पंचायत मंत्री की समीक्षा बैठक..धरम ने कहा..इस अधिकारी को सस्पेन्ड करो..पढ़े..क्यों धरमजीत ने बोला..मेडल से करूंगा सम्मानित..टीएस ने की पीएमजीएसवाय विभाग की जमकर तारीफ

बिलासपुर—प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री टीएस सिंहदेव ने आज अपने विभागों के अधिकारियों की  संभागीय समीक्षा बैठक कर कामकाज का हिसाब किताब लिया। दो चरणों में करीब चार घंटे तक चली समीक्षा बैठक काफी उतार चढ़ाव  वाला रहा। बैठक में पंचायत, आरईएस, पीएमजीएसवाय, स्वास्थ्य और जीएसटी विभाग के अधिकारियों के अलावा बिलासपुर,जांजगीर और मुंगेली जिला के कमोबेश सभी  विधायक शामिल हुए। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने पंचायत मंत्री से मुंगेली आरईएस कार्यपालन अभियंता को सस्पेन्ड किए जाने की मांग की। धरमजीत ने भी शिकायत किया कि  मुंगेली जिला पंचायत सीईओ ने कभी जनप्रतिनिधियों को तवज्जो नहीं दिया। उन्होने बैठक में गलत जानकारी दिया है। यदि उन्होने एटीआर में किये गए पांच हजार से अधिक काम में से 25  काम का भौतिक सत्यापन पेश कर दें। तो उन्हें सबके सामने गोल्ड मेडल से सम्मानित करूंगा। 
                   प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री टीएस सिंहदेव ने शुक्रवार को मंथन सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक किया। इस दौरान बिल्हा विधायक और नेता प्रतिपक्ष विधानसभा धरमलाल कौशिक, लोरमी विधायक धरमजीत सिंह,मुंगेली विधायक पुन्नुलाल मोहले,तखतपुर विधायक संसदीय सचिव रश्मि आशीष सिंह, बिलासपुर विधायक शैलेष पाण्डेय,बेलतरा विधायक रजनीश सिंह, मस्तूरी विधायक डॉ.कृष्णमूर्ति बांधी, अकलतरा विधायक सौरभ सिंह, जांजगीर विधायक नारायण चंदेल विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में मेयर रामशरण यादव, जिला पंचायत सभापति अरूण सिंह चौहान, जिला कांग्रेस और शहर अध्यक्ष, विजय पाण्डेय और  विजय केशरवानी, एल्डरमैन शैलेन्द्र जायसवाल, पंकज सिंह में शामिल हुए। इसके अलावा विभाग के सभी आलाधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।
              बैठक की शुरूआत में सभी जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया गया। इस दौरान शैलेश पाण्डेय ने जिला पंचायत अधिकारी के प्रति कटाक्ष कर कहा कि कम से कम पहली बार सम्मान दिया।
             सबसे पहले  जिला पंचायत के काम काज की समीक्षा हुई। बिलासपुर जिला पंचायत सीईओ हरीश ने प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश किया। नरवा घुरवा गरवा बारी समेत बिजली पानी सड़क की वस्तुस्थिति से मंत्री को अवगत कराया। कहीं कमजोर तो कहीं बेहतर परिणाम मिलने पर मंत्री ने जरूरी दिशा निर्देश दिया।

