videoः बच्चों को संक्रमण का खतरा..कांग्रेस अध्यक्ष की कलेक्टर से मांग..ऑनलाइन हो क्लास ..अभिभावकों ने भी लगाई गुहार..जताई की चिंता

बिलासपुर—एक से पांच तक की कक्षाओं में पढ़ने वाले नन्हें बच्चों के अभिभावकों ने आज कलेक्टर और जिला शिक्षा विभाग का घेराव किया। अभिभावकों ने प्रशासन को बताया कि न्हें बच्चों की आफलाइन क्लास लगाना उचित नहीं है। कोरोना संक्रमण अभी भी है। दिनों दिन आंकड़ों में वृद्दि देखने को मिल रही है। ऐसी सूरत में बच्चों की स्कूल भेजा जाना उचित नहीं होगा। कक्षाएं आनलाइन संचालित किया जाना चाहिए। मामले में अभिभावकों चिन्ता को लेकर कांग्रेस नेता विजय केशरवानी ने भी आनलाइन  क्लास का समर्थन किया है।  

          जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी ने बच्चों की आनलाइन कक्षा संचालित किए जाने को लेकर चिन्ता जाहिर किया है। कलेक्टर को पत्र लिखकर विजय केशरवानी ने कक्षा एक से पांच तक की कक्षाओं को आफलाइन नहीं लिए जाने की मांग किया है। विजय केशरवानी कलेक्टर डॉ.सारांश मित्तर से बच्चों की आनलाइन क्लास संचालित किए पर अभिभावकों की चिन्ता को रखा।

                       जिला कांग्रेस अध्यक्ष ग्रामीण विजय केशरवानी ने कलेक्टर को बताया कि नन्हें बच्चों की आफलाइन क्लास किए जाने से अभिभावकों में चिंता और नाराजगी दोनो ही है। कोरोना का प्रकोप अभी कम नहीं हुआ है। ऐसी सूरत में बच्चों की कक्षाएं आनलाइन ही लिया जाना उचित होगा। 

               केशरवानी के अनुसार बातचीत के दौरान कलेक्टर डॉ.सारांश मित्तर ने बताया कि बच्चों की आफलाइन क्लास शुरू किए जाने का शासन से आदेश है।  जिला प्रशासन की कोई भूमिका नहीं है। उन्होने दुहराया कि बच्चों के अभिभावकों की परेशानी को समझा जा सकता है। 

              केशरवानी के बताया कि लिखित के साथ फोन पर कलेक्टर डॉ.मित्तर को अबताया कि कक्षा एक से आठवीं के बच्चों का वैक्सीनेशन नहीं हुआ है। ऐसे में बच्चों की क्लास आफलाइन लगाया जाना उचित नहीं होगा। वर्तमान शिक्षा सत्र भी अब खत्म होने वाला है। परीक्षाएं भी सिर पर है। आफलाइन क्लास में यदि कोई भी बच्चा संक्रमित पाया गया खामियाजा सभी को भुगतना पड़ सकता है। संभव है कि बच्चों का साल भी खराब हो जाए। चुूंकि सारी कक्षाएं आन लाइन हुई है। आफलाइन कक्षाएं शुरू होने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होगी। इसलिए छत्तीसगढ़ और सीबीएसआई  की  एक से पांच की कक्षाएं आनलाइन ही लिया जाना उचित होगा।  

              कलेक्टर ने केशरवानी को बताया कि अभिभावकों की परेशानियों को शासन के सामने रखा जाएगा। प्रयास होगा कि शासन अभिभावकों की चिन्ता को प्राथमिकता से लेते हुए जो भी उचित निर्णय लेगा।    

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