मेरा बिलासपुर

जो करना चाहिए राज्यपाल..नहीं कर रहीं..सीएम भूपेश ने कहा..हस्ताक्षर कर लौटाएं बिल.संविधान में निहित हैं बाबा के विचार..बोड़सरा धाम के लिए किया 1 करोड़ का एलान

बिलासपुर—-बिल्हा में आयोजित गुरू घासीदास जयंति में प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल ने शिरकत किया। रायपुर से सीधे कार्यक्रम स्थल पहुंचकर गुरूगद्दी पर मत्था टेका। राज्य की खुशहाली के लिए लिया आशीर्वाद मांगा। मुख्यमंत्री भूपेश बगेल ने इस दौरान विशाल सभा को संबोधित किया। उन्होने कहा कि बाबा के रास्ते पर चलकर ही समाज और राष्ट्र का विकास संभव है। एलान किया कि बोड़सरा धाम, बिल्हा और पत्थरखदान में सतनामी समाज के सामुदायिक भवन का निर्माण 1.60 करोड़ की लागत से कराया जाएगा। मंच से सीएम ने बताया कि वह दिन अब नहीं रहे..जब खेती किसानी को घाटे का धंधा कहा जाता था। सरकार की  किसान हितैषी नीतियों से खेती अब लाभ का धंधा हो गया है। 31 मार्च से पहले किसानों को प्रोत्साहन राशि की चौंथी किश्त मिल जाएगी। अब तो गांव से पलायन कर शहर में बस चुके किसान भी गांव लौटने लगे हैं।
 
बोड़सरा धाम का किया एलान
 
                        मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सोमवार को तहसील मुख्यालय बिल्हा में आयोजित गुरू घासीदास जयंती समारोह में शिरकत कयिा। मुख्यमंत्री ने गुरू घासीदास गुरूद्वारा गुरूगद्दी और  जैतखाम पर मत्था टेक कर राज्य की समृद्धि और खुशहाली का बाबा से आशीर्वाद मांगा। सतनामी समाज की मांग पर मुख्यमंत्री ने बोड़सरा धाम में सांस्कृतिक भवन के लिए 1 करोड़ राशि का एलान किया। बिल्हा और पत्थरखदान में 30-30 लाख रूपयों की लागत से सतनामी समाज सामुदायिक भवन बनाए जाने की बात कही। इस दौरान सतनामी समाज के राजमहंतों और  महंतों ने पारम्परिक पगड़ी पहनाकर मुख्यमंत्री का अधिनंदन भी किया। बघेल ने कहा कि बाबा के बताये सत्य के रास्ते पर चलकर ही छत्तीसगढ़ सरकार पुरखों और महापुरूषों के खुशहाल छत्तीसगढ़ के सपने को पूरा कर रही है।
 
बाबा के मार्ग पर चलकर मिलेगी खुशहाली,होगा विकास
 
                           मुख्यमंत्री ने विशाल सभा को संबोधित किया। बघेल ने कहा कि बाबा घासीदास के संदेश आज के संदर्भ में ज्यादा प्रासंगिक है। बाबा ने उस समय के समाज में प्रचलित ऊंच-नीच, भेद-भाव, छूआछूत का प्रबल विरोध किया। मनखे-मनखे एक समान का उपदेश दिया। बाबा जी की यही भावना को बाबा साहेब अम्बेडकर ने संविधान की प्रस्तावना में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि मतभेद से नहीं बल्कि सामाजिक समरसता से ही समाज और देश का विकास संभवन है। बघेल ने राज्य सरकार की पिछली 4 साल की उपलब्धियों को उपस्थित लोगों के सामने रखा। जोर देकर कहा कि अब वह जमाना लद गया जब लोग कहते थे कि खेती घाटे का रोजगार है। सच तो यह है कि अब सरकार की कुशल नीतियों के चलते खेती  लाभ का सौदा हो गया है। खेती छोड़ शहर में बस चुके लोग अब लौटने लगे हैं।
 
विपरीत परिस्थियों में रिकार्ड तोड़ खरीदी
 
                     मुख्यमंत्री ने बताया कि विपरित परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश सरकार ने किए गए सभी वादों को किया है। राज्य में आज की तारीख तक 57 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान की खरीदी हो चुकी है। चार साल पहले इतना ही धान खरीदा जाता था। हमारी सरकार ने साल-दर-साल ज्यादा मात्रा और ज्यादा किसानों से धान खरीदी कर रही है। इस साल 1.10 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य  है।
 
शहर से लौटने लगे किसान
 
                  मुख्यमंत्री ने कहा कि धान खरीदी व्यवस्था का हमने सरलीकरण और विकेन्द्रीकरण किया है। नये खरीदी केन्द्र खोलकर किसानों के नजदीक पहुंचे हैं।  धान की तौलाई, ढुलाई, भुगतान, मिलिंग सभी काम सुचारू रूप से चल रहे हैं। उन्होने किसानो से कहा कि पैरा खेतो में ना जलाएं।  गौठानों को ज्यादा से ज्यादा पैरादान कर गौसेवना का पुण्य लाभ कमाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने फेैसला किया है कि एससी और ओबीसी केटेगरी के बच्चों के लिए भी संभागीय स्तर पर प्रयास स्कूल खोले जाएंगे। आईटीआई उन्नयन के लिए भी 1200 करोड़ रूपये दिये जाने का निर्णय सरकार ने लिया है।
 
जनसंख्या के अनुसार आरक्षण
 
                              मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के बाद पत्रकारों को बताया कि विधानसभा से पारित नये विधेयक में अनुसूचित जाति वर्ग को जनसंख्या के अनुरूप 13 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।  2011 की जनसंख्या के अनुसार राज्य में 12.82 प्रतिशत अनुसूचित जातियों की जनसंख्या निवास करती है। 2021 जनगणना जनसंख्या के अनुसार  ही आरक्षण प्रतिशत में सुधार किया जाएगा। संविधान में एससी और  एसटी वर्ग को उनकी जनसंख्या के अनुरूप आरक्षण दिये जाने का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति वर्ग के लोग यदि सहमत हों तो ओबीसी के लिए राज्य में बनाये गये पटेल आयोग की तरह एससी के हेडकाउण्ट के लिए भी आयोग बनाया जा सकता है।
 
इनकी विशेष उपस्थिति
 
                      मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार एससी,एसटी, ओबीसी वर्ग को उनके अधिकार दिलाने के लिए वचनबद्ध है। जयंती समारोंह को बिलासपुर मण्डी अध्यक् राजेन्द्र शुक्ला ने भी सम्बोधित किया। स्वागत भाषण कार्यक्रम संयोजक विनोद दीवाकर ने किया। इस अवसर पर संसदीय सचिव रश्मि सिंह, विधायक शैलेश पाण्डेय, पर्यटन मण्डल अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, एपेक्स बैंक अध्यक्ष बैजनाथ चन्द्राकर, अरपा विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभय नारायण राय, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रमोद नायक, पूर्व विधायक दिलीप लहरिया समैेत बड़ी संख्या में सतनामी समाज के अनुयायी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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