तखतपुर विधायक ने मांगा जवाब

                  अवशिष्ट प्रबंधन के काम काज और खरीदी को लेकर संसदीय सचिव ने अपनी बातों को रखा। रिपोर्ट पेश किए जाने के दौरान रश्मि सिंह ने कहा कोरोना के शुरूआत में 11 करोड़ की खरीदी बिल पेश किया गया। अभी जो कुछ बताया जा रहा है संदेह को पैदा करता है। सीईओ ने बताया कि तात्कालीन समय की उन्हें जानकारी नहीं है। इस पर रश्मि सिंह ने दो टूक कहा कि मामले में छानबीन की जरूरत है। आखिर 11 करोड़ बिल किसा बात का है।         
              बैठक में लोरमी विधायक धरमजीत सिंह ने मुंगेली जिला सीईओ को जमकर घेरा। उन्होने बताया कि जनप्रतिनिधियों का कोई सम्मान नहीं है। विधायक होने के बाद भी कहा गया कोई काम नहीं किया जाता है। तीन साल में जनता के लिए तीस कहा। लेकिन मजाल है कोई काम हुआ हो। आखिर ऐसा हो क्यों रहा है। अधिकारी सुनते नहीं है। जनता परेशान है।
सीईओ को धरमजीत ने घेरा..बाबा ने समझाया
                जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि मुंगेली समेत एटीआर में हमने करीब 5557 काम किया है। चाहे पौधरोपण हो या नरवा घुरवा गरवा बारी योजना का काम हो। काम को पूरी ईमानदारी से किया गया है। इस पर धरमजीत ने कहा कि हम चाहते शर्म की बात है कि जम हम काम देखने की मांग करते हैं तो अधिकारी कहता है कि विधायक को कोई अधिकार नहीं है। इतना सुनते ही मंत्री टीएस ने कहा कि दूरियां बनाकर रखना अच्छी बात है लेकिन विधायकों और जनप्रतिनिधियों की अपनी जवाबदेही होती है। अधिकारियों को काम काज की जानकारी लगातार विधायकों को देते रहना चाहिए।
धरमजीत दौरा के बाद करूंगा सम्मान
                           धरमजीत ने कहा कि हम आश्चर्य की बात है कि एटीआर में पौधरोपण हुआ है। पांच हजार से अधिक काम को अंजाम दिया गया है। हमें काज की सूची दें। यदि 25 काम भी हुआ होगा तो अधिकारी को गोल्ड मेडल से सम्मानित करूंगा। इस पर मुंगेली सीईओ ने सात जून के अन्दर सूची दिए जाने की बात कही। धरमजीत ने भी कहा कि हम निरीक्षण करेंगे। क्योंकि काम तो हुआ ही नहीं है। फिर होने का सवाल ही नहीं उठता है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा बाबा साहेब सस्पेन्ड करो

           नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने मुंगेली आरईएस कार्यपालन अभियंता पी.के.शर्मा  को तत्काल सस्पेन्ड किए जाने का मंत्री पर दबाव बनाया। उन्होने कहा कि पिछले डेढ़ साल से कोई काम ही नहीं हुआ है। शर्म की बात है कि 80 काम में से मात्र एक काम पूरा किया गया है। नाराज नेता प्रतिपक्ष ने समीक्षा बैठक का बहिष्कार किया। बाद में उन्हें मनाकर बैठक में लाया गया। यद्यपि इस दौरान प्रमुख सचिव रेणुका पिल्लई ने मोर्चा संभाला उन्होने कहा कि दरअसल प्रजेन्टेशन फार्मेट में कुछ गड़बड़ी है। सच तो यह है कि 81 में से 80 काम की स्वीकृति ही नहीं हुई है। इसलिए काम पूरा नहीं हुआ है। 

बिलासपुर पीएमजीएसवाय की तारीफ—

                       मंत्री टीएस सिंहदेव ने पीएमजीएसवाय की प्रगति रिपोर्ट में खुशी जाहिर किया। उन्हें कहना पड़ा कि बिलासपुर जिला ने अच्छा और बेहतर काम किया है। अधिकारियों ने बैठक के दौरान बताया कि पीएमजीएसवाय के तीसरे फेज में कुल 29 काम पूरा किया जाना है। अभी तक 22 काम पूर्णता की तरफ हैं। डामरीकरण का काम पुरा हो चुका है। बरसात के डामरीकरण किए सड़कों का शोल्डर और नाली निर्माण का कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा बचे सात में से चार सडकों का डामरीकरण बरसात के पहले पूरा हो जाएगा। बाकी 4 अन्य सडकों का काम नवम्बर तक कम्पलीट हो जाएगा।

                    बैठक में अकलतरा विधायक ने सामुदायिक शौचालय में खामियों को गिनाया। नारायण चन्देल पंचायत के काम की शिकायतों को रखा। मस्तूरी विधायक कृष्णमूर्ति विधायक ने मनरेगा के कामकाज को लेकर अंसतोष जाहिर किया। उन्होने बताया कि हर तरफ काम अधूरा है। सीईओ गलत रिपोर्ट पेश कर रहे हैं।

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