आदिवासी नेता नन्दकुमार साय क्यों नहीं बनाए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री..? डॉ.रमन सिंह ने कहा..सवाल का जवाब नहीं है मेरे पास..राष्ट्रीय अध्यक्ष ही बताएंगे

बिलासपुर–छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने बीजेपी के वरिष्ठ आदिवासी भाजपा नेता नंदकुमार साय के आरोपों पर कहा कि उनकी उपेक्षा को लेकर उस समय के भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ही जवाब दे सकते हैं। डॉ रमन सिंह ने कहा कि नंदकुमार साय नाराज नहीं हैं और लगातार मिलते-जुलते रहते हैं। 
 
                          निजी दौरे पर बिलासपुर आए डॉ रमन सिंह ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान सवालों का जवाब देते हुए यह बात कही। उनसे पूछा गया था कि हाल ही में वरिष्ठ आदिवासी नेता नंद कुमार साय ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर बीजेपी ने उनकी उपेक्षा की है। इस आरोप के बारे में पूछे जाने पर डॉ रमन सिंह ने कहा कि पिछले 15 साल में कितना क्या हुआ… इसके बाद महानदी में काफी पानी बह गया है और कई नई धाराएं बह गई हैं। उस समय क्या हुआ इस बारे में उस समय के राष्ट्रीय अध्यक्ष से पूछा जाना चाहिए । इन बातों का जवाब डॉ. रमन के पास नहीं है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि नंदकुमार साय नाराज नहीं है…। वे लगातार मिलते-जुलते रहते हैं।
 
                                          डॉक्टर रमन सिंह ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बैठ गई है। हालत ऐसी है कि केंद्र सरकार की योजनाओं के लिए भी पैसा नहीं दे पा रही है। इसी वजह से प्रधानमंत्री आवास योजना से छत्तीसगढ़ को पृथक कर दिया गया है। इससे छत्तीसगढ़ में करीब 14 लाख़ मकान नहीं बन पाएंगे और इसका नुकसान गरीबों को होगा। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में 2017 से रेडी टू ईट का संचालन महिला सहायता समूह को दिया जा रहा है। अब स्व सहायता समूह की महिलाओं से इसे वापस लेकर हरियाणा के प्राइवेट ठेकेदार को दिया जा रहा है।  इससे बड़ी संख्या में महिलाएं बेरोजगार हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि कमीशन खोरी करने वाले क्या जवाब देंगे। रमन ने बताया कि कि छत्तीसगढ़ सरकार धान खरीदी के लिए बारदाना का इंतजाम नहीं कर पा रही है और केंद्र पर उल्टा आरोप लगा रही है। किसान आंदोलन में मरने वाले किसानों को शहीद का दर्जा दिए जाने के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि इसका फैसला  संसद को करना है।

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