मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना,निरीक्षण के दौरान लापरवाही बरतने वाले अधिकारी कर्मचारी पर होगी सख्त कार्यवाही

जशपुरनगर-कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि दूरस्थ अंचल के लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना बेहद जरूरी है। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना के माध्यम से भी दूर-दराज के गांव तक ईलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। उन्होंने महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त रूप से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मितानिन के माध्यम से गर्भवती माताओं और नन्हें बच्चों को भी चिन्हांकित करके स्वास्थ्य केन्द्र तक लाने और उन्हें टीकाकरण करने, गर्भवती महिलाओं का एएनसी जांच, के साथ अन्य दवाई भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। बैठक में वनमण्डलाधिकारी श्री कृष्ण जाधव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री के.एस.मण्डावी, अपर कलेक्टर श्री आई.एल.ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री पी.सुथार, सभी विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी, डीपीएम, सिविल सर्जन उपस्थित थे।

उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से  केन्द्रों में वाहन की सुविधा, कम्प्यूटर ऑपरेटर, नेट की सुविधा के साथ अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। जिले में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, उपस्वास्थ्य केन्द्रों में अधोसंरचना की आवश्यकता, स्वास्थ्य केन्द्रों की आवश्यकता, स्वीकृत निर्माण कार्याें की जानकारी ली गई। डीपीएम ने बताया कि जिले में 8 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र है। एक जिला अस्पताल और 35 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र संचालित किए जा रहे है। ग्राम केरसई में उपस्वास्थ्य केन्द्र के लिए स्वीकृति मिल गई है। कलेक्टर ने जिन स्वास्थ्य केन्द्रों में पेयजल की व्यवस्था नहीं है वहां जल जीवन मिशन के तहत टेपनल के माध्यम से पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कहा है।

समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने महिलाओं के संस्थागत प्रसव की धीमी प्रगति और एएनसी जांच के आंकड़े में कमी पाए जाने के कारण नाराजगी जाहिर करते हुए मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से सर्वे करके स्वास्थ्य केन्द्रों तक गर्भवती महिलाओं को लाकर एएनसी जांच करवाने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का पंजीयन के पश्चात् चार बार नियमित जांच होना अनिवार्य है। इसके लिए महिला बाल विकास अधिकारी को कड़ी हिदायत दी है अन्यथा कार्यवाही की चेतावनी दी गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से चिन्हांकित महिलाओं का नियमित निगरानी करने के लिए भी कहा है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही करने वाले संबंधित अधिकारी सीडीपीओ पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।

उन्होंने कहा कि दूरस्थ अंचल के पहुंचविहीन क्षेत्रों की ऐसी ं गर्भवती महिलाए जिनका एनसी जांच हो गया है और उन महिलाओं को डिलिवरी तिथि के 10 दिन पूर्व नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराएं ताकि संस्थागत प्रसव में प्रगति लाया जा सके। उन्होंने महिला बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि एएनसी जांच रिपोर्ट में दोनों विभाग का मिलान होना चाहिए और संस्थागत प्रसव में दिए गए लक्ष्य में शत् प्रतिशत प्रगति दिखनी चाहिए।
उन्होंने जिले के चेक पोस्ट बार्डर में भी कोरोना की जांच कराने के निर्देश दिए है। साथ ही हेल्थवर्कर, फ्रंटलाईन वर्कर, छूटे हुए लोगों का शत् प्रतिशत् टीका कराने के निर्देश दिए है।

उन्होंने कहा कि प्रतिदिन टीकाकरण की जानकारी देें और सभी विकासखंड के एसडीएम, जनपद सीईओ को अपने-अपने क्षेत्र में निरीक्षण करने बैठक लेकर टीकाकरण करवाने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि पहले ग्राम पंचायतों को ओडीएफ करने के लिए अभियान चलाया जाता था। उसी तर्ज पर टीकाकरण को भी अभियान चलाकर सफल बनाए। सरपंच सचिवों के माध्यम से भी लोगों में टीकाकरण के प्रति जागरूकता लाने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत् स्वास्थ्य केन्द्रों में शत् प्रतिशत् लोगों का कार्ड बनाए। ग्राम पंचायतों में व्हीएलई को सक्रिय करके छूटे हुए लोगों का कार्ड बनाने कहा है। उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में नेट की सुविधा नहीं है, व्हीएलई सक्रिय नहीं है या अन्य मूलभूत की आवश्यता है तो उसकी भी जानकारी बनाकर प्रस्तुत करें। साथ ही हमर मॉडल लैब और नगरीय क्षेत्रों में सस्ती दवाई दुकान भी खोला जाना है इसके लिए आवश्यक जानकारी देने के लिए कहा है ताकि हितग्राहियों को इसका लाभ दिया जा सके।

समीक्षा के दौरान उन्होंने मुख्य स्वास्थ्य सूचांक जिले के अधोसंरचना एवं भवन विकास संबंधित संस्थावार जानकारी, विभिन्न सेवा संवर्ग के स्वीकृत, कार्यरत, एवं रिक्त पदों की जानकारी, कोविड सेम्पल कलेक्शन, टीकाकरण की प्रगति, संस्थागत प्रसव की प्रगति, कुष्ठ रोगियों का चिन्हांकन, महिलाओं एवं बच्चों का टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण, फैमली प्लानिंग, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना की प्रगति, आयुष्मान कार्ड एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।

मुख्यचिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना के अंतर्गत विभिन विकासखडों एवं हाट-बाजारों में जहां बाजार की सुविधा है वहां क्लीनिक लगाया जा रहा है। वर्ष 2021-22 में अब तक 2071 लोगों को लाभांवित किया जा चुका है। इसी प्रकार आयुष्मान कार्ड योजना के तहत 4 लाख 97 हजार 261 लोगों का कार्ड बनाया गया है।

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