मेरा बिलासपुर

SBR कालेज मैदान निलामी आदेश का छात्रों ने किया उग्र विरोध..कलेक्टर कार्यालय को घेरा…पुलिस ने किया अभद्र व्यवहार

कलेक्टर से मिला भरोसा..पुलिस ने छात्रों का तोड़ा दिल..

बिलासपुर—हाईकोर्ट से कालेज मैदान निलामी आदेश के फैसले के खिलाफ एसबीआर कालेज समेत डीपी विप्र और सकरी कालेज के छात्रों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। कलेक्टर से मिलकर छात्रों ने मैदान को बचाने का फरियाद किया। छात्रों ने ऐलान किया कि हमारे पास अब उग्र आंदोलन के सिवाय कोई दूसरा रास्ता नहीं है। हां कलेक्टर महोदय ने मैदान बचाने का आश्वासन दिया है। लेकिन हम शांत होने वाले नहीं है। विरोध के बीच कालेज मैदान बचाने को लेकर यद्यपि जिला प्रशासन ने कोई बयान सामने नहीं आया। लेकिन विरोध करने पहुंचे छात्रों के खिलाफ पुलिस अधिकारियों का अभद्र व्यवहार जरूर  किया। जिसे लेकर छात्रों की नाराजगी दोगुनी हो गयी है।

हाईकोर्ट से एसबीआर कालेज मैदान निलामी का फैसला आने के बाद छात्रों का आक्रोश दिनों दिन तूल पकड़ता जा रहा है। आज डीपी विप्र, एसबीआर समेत सकरी कालेज के छात्रों ने सैकड़ों की संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर घेराव किया। छात्रों ने कलेक्टर सौरभ कुमार से मिलकर जिले के सबसे पुराने और एक मात्र कालेज के मैदान को बचाने की गुहार लगायी है।
छात्रों से पुलिस का अभद्र व्यवहार
           प्रदर्शन कर रहे बच्चों के साथ इस दौरान पुलिस का व्यवहार कुछ ज्यादा ही सख्त नजर आया। छात्रों में पुलिस के अभद्र व्यवहार को लेकर जमकर नाराजगी देखने को मिली। छात्रों ने बताया कि हम अपनी मांग लेकर आए हैं। लेकिन पुलिस ने हमारे साथ असामाजिक तत्वों की तरह व्यवहार किया है। मामले की शिकायत पुलिस कप्तान से करेंगे। क्योंकि हमारे साथ जिस तरह से व्यवहार किया गया वैसा व्यवहार शायद चोर उचक्कों से ही किया जाता है।
बोतल से जिन्न बाहर आया
 प्रदर्शनकारियों ने बताया कि एसबीआर कालेज मैदान का मामला दो साल बाद फिर बोतल से जिन्न की तरह बाहर आया है। उच्च न्यायालय ने महाविद्यालय के पास एक मैदान को निलामी किए जाने का फैसला दिया है। खेल मैदान के ब्रिक्री हो जाने से कालेज का कोई अस्तित्व नहीं रह जाएगा। जबकि एसबीआर कालेज स्थापना समय से आज तक दर्जनों राष्ट्रीय, प्रदेश और जिलास्तर के खिलाड़ियों ने खेल जगत में अपना योगदान दिया है।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार बजाज परिवार ट्रस्ट ने सालों पहले जमीन छात्रहित में शासन को दान दिया। अब उसी जमीन को वापस मांगा जा रहा है। यह जानते हुए भी कि जमीन पर ना केवल शासन का अधिकार है। बल्कि बच्चों का भविष्य भी जुड़ा हुआ है। ट्रस्ट के लोगों ने गुपचुप तरीके से शाशन प्रशासन को हाईकोर्ट से जारी किए गए नोटिस को भी तलब नहीं होने दिया। जिसके चलते जिला प्रशसन की तरफ से किसी प्रकार का पक्ष नहीं रखा गया है। कलेक्टर ने जरूर आश्वासन दिया है कि मामले में जल्द ही हाईकोर्ट के सामने रखा जाएगा।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार जिले में एसबीआर कालेज को छोड़कर किसी भी महाविद्यालय के पास इतना बड़ा मैदान नही है। आसपास ग्राउण्ड नही होने के कारण मैदान में कालेज खिलाडियों के अलावा शहर के विभिन्न स्थानों से खिलाडी खेलने, दौडने, व्यायाम करने पहुंचते हैं। प्रदर्शकारी छात्रों ने बताया कि हम अब जिले के सभी महाविद्यालयों के छात्रों का एक सभा बुलाने जा रहे हैं। विचार-विमर्श के बाद उग्र आंदोलन का कदम उठाया जाएगा। अब तक हमने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री,नगर विधायक और महापौर के ज्ञापन देकर अपनी बातों को मजबूती के साथ पेश किया है।

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