पुलिस की चौकसी बढ़ा दी गयी है।

सूत्रों ने बताया कि एसआईटी ने आरोपी के सामने 40 सवालो की सूची रखी थी। पूछताछ की वीडियो रिकार्डिंग भी की गयी। आरोपी दस लोगों का हलफनामा लेकर आया था जिन्होने स्वीकार किया था कि घटना के समय आरोपी दंगल में मौजूद था। इसके अलावा वह वीडियो की पेन ड्राइव साक्ष्य के तौर पर साथ लेकर आया था। पूछताछ के दौरान आशीष से एक लिखित बयान उसके वकील की उपस्थिति में लिया गया। आशीष के वकील अवधेश कुमार ने कहा कि उनका मुवक्किल नोटिस का सम्मान करता है और जांच में हर प्रकार से सहयोग देने को तैयार है। पूछताछ के दौरान डीआईजी और एसपी रैंक के अधिकारी मौजूद रहे।

इस बीच शुक्रवार रात लखनऊ पुलिस ने छापा मार कर आशीष के दोस्त अंकित दास के घर से एसयूवी बरामद की जो घटना के दिन वहां मौजूद थी। हालांकि अंकित पुलिस के हाथ नहीं लगा लेकिन पुलिस ने उसके चालक को हिरासत में ले लिया। अंकित दिवंगत बसपा सांसद अखिलेश दास का भतीजा है। इस मामले में पुलिस ने आशीष के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 120बी, 304ए 147,148,149 ,279 और 338 के तहत मामला दर्ज किया है।

गौरतलब है कि केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी ने अपने पुत्र को बेगुनाह बताते हुये दावा किया था। आशीष के नेपाल भागने की खबरो पर विराम लगाते हुये उन्होने कहा था कि वह घर पर है और जांच में पूरा सहयोग देने को तैयार है। इस बीच क्राइम ब्रांच में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री के आवास पर दो बार नोटिस चस्पा कर आशीष को पुलिस लाइन में हाजिर होने के निर्देश दिये थे। पहली नोटिस के अनुसार उसे शुक्रवार को हाजिर होना था मगर वह नही आया जिसके बाद शुक्रवार को एक और नोटिस चस्पा कर उसे आज 11 बजे हाजिर होने को कहा गया था।

प्रेस वार्ता में योगेंद्र यादव ने कहा कि “लखीमपुर खीरी में हुई घटना किसानों के लिए जलियांवाला बाग़ की घटना के समान है.” एक और किसान नेता ने कहा कि “लखीमपुर खीरी की घटना को अलग कर के नहीं देखा जा सकता. इससे पहले करनाल में किसानों पर लाठियां चलाई गई थीं. उसके बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने लठैत तैयार करने की बात की थी. सरकार पूरी तरह किसान आंदोलन को ख़त्म करने की विफल रही है और अब उसने किसानों को कुचलना शुरू कर दिया है.”

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