VIDEO-कर्मचारियों का जंगी प्रदर्शन..रैली के साथ किया शक्ति प्रदर्शन..चन्द्रा ने कहा..मांग को गंभीरता से लेना होगा..अन्यथा कलम बन्द हड़ताल

बिलासपुर— छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेश ने आज प्रदेशस्तरीय एक दिवसीय हडताल किया। इस दौरान कर्मचारी और अधिकारियों ने सरकारी कामकाज का वहिष्कार किया। नेहरू चौक पर धरना प्रदर्शन के बाद रैली निकालकर एकता का परिचय दिया। सभी कर्मचारियों ने प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा, संभागीय संयोजक वीपी सोनी, महासचिव जीआर चन्द्रा और कोषाध्यक्ष इंजीनियर बिन्द्रा प्रसाद की अगुवाई में जिला जिला कार्यालय पहुंचकर सरकार को पन्द्रह बिन्दु वाला मांग पत्र दिया। कर्मचारी नेता जीआर चन्द्रा ने दुहराया कि यदि सरकार ने कर्मचारियों अधिकारियों की मांग को गंभीरता से नहीं लिया तो जल्द ही कलमबन्द अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जाएगा।

           संगठन के नेता महासचिव जीआर चन्द्रा ने बताया कि कर्मचारी अधिकारी संगठन ने जब तक अपनी पन्द्रह सूत्रीय मांग को लेकर शासन से निवेदन किया। लेकिन हर बार मांग को या तो ठुकराया दिया गया। या फिर गंभीरता से नहीं लिया गया।

                 21 नम्बर 2020 और 8 अगस्त 2021 को संगठन के बैठक में शासन के उपेक्षा को देखते हुए सभी कर्मचारी और अधिकारी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी माग को सरकार के सामने रख रहे हैं।

      चन्द्रा ने बताया कि हमारी मांग है कि सरकार लिपिक संवर्ग के वेतन विसंगति का निराकरण करते हुए शिक्षक और स्वास्थ्य संवर्ग का भी वेतन विंसगति को दूर करे। कर्मचारियों और पेंशनरों को जुलाई 2019 से अभी तक का मंहगाई भत्ता तत्काल जारी किया जाए। बकाया एरियर्स का चार किश्तों में भुगतान किए जाने का आदेश दिया जाए। सभी विभागों में लंबित संवर्गीय पदोन्नति क्रमोन्नति समयमान वेतनमान का लाभ समय सीमा में दिया जाए।

            चन्द्रा ने कहा कि सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी और सहायक शिक्षक पद पर नियुक्त शिक्षकों को तृतीय समयमान वेतनमान सरकार स्वीकृत करे। शासकीय सेवा के दौरान कोरोना संक्रमण से मृत कर्मचारियों अधिकारियों के परिवार को राजस्थान सरकार की तर्ज पर 50 लाख रूपए अनुग्रह राशि की स्वीकृत दी जाए। 

         इसके अलावा विभिन्न  विभागों मे काम कर रहे अनियमित कर्मचारियों को नियमित किया जाए। सरकार अपनी जनघोषणा पत्र में किये गए वादे के अनुसार चार स्तरीय पदोन्नत वेतनमान स्वीकृत का आदेश जारी करे। वेतन पुनरीक्षण के अलावा पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाए। पटवारियों को पदोन्नति के साथ ही लैपटाप और कार्यालयों में कम्प्यूटर की सुविधा दी जाए। सिम्स में  नियुक्त चतुर्थ और तृतीय वर्ग कर्मचारियों को सात साल से लंबित परिवीक्षा अवधि को खत्म किया जाए।

              चन्द्रा ने बताया कि यदि सरकार ने मांग को गंभीरता से नहीं लिया तो उग्र आंदोलन के साथ ही कलमबन्द अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जाएगा।

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